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Chandigarh News: वेद प्रकाश अत्री को मिलेगा धनपत सिंह सांगी लाइफटाइम अचीवमेंट अवाॅर्ड
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18 सांग निदेशकों ने किया था आवेदन, हरियाणा सरकार ने की घोषणा
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने पंडित लख्मीचंद की प्रणाली के सांगी वेद प्रकाश अत्री को धनपत सिंह सांगी लाइफटाइम अचीवमेंट अवाॅर्ड देने की घोषणा की। वेद प्रकाश जींद के ढाठरथ गांव के रहने वाले हैं। उनके सांगों में आपसी भाईचारा प्रेम व सामाजिक सरोकारों का मिश्रण देखने को मिलता है।
सूचना, लोक संपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि हरियाणवी संस्कृति को सहेजने और आगे बढ़ाने में धनपत सिंह सांगी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके योगदान को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उनके नाम से लाइफटाइम अचीवमेंट अवाॅर्ड शुरू करने की घोषणा की। इसके विजेता को एक लाख रुपये की नकद राशि, प्रशस्ति पत्र एवं शॉल से सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए प्रदेशभर से 18 सांग निर्देशकों ने आवेदन किया। कुरुक्षेत्र के कलाकृति भवन में हुए सांग महोत्सव में सभी सांग निर्देशकों ने अपनी-अपनी प्रस्तुति दी। इसके लिए सभी सांग निर्देशकों को 30-30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी गई। सांगों की समीक्षा के लिए एक विशेष प्रकार की समीक्षा समिति का गठन किया, जिसमें सांग विषय पर शोध करने वाले शोधार्थी, प्रोफेसर और राष्ट्रपति से सम्मानित महत्वपूर्ण लोगों को बतौर सदस्य शामिल किया। समीक्षा समिति की ओर से अपनी समीक्षा रिपोर्ट मुख्यालय की उच्च स्तरीय समिति को दी गई। उच्चस्तरीय समिति की ओर से समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर सभी प्रस्तुतियों के निरीक्षण, प्रशिक्षण के बाद वेद प्रकाश अत्री को धनपत सिंह सांगी स्मृति पुरस्कार के लिए अनुशंसा की गई।
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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने पंडित लख्मीचंद की प्रणाली के सांगी वेद प्रकाश अत्री को धनपत सिंह सांगी लाइफटाइम अचीवमेंट अवाॅर्ड देने की घोषणा की। वेद प्रकाश जींद के ढाठरथ गांव के रहने वाले हैं। उनके सांगों में आपसी भाईचारा प्रेम व सामाजिक सरोकारों का मिश्रण देखने को मिलता है।
सूचना, लोक संपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि हरियाणवी संस्कृति को सहेजने और आगे बढ़ाने में धनपत सिंह सांगी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके योगदान को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उनके नाम से लाइफटाइम अचीवमेंट अवाॅर्ड शुरू करने की घोषणा की। इसके विजेता को एक लाख रुपये की नकद राशि, प्रशस्ति पत्र एवं शॉल से सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए प्रदेशभर से 18 सांग निर्देशकों ने आवेदन किया। कुरुक्षेत्र के कलाकृति भवन में हुए सांग महोत्सव में सभी सांग निर्देशकों ने अपनी-अपनी प्रस्तुति दी। इसके लिए सभी सांग निर्देशकों को 30-30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी गई। सांगों की समीक्षा के लिए एक विशेष प्रकार की समीक्षा समिति का गठन किया, जिसमें सांग विषय पर शोध करने वाले शोधार्थी, प्रोफेसर और राष्ट्रपति से सम्मानित महत्वपूर्ण लोगों को बतौर सदस्य शामिल किया। समीक्षा समिति की ओर से अपनी समीक्षा रिपोर्ट मुख्यालय की उच्च स्तरीय समिति को दी गई। उच्चस्तरीय समिति की ओर से समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर सभी प्रस्तुतियों के निरीक्षण, प्रशिक्षण के बाद वेद प्रकाश अत्री को धनपत सिंह सांगी स्मृति पुरस्कार के लिए अनुशंसा की गई।
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