{"_id":"51b6aba55ddebe6d79d563f997a810f5","slug":"vat-submittion","type":"story","status":"publish","title_hn":"वैट जमा कराने वाले जरा ध्यान दें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वैट जमा कराने वाले जरा ध्यान दें
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 01 Dec 2013 04:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब मंत्रिमंडल ने राज्य में वैट जमा न करवा पाने वाले डीलरों को एक और मौका देने के लिए सेल्फ डिस्क्लाजर स्कीम के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
मंत्रिमंडल द्वारा पारित किए गए इस प्रस्ताव के बाद अब राज्य में वैट की कथित धांधली में फंसे डीलर भी पैसा जमा करवाकर अदालती कार्रवाई से बच सकते हैं। सरकार द्वारा ऐसे डीलरों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने टेक्सटाइल उद्योग को राहत देते हुए बिनौले और कपास पर लागू विकास उप कर खत्म करने, निवेश को बढ़ावा देने के लिए निवेश प्रमोशन ब्यूरो स्थापित करने, मोहाली में आईटी सेंटर बनाने से लिए जमीन मुहैया कराने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दे दी।
इनके अलावा राज्य में गो सेवा आयोग को भी मंजूरी देते हुए मंत्रिमंडल ने पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी जालंधर का नाम आईके गुजराल के नाम पर रखने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी।
विज्ञापन
बैठक के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि मंत्रिमंडल ने आबकारी एवं क राधान विभाग को सेल्फ डिस्क्लाजर स्कीम शुरू करने की मंजूरी दे दी है, ताकि वे सभी डीलर जिन्होंने वैट की राशि जमा नहीं कराई है, वे सरकारी खजाने में पैसा जमा करा सकें।
इस स्कीम में उन डीलरों को भी शामिल किया जाएगा, जिन्होंने वस्तुओं की खरीद पर इनपुट टैक्स क्रैडिट क्लेम तो किया है लेकिन टैक्स की राशि सरकारी खाते में जमा नहीं करवाई है।
ऐसे डीलर भी सामने आए हैं, जिन्होंने ब्रांच ट्रांसफर व अंतर राज्यीय व्यापार पर रियायती टैक्स का क्लेम तो किया है लेकिन वास्तव में कोई वस्तु उन्होंने राज्य से बाहर भेजी ही नहीं थी।
विज्ञापन
मंत्रिमंडल द्वारा पारित किए गए इस प्रस्ताव के बाद अब राज्य में वैट की कथित धांधली में फंसे डीलर भी पैसा जमा करवाकर अदालती कार्रवाई से बच सकते हैं। सरकार द्वारा ऐसे डीलरों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने टेक्सटाइल उद्योग को राहत देते हुए बिनौले और कपास पर लागू विकास उप कर खत्म करने, निवेश को बढ़ावा देने के लिए निवेश प्रमोशन ब्यूरो स्थापित करने, मोहाली में आईटी सेंटर बनाने से लिए जमीन मुहैया कराने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दे दी।
विज्ञापन
इनके अलावा राज्य में गो सेवा आयोग को भी मंजूरी देते हुए मंत्रिमंडल ने पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी जालंधर का नाम आईके गुजराल के नाम पर रखने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी।
विज्ञापन
बैठक के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि मंत्रिमंडल ने आबकारी एवं क राधान विभाग को सेल्फ डिस्क्लाजर स्कीम शुरू करने की मंजूरी दे दी है, ताकि वे सभी डीलर जिन्होंने वैट की राशि जमा नहीं कराई है, वे सरकारी खजाने में पैसा जमा करा सकें।
इस स्कीम में उन डीलरों को भी शामिल किया जाएगा, जिन्होंने वस्तुओं की खरीद पर इनपुट टैक्स क्रैडिट क्लेम तो किया है लेकिन टैक्स की राशि सरकारी खाते में जमा नहीं करवाई है।
ऐसे डीलर भी सामने आए हैं, जिन्होंने ब्रांच ट्रांसफर व अंतर राज्यीय व्यापार पर रियायती टैक्स का क्लेम तो किया है लेकिन वास्तव में कोई वस्तु उन्होंने राज्य से बाहर भेजी ही नहीं थी।