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चंडीगढ़: मानकों पर खरे नहीं उतरे केंद्र से मिले 40 वेंटिलेटर, पीजीआई की जांच कमेटी ने रिपोर्ट में बताया घातक 

Sat, 03 Jul 2021 12:51 PM IST
निवेदिता वर्मा वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ 
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़  Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 03 Jul 2021 12:51 PM IST
सार

कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए चंडीगढ़ पीजीआई को केंद्र से तीन बार में वेंटिलेटर मिले। दूसरी खेप में मिले 20 वेंटिलेटर का प्रयोग कोविड अस्पताल में किया जा रहा है, जबकि बाकी 40 वेंटिलेटर अयोग्य घोषित कर लौटा दिए गए हैं। 

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Ventilators sent by Central Government to Chandigarh to did not meet standard
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

कोरोना के गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए भारत सरकार की ओर से चंडीगढ़ भेजे गए ज्यादातर वेंटिलेटर मानक पर खरे नहीं उतरे। पीजीआई के विशेषज्ञों ने दो अलग-अलग कंपनियों के ऐसे 40 वेंटिलेटर को इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया है। इसके बाद पीजीआई प्रशासन ने इन्हें स्वास्थ्य विभाग को लौटा दिया है। वेंटिलेटर की गुणवत्ता जांचने के लिए बनाई गई पीजीआई की जांच कमेटी ने भी इन्हें मरीजों के लिए घातक बताया है।

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कोविड काल में पीजीआई को केंद्र सरकार से वेंटिलेटर की तीन खेप मिल चुकी हैं। पहली खेप में 25, दूसरी में 20 और तीसरी में15 वेंटिलेटर थे। पीजीआई प्रशासन के अनुसार दूसरी खेप में मिले 20 वेंटिलेटर का प्रयोग कोविड अस्पताल में किया जा रहा है, जबकि अन्य 40 वेंटिलेटर अयोग्य घोषित कर लौटा दिए हैं। 
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पहली लहर में ‘अगवा’ वेंटीलेटर और दूसरी लहर में ‘दमन’ कंपनी के वेंटिलेटर को पीजीआई की टेक्निकल जांच कमेटी ने घातक घोषित किया है। कमेटी ने बताया कि इसे अगर कोरोना के गंभीर मरीजों पर इस्तेमाल किया तो उनकी जान जोखिम में पड़ जाएगी, क्योंकि उसमें ऑक्सीजन स्तर, दवा व इंजेक्शन का अनुपात तय मानक पर स्थिर नहीं रहता। ऐसा होने पर मरीज को असंतुलित इलाज मिलने लगता है, जिससे उसकी स्थिति बिगड़ने लगती है।

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सांप काटे मरीज पर हो सकता है उपयोग

जांच कमेटी का कहना है कि इन वेंटिलेटर का प्रयोग सांप काटे व्यक्ति की जान बचाने और ऐसे ही अन्य मरीजों के लिए किया जा सकता है। लेकिन ऐसे मरीज जिनका ऑर्गन क्षतिग्रस्त हो गया हो, उन पर उसका फायदा नहीं मिलेगा। 

जीएमसीएच 32 ने भी लौटाए 
जीएमसीएच 32 ने भी दमन के 10 वेंटिलेटर स्वास्थ्य विभाग को लौटा दिए हैं, जो उन्हें दूसरी लहर में केंद्र सरकार से मिले थे। अस्पताल की जांच कमेटी में शामिल विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वेंटिलेटर के इस्तेमाल में काफी दिक्कत आ रही है। वे गहन चिकित्सा मानकों पर सही नहीं हैं। 

स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र को भेजी रिपोर्ट
पीजीआई और जीएमसीएच 32 की जांच कमेटी की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र को भेज दी है। बता दें कि जीएमएसएच 16 को मिले 10 वेंटिलेटर अब तक इंस्टॉल नहीं किए गए हैं, इसलिए वहां की रिपोर्ट नहीं मिली है। 

‘अगवा’ और ‘दमन’ के वेंटिलेटर जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे। उनका प्रयोग अन्य गंभीर मरीजों पर तो किया जा सकता है लेकिन कोविड के गहन चिकित्सा वाले मरीज जिनके फेफडे़ खराब हो चुके हैं, उनके इलाज के लिए वह मानक के अनुसार नहीं हैं। इसलिए उन्हें लौटा दिया गया है। - डॉ. नारायण यदन्नपुरी, पीजीआई जांच कमेटी के चेयरमैन

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