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बहुत खूब! दावा एम्स के समकक्ष होने का और शाम 5 बजे मुख्य स्टोर पर लग जा रहा ताला

Thu, 09 Dec 2021 01:42 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 09 Dec 2021 01:42 AM IST
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very nice Claims to be equivalent to AIIMS and the main store is being locked at 5 pm
चंडीगढ़। पीजीआई एम्स के समकक्ष होने का दावा कर रहा है, जबकि वस्तुस्थिति एक स्वास्थ्य केंद्र से भी ज्यादा खराब है। देश के श्रेष्ठ चिकित्सा संस्थानों में शामिल पीजीआई के नेहरू अस्पताल में बने मुख्य सर्जिकल स्टोर पर शाम 5 बजे के बाद ताला लग जाता है।
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पीजीआई में चंडीगढ़ ही नहीं, पंजाब-हरियाणा के साथ देशभर के अलग-अलग हिस्सों से गंभीर रेफर मरीज आते हैं। पीजीआई के लगभग 10 हजार कर्मचारियों और आयुष्मान भारत के अनगिनत लाभार्थियों को इससे परेशानी हो रही है। शाम 5 बजे के बाद बाहर बाजार से कई गुना महंगे सर्जिकल आइटम खरीदने को मजबूर हैं। दूसरी सबसे बड़ी बात यह है कि आयुष्मान भारत के अंतर्गत मिलने वाला आर्थिक लाभ इलाज पूरा होने से पहले ही खत्म हो जा रहा है। इस संदर्भ में पीजीआई के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि वे अनुमान के आधार पर ट्रॉमा और इमरजेंसी के संभावित मरीजों के लिए पर्याप्त आइटम देकर स्टोर में ताला लगाते हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पीजीआई कर्मचारी संघ ने सेंट्रल विजिलेंस कमीशन में शिकायत की है।
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निदेशक का रात 10 बजे तक स्टोर खोलने का आदेश ठेंगे पर
पीजीआई निदेशक ने 2019 में बैठक कर मुख्य स्टोर रात 10 बजे तक खोलने का निर्देश दिया था, लेकिन यह व्यवस्था अब तक लागू नहीं की जा सकी है। सूत्रों का कहना है कि इस लागू होने से रोकने में कुछ ऐसे उच्चाधिकारियों की संलिप्तता है, जिनके खिलाफ कोई कुछ नहीं कह या कर सकता। इसलिए निदेशक के आदेश के बावजूद व्यवस्था जस की तस है। चौंकाने वाली बात यह है कि शाम 5 बजे के बाद आने वाले सर्जिकल आइटम के इंडेंट को दवा स्टोर के कर्मचारियों से सत्यापित करवाकर उसकी बाहर से खरीदारी कराई जा रही है।
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इनके जवाब के क्या कहने
पीजीआई में जुलाई 2021 में 8 स्टोर कीपरों की तैनाती की गई है। इस संबंध में मुख्य स्टोर के प्रभारी का कहना है कि कोई भी नया कर्मचारी मुख्य स्टोर में नहीं मिला है। वे हॉस्टल, न्यूक्लीयिर मेडिसिन स्टोर व अन्य जगह चले गए हैं। जितने कर्मचारी पहले कार्यरत थे, उतने ही हैं। इनकी तैनाती डीडीए ऑफिस के अंतर्गत है। प्रभारी के अनुसार अन्य वार्डों के साथ ही ट्रॉमा और इमरजेंसी के मरीजों के आने की संभावित जानकारी वहां के प्रभारी नर्सिंग इंचार्ज को शाम 5 बजे से पहले हो जाती है। इसके आधार पर वे उस संख्या के अनुसार सर्जिकल स्टोर से सामान ले लेते हैं, इस तरह कभी सर्जिकल आइटम की कमी जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
मुख्य स्टोर खुलने का समय
-सोमवार से शुक्रवार सुबह 9 से शाम 5 बजे तक
-शनिवार सुबह 9 बजे से दोपहर दो बजे तक
-अवकाश के दिन स्टोर नहीं खुलता
कोट..
