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भारत में भी वैक्सीन का उत्पादन शुरू, 6 महीने में मार्केट में आएगी खेप
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 11 Jun 2017 09:21 AM IST
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- फोटो : File Photo
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हरियाणा को बैक्टीरियल निमोनिया से पार पाने के लिए न्यूमोकोकल कांजुगेट वैक्सीन लगभग बेहद कम मूल्य पर मिलेगी। मनोहर सरकार ने यूनिसेफ के साथ वैक्सीन के लिए करार कर बड़ा वित्तीय लाभ भी कमाया है।
प्रदेश के निजी अस्पतालों में अभी नवजात को बैक्टीरियल निमोनिया से बचाने के लिए न्यूमोकोकल कांजुगेट वैक्सीन की एक डोज 4000 रुपये में लगाई जाती है, बच्चे की जान को खतरे से बाहर निकालने के लिए तीन डोज लगाना अनिवार्य है। जिससे इस पर 12 हजार रुपये खर्च आता है, लेकिन अगले तीन महीने के भीतर में सरकारी अस्पतालों में जहां ये डोज बच्चों को फ्री लगेगी, वहीं सरकार को भी ये विदेशी कंपनियों से बहुत ही कम राशि में मिलेगी।
यूनिसेफ इस वैक्सीन की एक डोज हरियाणा स्वास्थ्य विभाग को मात्र तीन डॉलर में मुहैया कराएगा, यानी तीन डोज सरकार को मात्र नौ डॉलर में मिल जाएंगी। इससे सरकार पर अधिक वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। निजी अस्पतालों में इस वैक्सीन के महंगे दामों पर मिलने का एक बड़ा कारण इसका उत्पादन अभी तक विदेश में ही होना है। भारत में भी इसका उत्पादन शुरू हो चुका है, लेकिन वैक्सीन के मार्केट में आने में अभी कम से कम छह महीने का समय लगेगा। इसके बाद ये वैक्सीन काफी सस्ती दरों पर निजी अस्पतालों को भी मिल सकेगी।
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हजारों बच्चों की बचेगी जान : अमनीत
एनएचएम की मिशन निदेशक अमनीत पी कुमार ने बताया कि बैक्टीरियल निमोनिया से हर साल पांच हजार नवजात की जान हरियाणा में जाती है। अब तक हजारों बच्चे असमय काल का ग्रास बन चुके हैं। न्यूमोकोकल कांजुगेट वैक्सीन टीकाकरण अस्पतालों में फ्री होने पर आने वाले समय में हजारों बच्चों की जान बचाई जा सकेगी।
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प्रदेश के निजी अस्पतालों में अभी नवजात को बैक्टीरियल निमोनिया से बचाने के लिए न्यूमोकोकल कांजुगेट वैक्सीन की एक डोज 4000 रुपये में लगाई जाती है, बच्चे की जान को खतरे से बाहर निकालने के लिए तीन डोज लगाना अनिवार्य है। जिससे इस पर 12 हजार रुपये खर्च आता है, लेकिन अगले तीन महीने के भीतर में सरकारी अस्पतालों में जहां ये डोज बच्चों को फ्री लगेगी, वहीं सरकार को भी ये विदेशी कंपनियों से बहुत ही कम राशि में मिलेगी।
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यूनिसेफ इस वैक्सीन की एक डोज हरियाणा स्वास्थ्य विभाग को मात्र तीन डॉलर में मुहैया कराएगा, यानी तीन डोज सरकार को मात्र नौ डॉलर में मिल जाएंगी। इससे सरकार पर अधिक वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। निजी अस्पतालों में इस वैक्सीन के महंगे दामों पर मिलने का एक बड़ा कारण इसका उत्पादन अभी तक विदेश में ही होना है। भारत में भी इसका उत्पादन शुरू हो चुका है, लेकिन वैक्सीन के मार्केट में आने में अभी कम से कम छह महीने का समय लगेगा। इसके बाद ये वैक्सीन काफी सस्ती दरों पर निजी अस्पतालों को भी मिल सकेगी।
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हजारों बच्चों की बचेगी जान : अमनीत
एनएचएम की मिशन निदेशक अमनीत पी कुमार ने बताया कि बैक्टीरियल निमोनिया से हर साल पांच हजार नवजात की जान हरियाणा में जाती है। अब तक हजारों बच्चे असमय काल का ग्रास बन चुके हैं। न्यूमोकोकल कांजुगेट वैक्सीन टीकाकरण अस्पतालों में फ्री होने पर आने वाले समय में हजारों बच्चों की जान बचाई जा सकेगी।