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चंडीगढ़ छेड़छाड़ केसः विकास बराला के दोस्त आशीष को झटका, जमानत रद्द हुई
अमरीश शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 18 Jan 2018 02:42 PM IST
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चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस
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हाई प्रोफाइल चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस में जहां विकास बराला जेल से बाहर आ गया, वहां आशीष कुमार को आज कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने आशीष कुमार की जमानत रद्द कर दी है। दरअसल वर्णिका कुंडू छेड़छाड़ प्रकरण में विकास बराला की जमानत याचिका का पुलिस ने विरोध किया था। पुलिस ने यह कहते हुए विरोध किया है कि आशीष ने कई तथ्यों को छिपाया है।
पुलिस ने बताया कि आशीष ने कहा है कि अदालत से एक बार उसकी जमानत याचिका खारिज हुई है, जबकि अदालत दो बार उसकी जमानत याचिका खारिज कर चुका है। पुलिस के जवाब दाखिल करने के बाद याचिका पर वीरवार को बहस होगी। संभवत: अदालत वीरवार को ही जमानत याचिका पर फैसला सुना दे।
मामले में सहआरोपी विकास बराला को पंजाब और हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आशीष ने जमानत याचिका दायर की थी। इस पर अदालत ने पुलिस को जवाब दाखिल करने को कहा था। बुधवार को अभियोजन पक्ष की ओर से दायर जवाब में कहा गया है कि आशीष ने याचिका में कई तथ्यों को छिपाया है।
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पुलिस के अनुसार आशीष पर हिसार में आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज है। आशीष मानवता और एक महिला के सम्मान को पेश करने में नाकाम रहा है। आशीष ने एक गंभीर अपराध किया है और एक सड़कछाप मनचले (रोड साइड रोमियो) की तरह बर्ताव किया है।
वहीं आशीष व तीन अन्य के खिलाफ हिसार में जून 2017 में आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज हुआ था। पीड़ित ने आरोपी को 14.85 लाख रुपये दिए थे। इसके बाद उन्होंने उसे उसके पैसे नहीं लौटाए और उल्टा उसे ही धमकाया था। इससे परेशान होकर पीड़ित ने जहर खाकर जान दे दी थी और सुसाइड नोट में आशीष समेत अन्य के खिलाफ आरोप लगाए थे।
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पुलिस ने बताया कि आशीष ने कहा है कि अदालत से एक बार उसकी जमानत याचिका खारिज हुई है, जबकि अदालत दो बार उसकी जमानत याचिका खारिज कर चुका है। पुलिस के जवाब दाखिल करने के बाद याचिका पर वीरवार को बहस होगी। संभवत: अदालत वीरवार को ही जमानत याचिका पर फैसला सुना दे।
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मामले में सहआरोपी विकास बराला को पंजाब और हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आशीष ने जमानत याचिका दायर की थी। इस पर अदालत ने पुलिस को जवाब दाखिल करने को कहा था। बुधवार को अभियोजन पक्ष की ओर से दायर जवाब में कहा गया है कि आशीष ने याचिका में कई तथ्यों को छिपाया है।
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पुलिस के अनुसार आशीष पर हिसार में आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज है। आशीष मानवता और एक महिला के सम्मान को पेश करने में नाकाम रहा है। आशीष ने एक गंभीर अपराध किया है और एक सड़कछाप मनचले (रोड साइड रोमियो) की तरह बर्ताव किया है।
वहीं आशीष व तीन अन्य के खिलाफ हिसार में जून 2017 में आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज हुआ था। पीड़ित ने आरोपी को 14.85 लाख रुपये दिए थे। इसके बाद उन्होंने उसे उसके पैसे नहीं लौटाए और उल्टा उसे ही धमकाया था। इससे परेशान होकर पीड़ित ने जहर खाकर जान दे दी थी और सुसाइड नोट में आशीष समेत अन्य के खिलाफ आरोप लगाए थे।