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वैट रिफंड घोटाला: हाईकोर्ट ने सरकार को जारी किया फरमान

Sun, 04 Oct 2015 02:42 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमरउजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 04 Oct 2015 02:42 PM IST
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vat refund scam: high court decree for government

हरियाणा में वर्ष 2011 में हुए हजारों करोड़ के वैट रिफंड घोटाले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को लोकायुक्त की रिपोर्ट पर दो महीने में कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

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लोकायुक्त ने वैट वापस वसूलने, इन मामलों में पुनर्विचार केस करने और घोटाले में लिप्त भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने की सिफारिश की थी।
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सिफारिश के बावजूद कोई कार्रवाई न करने के बाद घोटाला उजागर करने वाले कैथल के सतबीर सिंह ने एडवोकेट रमेश चहल के माध्यम से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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जस्टिस परमजीत सिंह की एकल बेंच के समक्ष पैरवी की गई कि लोकायुक्त की ओर से 18 मार्च 2015 को रिपोर्ट देने के बावजूद सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की, इसीलिए 16 अप्रैल को मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को मांग पत्र देकर लोकायुक्त की रिपोर्ट पर कार्रवाई करने की मांग रखी गई थी।

बावजूद इसके कुछ न होने पर आखिर हाईकोर्ट आने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। बेंच ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वह सतबीर सिंह के  मांग पत्र पर दो महीने में कार्रवाई करें। सतबीर सिंह ने मांग पत्र के साथ लोकायुक्त की रिपोर्ट लगा रखी है। इसी पर कार्रवाई की मांग सरकार के समक्ष रखी थी।

10 हजार करोड़ से अधिक का घपला सामने आ गया

vat refund scam: high court decree for government

आरोप है कि 2011 में कई कंपनियों ने जाली दावे पेश कर हजारों करोड़ का वैट सरकार से हासिल किया। इसकी शिकायत लोकायुक्त से की गई। लोकायुक्त ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की थी।

एसआईटी ने 10,618 करोड़ के रिफंड का घपला साबित किया था। यह रिपोर्ट लोकायुक्त को दी गई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर लोकायुक्त ने सरकार को सिफारिश की थी कि जाली दावों से दिया गया वैट का रिफंड वापस वसूला जाए।

ऐसे मामलों में पुनर्विचार केस अदालतों में चलाए जाएं और वैट रिफंड देने में संलिप्त अधिकारियों पर आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं। सतबीर सिंह का मानना है कि एसआईटी प्रदेश के कुछ हिस्सों से जुड़ी करीब 80-90 फाइलें ही खंगाल पाई।

इसी में 10 हजार करोड़ से अधिक का घपला सामने आ गया। ऐसी करीब एक हजार फाइलें हैं। यदि सभी मामलों की जांच हो तो घपले की राशि कहीं अधिक होगी।

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