{"_id":"e24c60edb92fd7fae14f0776f6ea128e","slug":"verka-strike-cancelled-in-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुशखबरी! हड़ताल टली, मिलता रहेगा दूध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुशखबरी! हड़ताल टली, मिलता रहेगा दूध
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 07 Feb 2014 11:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वेरका बूथ एसोसिएशन चंडीगढ़ ने आज होने वाली हड़ताल को स्थगित कर दिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष ठाकुर सुखविंदर सिंह ने कहा कि मिल्कफेड ने उनकी समस्याओं को हल करने के लिए कुछ दिनों का समय मांगा है।
मिल्कफेड प्रबंधन ने कहा है कि वे नगर निगम से इस बारे में बात करेंगे। इस पर एसोसिएशन ने सहमति जताते हुए फिलहाल हड़ताल को स्थगित कर दिया है।
वेरका मिल्क बूथ एसोसिएशन ने कुछ दिनों पहले मिल्कफेड के मैनेजिंग डायरेक्टर को पत्र भेजकर समस्याओं से अवगत कराया था।
एसोसिएशन का कहना था कि नगर निगम अधिकारी उन्हें मासिक किराया देने को मजबूर कर रहे हैं, जबकि वे हर माह वेरका को 2350 रुपये बूथ का किराया दे रहे हैं।
वहीं पिछले कई वर्ष से वे नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स भी जमा करवा रहे हैं। इसके बावजूद नगर निगम उनसे किराया वसूलने जा रहा है। इतना ही नहीं अतिक्रमण के नाम पर उनका सामान भी जब्त किया जा रहा है।
एसोसिएशन की मांग थी कि मिल्कफेड और नगर निगम खुद इस मसले का निपटारा करें और उन्हें बीच में न लाया जाए। इस मांग को लेकर एसोसिएशन ने सात फरवरी को हड़ताल का ऐलान किया था। अब मिल्कफेड के कहने पर हड़ताल स्थगित की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मिल्कफेड प्रबंधन ने कहा है कि वे नगर निगम से इस बारे में बात करेंगे। इस पर एसोसिएशन ने सहमति जताते हुए फिलहाल हड़ताल को स्थगित कर दिया है।
वेरका मिल्क बूथ एसोसिएशन ने कुछ दिनों पहले मिल्कफेड के मैनेजिंग डायरेक्टर को पत्र भेजकर समस्याओं से अवगत कराया था।
एसोसिएशन का कहना था कि नगर निगम अधिकारी उन्हें मासिक किराया देने को मजबूर कर रहे हैं, जबकि वे हर माह वेरका को 2350 रुपये बूथ का किराया दे रहे हैं।
वहीं पिछले कई वर्ष से वे नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स भी जमा करवा रहे हैं। इसके बावजूद नगर निगम उनसे किराया वसूलने जा रहा है। इतना ही नहीं अतिक्रमण के नाम पर उनका सामान भी जब्त किया जा रहा है।
विज्ञापन
एसोसिएशन की मांग थी कि मिल्कफेड और नगर निगम खुद इस मसले का निपटारा करें और उन्हें बीच में न लाया जाए। इस मांग को लेकर एसोसिएशन ने सात फरवरी को हड़ताल का ऐलान किया था। अब मिल्कफेड के कहने पर हड़ताल स्थगित की गई है।
विज्ञापन