पंजाब के निर्मम हत्याकांड में अकाली नेता डोडा समेत 24 को उम्रकैद, हाथ-पैर काट डाले थे
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बहुचर्चित भीम टांक हत्याकांड में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जसपाल सिंह की अदालत ने गुरुवार को प्रसिद्ध शराब व्यवसायी और अकाली नेता शिव लाल डोडा समेत 24 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। एक अन्य दोषी को चार साल की सजा सुनाई गई। वहीं एक आरोपी को बरी कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार 26 आरोपियों और 84 गवाहों वाले इस मामले का ट्रायल 27 मई से 27 जुलाई तक चला। इसके बाद अदालत ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के आदेश देते हुए 8 अगस्त को सजा सुनाए जाने का एलान किया।
गुरुवार को जिन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है उनमें प्रमुख शराब व्यवसायी और अकाली नेता शिव लाल डोडा, उसका भतीजा अमित डोडा, हरप्रीत सिंह हैरी, वजीर सिंह, राधेश्याम उर्फ राधिया, गुलाब उर्फ गुलाबिया, रविंद्र पारी, सिमरन, विक्की पंडित, अजयपाल गग्गा, अश्विनी कुमार हैप्पी, अमरजीत गक्खू, मनप्रीत सिंह मीता, सुखजीत सिंह सुखा, मनदीप सिंह मोनू, गुरप्रीत सिंह मोलू, राजिंदर कुमार, संदीप सिंह सोनू, राजविंद्र सिंह राजू, सुनील उर्फ भीमा, पलविंद्र सिंह जग्गू, सन्नी उर्फ पुलाडू, धनराज उर्फ धन्ना और राजप्रीत सिंह राजा शामिल हैं।
इसके अलावा विवेक कुमार को चार वर्ष की कैद की सजा सुनाई गई जबकि प्रदीप हैप्पी को बरी कर दिया गया। मृतक भीम टांक की मां कौशल्या देवी ने अदालत के इस फैसले पर असंतोष जताया है। उन्होंने कहा है कि वे अपने बेटे के सभी हत्यारों को फांसी की सजा की मांग करती है।
अबोहर में भीम टांक के हाथ-पैर काट डाले थे
भीम टांक की शिव लाल डोडा के भतीजे अमित डोडा से कहासुनी हो गई थी। 11 दिसंबर 2015 को अमित ने उसे बहाने से हनुमानगढ़ रोड स्थित शिव लाल डोडा के फार्म हाउस में बुलाया। अपने दोस्त गुरजंट सिंह उर्फ जंटा के साथ भीम वहां पहुंचा।
वहां दोनों पर तेजधार हथियार से हमला कर उनके हाथ पैर काट डाले। अस्पताल में उपचार के दौरान 27 वर्षीय भीम टांक की मौत हो गई। भीम की मौत से गुस्साए लोगों ने अबोहर में शराब के एक ठेके को आग लगा दी और एक को तोड़ डाला।
वहीं थाना बहाववाला पुलिस ने घायल गुरजंट सिंह के बयान पर 10 नामजद और 6 अज्ञात लोगों पर हत्या का मामला दर्ज किया। बाद में भीम के परिजनों की मांग पर शिव लाल डोडा और अन्य पर भी केस दर्ज किया गया।