{"_id":"595fe22e4f1c1bd42e8b4709","slug":"vendors-will-not-move-from-sector-19-and-22","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सेक्टर-19 और 22 से नहीं हटेंगे वेंडर्स, लाइसेंस जारी करने का मामला लटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेक्टर-19 और 22 से नहीं हटेंगे वेंडर्स, लाइसेंस जारी करने का मामला लटका
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 08 Jul 2017 10:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में तय होने वाले वेंडिंग जोन तय करने का मामला लटक गया है। ऐसे में अब वेंडर्स को लाइसेंस मिलने में और देरी का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि नगर निगम के पार्षदों ने प्रशासन के वास्तुकार विभाग की ओर से तय किए गए शहर के 40 वेंडिंग जोन खारिज करते हुए रिव्यू करने के लिए कहा है।
शुक्रवार को हुर्ठ बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नए सिरे से वेंडिंग जोन तय किए जाएं और वार्ड पार्षद अपने अपने एरिया में जोन बनाने के लिए जो एरिया बताएं उस पर विचार किया जाए। नगर निगम के पार्षदों की प्रशासन के मुख्य वास्तुकार के साथ तय वेंडिंग जोन पर चर्चा हुई। जिस पर पार्षदों ने कई तरह की खामियां निकालीं। इसके साथ ही पार्षदों ने वास्तुकार विभाग की ओर से सेक्टर-19 और 22 में नो वेंडिंग जोन बनाने के फैसले को मानने से इंकार कर दिया है।
पार्षदों ने इस फैसले को रिव्यू करने के लिए कहा है। इस मुद्दे पर मुख्य वास्तुकार कपिल सेतिया सहमत नहीं हुए। उनकी पार्षदों के साथ बहस भी हुई। सेतिया ने कहा कि सेक्टर-19 और 22 में वेंडर्स को बिठाने का स्पेस नहीं है। वहां के हालात ठीक नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को हुर्ठ बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नए सिरे से वेंडिंग जोन तय किए जाएं और वार्ड पार्षद अपने अपने एरिया में जोन बनाने के लिए जो एरिया बताएं उस पर विचार किया जाए। नगर निगम के पार्षदों की प्रशासन के मुख्य वास्तुकार के साथ तय वेंडिंग जोन पर चर्चा हुई। जिस पर पार्षदों ने कई तरह की खामियां निकालीं। इसके साथ ही पार्षदों ने वास्तुकार विभाग की ओर से सेक्टर-19 और 22 में नो वेंडिंग जोन बनाने के फैसले को मानने से इंकार कर दिया है।
विज्ञापन
पार्षदों ने इस फैसले को रिव्यू करने के लिए कहा है। इस मुद्दे पर मुख्य वास्तुकार कपिल सेतिया सहमत नहीं हुए। उनकी पार्षदों के साथ बहस भी हुई। सेतिया ने कहा कि सेक्टर-19 और 22 में वेंडर्स को बिठाने का स्पेस नहीं है। वहां के हालात ठीक नहीं है।
विज्ञापन
बैठक में इन मुद्दों पर भी चर्चा हुई
वहां की मार्केट एसोसिएशन भी वहां पर वेंडिंग जोन बनाने के पक्ष में नहीं है। जबकि पार्षदों ने कहा कि वहां पर वेंडर्स तीन दशक से बैठ रहे हैं ऐसे में नो वेडिंग जोन बनाने के फैसले को रिव्यू किया जाए।
मालूम हो कि इस समय सेक्टर- 19 और 22 मेें यह हाल है कि वेंडर्स जगह जगह पैदल चलने वाली जगह पर बैठे हैं। पार्किंग में भी वेंडस बैठे हैं। बुधवार को सेक्टर-22 की शास्त्री मार्केट में वेंडर्स होने के कारण भीतर दमकल विभाग की गाड़ी भी नहीं घुस पाई थी जबकि पार्षद सेक्टर-17 को नो वेंडिंग जोन बनाने के लिए तय हो गए हैं। बैठक में मेयर आशा जसवाल, अतिरिक्त कमिश्नर उमा शंकर गुप्ता के अलावा सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर ने भी भाग लिया।
बैठक में इन मुद्दों पर भी चर्चा हुई
जो वेंडिंग जोन का साइट प्लान सेक्टर वाइज बनाया जाए और हर सेक्टर की जनसंख्या का ढाई प्रतिशत वेंडर्स उस सेक्टर में बैठाया जाए
. सुखना लेक और रोक गार्डन जैसे टूरिस्ट स्थलों के बाहर वेंडर्स को बैठने की जगह दी जाए।
पार्षदों ने मुख्य वास्तुकार को कहा कि सेक्टर-12,14,20,33,34 और सेक्टर-37 में एक भी वेंडिंग जोन नहीं बनाया गया जबकि यहां पर वेंडर्स बिठाए जाएं।
. पार्षदों ने कहा कि सेक्टर-34 में शिक्षण संस्थान है ेऐस में यहां पर वेंडर्स को जरूर बिठाया जाए
. जो सर्विस उपलब्ध करवाने और मोबाइल वेंडर्स है उनकी जगह में तबदीली न की जाए। धोबी, नाई, और मोची के लिए कियोस्क बनाने की यूनिफार्म पालिसी बनाई जाए
मालूम हो कि इस समय सेक्टर- 19 और 22 मेें यह हाल है कि वेंडर्स जगह जगह पैदल चलने वाली जगह पर बैठे हैं। पार्किंग में भी वेंडस बैठे हैं। बुधवार को सेक्टर-22 की शास्त्री मार्केट में वेंडर्स होने के कारण भीतर दमकल विभाग की गाड़ी भी नहीं घुस पाई थी जबकि पार्षद सेक्टर-17 को नो वेंडिंग जोन बनाने के लिए तय हो गए हैं। बैठक में मेयर आशा जसवाल, अतिरिक्त कमिश्नर उमा शंकर गुप्ता के अलावा सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर ने भी भाग लिया।
बैठक में इन मुद्दों पर भी चर्चा हुई
जो वेंडिंग जोन का साइट प्लान सेक्टर वाइज बनाया जाए और हर सेक्टर की जनसंख्या का ढाई प्रतिशत वेंडर्स उस सेक्टर में बैठाया जाए
. सुखना लेक और रोक गार्डन जैसे टूरिस्ट स्थलों के बाहर वेंडर्स को बैठने की जगह दी जाए।
पार्षदों ने मुख्य वास्तुकार को कहा कि सेक्टर-12,14,20,33,34 और सेक्टर-37 में एक भी वेंडिंग जोन नहीं बनाया गया जबकि यहां पर वेंडर्स बिठाए जाएं।
. पार्षदों ने कहा कि सेक्टर-34 में शिक्षण संस्थान है ेऐस में यहां पर वेंडर्स को जरूर बिठाया जाए
. जो सर्विस उपलब्ध करवाने और मोबाइल वेंडर्स है उनकी जगह में तबदीली न की जाए। धोबी, नाई, और मोची के लिए कियोस्क बनाने की यूनिफार्म पालिसी बनाई जाए