लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घोटाला: विजिलेंस ने जालंधर नगर सुधार ट्रस्ट के एक्सईएन समेत चार को गिरफ्तार किया
विजिलेंस की टीम ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया और वहीं फरार चल रहे नगर सुधार ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन रमन बाला सुब्रह्मण्यम की तलाश की जा रही है, जबकि ईओ कुलजीत कौर, प्रवीण कुमार सेल्स क्लर्क, क्लर्क गगनदीप और पूर्व चेयरमैन के पीए संदीप शर्मा को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
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इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घोटाले में जांच करने में जुटी विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार को नगर सुधार ट्रस्ट जालंधर में तैनात एक्सईएन जगदेव सिंह सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार चार आरोपियों में जगदेव सिंह एक्सईएन के साथ-साथ जेई इंद्रजीत सिंह, नगर निगम लुधियाना में जेई तैनात मंदीप सिंह और प्राइवेट व्यक्ति कमलजीत सिंह को गिरफ्तार किया है।
विजिलेंस की तरफ से पहले दर्ज मामले में जांच के दौरान चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस मामले में नगर सुधार ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन रमन बाला सुब्रह्मण्यम अभी फरार चल रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक्सईएन जसदेव सिंह पूर्व चेयरमैन रमन बाला सुब्रह्मण्यम के समय में लुधियाना में तैनात था और पूर्व चेयरमैन के साथ काफी अच्छे संबंध हैं।
विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि थाने में आईपीसी की धारा 7, 7 ए के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और 120-बी के दर्ज मामले की जांच के दौरान आर्थिक अपराध शाखा लुधियाना ने पाया कि एलआईटी के अधिकारियों ने भ्रष्ट आचरण और अन्य लोगों की मिलीभगत से एलडीपी योजना के तहत अनधिकृत व्यक्तियों को प्लाट आवंटित किए थे। हालांकि कुछ आवंटियों की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी लेकिन उनके प्लाटों को एलआईटी अधिकारियों द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वाले अनधिकृत व्यक्तियों को फिर से आवंटित किया गया था और लाभार्थियों से भारी रिश्वत ली गई थी।
उन्होंने बताया कि इस जांच के दौरान यह रिकॉर्ड में आया है कि मॉडल टाउन एक्सटेंशन, लुधियाना में प्लॉट नंबर 1544-डी, एक निजी व्यक्ति कमलदीप सिंह को नियमों का उल्लंघन करने के लिए आवंटित किया गया था। इस मामले में बूटा राम ट्रस्ट इंजीनियर इंद्रजीत सिंह जेई और जसदीप सिंह एक्सईएन, मनदीप सिंह जेई एमसी लुधियाना ने उक्त इलाके में पानी और सीवरेज की सुविधा नहीं होने के संबंध में एलआईटी को झूठी रिपोर्ट तैयार की थी।
आवंटी का पक्ष लेने के उद्देश्य से, उपर्युक्त अधिकारियों ने सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन प्राप्त किए बिना 27 लाख रुपये का गैर-निर्माण जुर्माना माफ कर दिया था, जबकि इसे आवंटी से वसूलना आवश्यक था, जिससे भारी वित्तीय नुकसान हुआ था। विजिलेंस की टीम ने जांच के दौरान चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया और इस मामले में फरार चल रहे नगर सुधार ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन रमन बाला सुब्रह्मण्यम की तलाश की जा रही है, जबकि इस मामले में ईओ कुलजीत कौर, प्रवीण कुमार सेल्स क्लर्क, क्लर्क गगनदीप और पूर्व चेयरमैन के पीए संदीप शर्मा को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।