ये तो जनता के साथ खुलेआम धोखा
पीजीआई के अधिकारियों की मिलीभगत से ही मेडिकल स्टोर वाले गरीब जनता को चूना लगा रहे हैं। अगर पीजीआई प्रशासन इसे नजरअंदाज कर रहा है तो केंद्र सरकार को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। क्योंकि पीजीआई सिर्फ चंडीगढ़ के ही नहीं पूरे देश के मरीजों के हित से जुड़ा है।
-काजल शर्मा, सेक्टर 29
यह सोचने का मुद्दा है कि आखिर कुछ ही दुकानों पर मरीजों की इतनी भीड़ क्यों होती है। डॉक्टर दुकान का नाम बताकर दवा लेने के लिए भेजते हैं। अगर पीजीआई निदेशक ने तत्काल मुख्य स्टोर 24 घंटे खुलने का आदेश नहीं दिया, जाहिर है कि इसमें संलिप्तता है। भोपाल एम्स इसका हालिया उदाहरण है।
-अर्जुन कुमार हल्लोमाजरा
कोट-
मुख्य स्टोर के शाम पांच बजे बंद होने की पूरी जानकारी मुझे नहीं है। इस संबंध में स्टोर के प्रभारी ही जानकारी दे पाएंगे।
-प्रो. सुरजीत सिंह, प्रभारी निदेशक पीजीआई
कोट-
पीजीआई में सभी स्टोर शाम 5 बजे बंद हो जाते हैं। फर्नीचर स्टोर, केमिकल, लेनिन स्टोर समेत सभी शाम 5 बजे बंद हो जाते हैं। जहां तक 24 घंटे सर्जिकल स्टोर खोलने की बात है तो इसके लिए पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं। यह कहना गलत है कि शाम 5 बजे के बाद आने वाले मरीजों को सर्जिकल आइटम बाहर से लेना होता है। क्योंकि प्रतिदिन शाम 5 बजे से पहले ट्रॉमा और इमरजेंसी के नर्सिंग स्टाफ इंडेंट के अनुसार आइटम ले लेते हैं, जिससे कोई कमी न होने पाए।

-डॉ. पंकज अरोड़ा, प्रभारी मुख्य स्टोर पीजीआई नेहरू अस्पताल
कोट-
मुख्य सर्जिकल स्टोर शाम 5 बजे बंद कर पीजीआई 2 रुपये का सामान 50 रुपये में मंगा रहा है। यह पीजीआई के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत का नतीजा है या फिर पीजीआई प्रशासन की कमजोरी का परिणाम। इस गलती का खामियाजा बेकसूर मरीजों को भुगताना पड़ रहा है, इसलिए इसकी शिकायत सेंट्रल विजिलेंस कमीशन को की गई है।
-अश्वनी मुंजाल, अध्यक्ष पीजीआई कर्मचारी संघ (नॉन फैकेल्टी)
ऐसे मरीजों को लग रहा चूना
सामान का नाम पीजीआई की खरीद रेट अन्य दुकानों पर रेट इतना अतिरिक्त कर रहे खर्च
अंबू बैग 500 रुपये 653 रुपये 173 रुपये
सेंट्रल वेनस कैथेटर 532 रुपये 1625 रुपये 1093 रुपये
फौली कैथेटर 12 24.48 पैसे 230 रुपये 205 रुपये
ट्रेक्टमी ट्यूब कफ्ड 6 520 रुपये 983 रुपये 463 रुपये
सर्जिकल ग्ल्व्स 10 रुपये 48 रुपये 38 रुपये
आईवी कैनुला 26 जी 12 रुपये 73 रुपये 61 रुपये
पाउडर फ्री ग्लव्ज 7 8.9 पैसे 48 रुपये 39 रुपये
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