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Chandigarh News: 5000 से ज्यादा कारोबारियों को वैट का नोटिस

Mon, 07 Apr 2025 02:09 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 07 Apr 2025 02:09 AM IST
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VAT notice to more than 5000 businessmen
चंडीगढ़। जीएसटी लागू हुए आठ साल हो गए हैं, लेकिन इसके बाद भी चंडीगढ़ में वैट के नोटिस खत्म नहीं हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि करीब 5000 से ज्यादा कारोबारियों को वैट के तहत अभी भी नोटिस मिला हुआ है। यह राशि हजारों करोड़ रुपये में है। अब कारोबारी रोजाना आने वाले इस नोटिस से परेशान हो चुके हैं। वह प्रशासन से इसके लिए ओटिएस सिस्टम लागू करने की मांग कर रहे हैं।
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चंडीगढ़ व्यापार मंडल के चेयरमैन चरणजीव सिंह का कहना है कि नोटिस से कारोबारी काफी परेशान हैं। इसमें से ज्यादातर नोटिस गलत तरीके से भेजे गए हैं। ऐसे में इसको खत्म करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इसको लेकर हमने पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया से भी मुलाकात की थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि व्यापार मंडल से बात करके मामले में उचित फैसला लिया जाए। हालांकि अभी तक कोई भी सफल वार्ता नहीं हो पाई है। हम वार्ता के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। जिससे कि व्यापारियों की समस्याओं को रखा जा सके।
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दूसरे राज्यों में लागू किया ओटीएस

चंडीगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव चड्ढा का कहना है कि ओटिएस लागू करने से सरकार को ही फायदा होगा। ज्यादा और गलत नोटिस आने की वजह कारोबारी अभी पैसा जमा नहीं कर रहे हैं। लेकिन ओटीएस लागू होने के बाद लोग अपना पैसा जमा करेंगे। इससे सरकार का खजाना भरेगा। चंडीगढ़ मौजूदा समय में वित्तीय संकट से जूझ रहा है।
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ब्याज माफी के साथ मूलधन में छूट की मांग

ओटीएस के तहत कारोबारी ब्याज माफ करने के साथ-साथ मूलधन में भी छूट की मांग कर रहे हैं। व्यापार मंडल का कहना है कि इससे जीएसटी विभाग के खजाने में सैकड़ों करोड़ रुपये आएंगे। सूत्रों का कहना है कि करीब 4 से 5 हजार करोड़ रुपये के नोटिस पूरे चंडीगढ़ में दिए गए हैं। जीएसटी 1 जुलाई, 2017 में लागू कर दिया गया था। इससे पहले वैट कर प्रणाली जारी थी। अब वैट को समाप्त हुए आठ साल होने वाले हैं, लेकिन इसके नोटिस अभी भी जारी हैं। जबकि देश के कई राज्यों में ओटिएस लागू कर सभी नोटिस का निस्तारण कर दिया गया है।
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