फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Vedanta topped Chandigarh in JEE Main, Ayush came second and Naman came third.

Chandigarh News: जेईई मेन में वेदांत ने किया चंडीगढ़ टॉप, आयुष दूसरे व नमन तीसरे स्थान पर

Fri, 26 Apr 2024 05:46 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 26 Apr 2024 05:46 AM IST
विज्ञापन
Vedanta topped Chandigarh in JEE Main, Ayush came second and Naman came third.
चंडीगढ़। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की ओर से जारी जेईई मेन सत्र-2 के परिणाम में चंडीगढ़ से वेदांत सैनी ने ऑल इंडिया 26वीं रैंक हासिल कर ट्राइसिटी टॉप किया है। वेदांत 100 परसेंटाइल अंक लाने वाले देशभर के 56 विद्यार्थियों में शामिल हैं। वहीं, 60वीं और 80वीं रैंक लाकर आयुष गंगवाल और नमन गोयल क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया है।
विज्ञापन

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने जनवरी और अप्रैल माह में देश के विभिन्न इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले के लिए जेईई मेन सत्र-1 और 2 की परीक्षा ली थी। चार से 12 अप्रैल तक हुई जेईई मेन सत्र-2 की परीक्षा के परिणाम एनटीए ने बुधवार रात जारी किए। देशभर से 14 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से चंडीगढ़ के तीन विद्यार्थियों ने टॉप 100 की सूची में जगह बनाई है। मेन के बाद अब विद्यार्थी आईआईटी में दाखिला पाने के लिए जेईई एडवांस की तैयारी में जुट गए हैं, जिसकी परीक्षा मई माह में होगी। शनिवार से विद्यार्थी पेपर के लिए पंजीकरण कर पाएंगे।
विज्ञापन


निरंतर पढ़ाई से हासिल की सफलता : वेदांत
ट्राइसिटी टॉपर वेदांत सैनी ने निरंतर पढ़ाई को अपनी सफलता की कुंजी बताया। सेक्टर-27 स्थित भवन विद्यालय से पासआउट वेदांत सैनी ने कहा कि उन्होंने कभी पढ़ने के लिए घंटों का हिसाब नहीं रखा, लगातार पढ़ाई की। उन्होंने कहा कि रोज पढ़ाई करो तो पढ़ने के घंटे महत्व नहीं रखते। रोजाना पढ़ाई करने से सिलेबस का बैकलॉग नहीं हुआ और पढ़ाई आसान लगने लगी। वेदांत के पिता पीजीआई और मां जीएमसीएच-32 में डॉक्टर हैं। वेदांत ने पढ़ाई के साथ व्यायाम पर भी ध्यान दिया। 11वीं तक फुटबॉल खेलते थे और पढ़ाई का समय बढ़ गया तो दौड़ के लिए जाते थे। तैयारी के लिए वेदांत ने कोचिंग भी ली।
विज्ञापन
विज्ञापन



ओलंपियाड से बढ़ी पढ़ाई में रुचि : आयुष
जेईई मेन में ऑल इंडिया 60वीं रैंक लाने वाले आयुष ने बताया कि ओलंपियाड में भाग लेने से गणित, विज्ञान विषयों में रुचि उनकी बढ़ी, इससे पढ़ाई आसान हुई। 11वीं कक्षा से ही वह जेईई की तैयारी में जुट गए थे। सेक्टर 27 स्थित भवन विद्यालय से पासआउट आयुष ने बताया वह रोजाना सात-आठ घंटे पढ़ाई करते थे। आयुष के पिता सौरभ गंगल शिक्षक हैं। आयुष की मां नीलिमा ने बताया कि घर पर पढ़ाई का माहौल बन सके इसलिए परिवार ने इधर-उधर या रिश्तेदारी में भी आना-जाना कम कर दिया था।



सिर्फ पढ़ाई के लिए करता था फोन का इस्तेमाल : नमन गोयल
जेईई मेन में 80वीं रैंक लाने वाले नमन गोयल ने बताया कि 11वीं-12वीं में तैयारी करते समय उनके पास फोन था लेकिन उसका इस्तेमाल सिर्फ पढ़ाई के लिए करते थे। किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उन्होंने अकाउंट नहीं बनाया है। रोजाना आठ-दस घंटे पढ़ाई के साथ वह अपने दोस्तों के साथ खेलते भी थे। नमन ने बताया कि पढ़ाई के लिए शिक्षकों की सलाह काफी काम आई। शिक्षकों के बताए अनुसार ही तैयारी की। नमन के पिता पिता इंजीनियर हैं। पिता की प्रेरणा के अलावा गणित, फिजिक्स में रुचि होने के चलते ही उन्होंने इंजीनियर बनने की सोची। नमन आईआईटी से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। पिता निजी कंपनी में कार्यरत है और मां गृहिणी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed