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हरियाणा में शराब पीकर चलाई गाड़ी तो जब्त होगा वाहन, चंडीगढ़ की तर्ज पर बनेगा कड़ा कानून

Wed, 10 Jul 2019 12:23 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 10 Jul 2019 12:23 AM IST
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Vehicle Will Be Seized In Haryana If Driving With Drinking Liquor
सांकेतिक तस्वीर

हरियाणा में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की अब खैर नहीं है। शराब के सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनने पर प्रदेश सरकार कड़ा कानून लाने जा रही है। चंडीगढ़ की तर्ज पर बनने वाले कानून के अनुसार शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले व्यक्ति के वाहन को जब्त किया जा सकेगा। अभी तक प्रदेश में ड्रंक एंड ड्राइव पर सिर्फ चालान का ही प्रावधान है। 

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इसके अलावा सरकार ओवरलोडिंग की समस्या से निपटने के लिए दीर्घावधि कार्य योजना भी लेकर आ रही है। टोल प्लाजा पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए ओवरलोड वाहनों पर नजर रखी जाएगी और वहीं चालान भी होंगे। यह निर्णय परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में लिए गए। 
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बीते दिनों कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने ओवरलोडिंग वाहनों के सरपट सड़कों पर दौड़ने की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। बकायदा धनखड़ ने सीएम को पत्र लिखकर चिंता जताई कि ओवरलोड वाहन सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं और उन पर अंकुश नहीं लगाया जा रहा है। निजी ट्रांसपोर्टर्स और परिवहन विभाग के अधिकारियों के बीच सांठगांठ के आरोप लगने का जिक्र भी उन्होंने पत्र में किया था। 

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कृष्ण लाल पंवार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ओवरलोडिंग से जुड़े मामलों के प्रति सरकार बेहद संजीदा है। इससे न केवल दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है, बल्कि सड़कों की भी क्षति होती है। 39 स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां ओवरलोडिंग वाहनों की जांच तेज करेंगे।

टीमें बनाई जाएंगी और हर टीम को बीस मजदूर मिलेंगे। वे ओवरलोड वाहनों से सामग्री सड़क किनारे मौजूद सरकारी जमीन पर उतारेंगे। जो सामान खराब होने वाला होगा उसे भंडारण निगम के गोदामों में रखा जाएगा। दो महीने में इसके परिणाम सामने होंगे।

बिजली निगम सड़कों के बीच से हटाएं खंभे
पंवार ने बिजली निगमों और वन विभाग के अधिकारियों को सख्त हिदायत जारी की है। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड और लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें)विभाग की सड़कों के मामले में अक्सर पैसे जमा करवाने के बावजूद बिजली निगम खंभे शिफ्ट नहीं करते हैं। सड़कों में मौजूद खंभों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग को पेड़ों की कटाई करने के लिए कहा है। डीसी, एसपी को हर महीने जिला सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक करनी होगी।

छह माह में टॉप फाइव में आने का लक्ष्य
परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीसी गुप्ता ने बताया कि आगामी छह माह के अंदर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर हरियाणा को देश के पहले पांच राज्यों में शामिल करना है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण समेत विभिन्न संबंधित एजेंसिंयों के अधिकारियों को निर्माण स्थलों पर संकेत बोर्ड, रिफलेक्टर टेप इत्यादि लगाकर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

31 जुलाई तक ऐसा कोई भी प्वाइंट बचना नहीं चाहिए जो नॉन रेक्टिफाइड हो। उन्होंने कहा कि जल्दी अलग-अलग विभागों की बैठक बुलाई जाएगी, जिसके लिए वे एजेंडा बिंदुओं पर अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट तैयार रखें।

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