{"_id":"df7404ec40ded961848851a1a3f848f2","slug":"ut-master-plan-city-will-get-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुड न्यूज, चंडीगढ़ में बनेगा एक और अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुड न्यूज, चंडीगढ़ में बनेगा एक और अस्पताल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 18 Jun 2014 10:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूटी प्रशासन ने चंडीगढ़ के ड्राफ्ट मास्टर प्लान-2031 में शहर में स्वास्थ्य के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने पर जोर दिया है। इसके लिए गठित बोर्ड ऑफ इंक्वायरी ने अपनी रिपोर्ट में शहर में एक बड़ा अस्पताल बनाने के साथ-साथ पीजीआई के अपग्रेडेशन और नई डिस्पेंसरी बनाने की भी सिफारिश की है।
विज्ञापन
बोर्ड ने रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि चंडीगढ़ में सात अस्पतालों की जरूरत है, जबकि अभी छह अस्पताल हैं। यह अस्पताल शहर की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में शहर में एक बड़े अस्पताल के लिए मास्टर प्लान में प्रावधान हो और यह अस्पताल दक्षिणी सेक्टर में बने।
विज्ञापन
बोर्ड की रिपोर्ट में सेक्टर-22 स्थित कम्युनिटी हेल्थ सेंटर और सेक्टर-45 स्थित पोली क्लीनिक को अपग्रेड करने, गांव बहलाना, रायपुर खुर्द और किशनगढ़ में सब्सिडरी हेल्थ सेंटर खोलने, सेक्टर-52, 38 (वेस्ट), सेक्टर-48 और सेक्टर-63 में नई डिस्पेंसरी शुरू करने की बात कही है।
विज्ञापन
बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में पीजीआई के नेहरू अस्पताल के आधुनिकीकरण, कैंसर सेयर के लिए 250 बेड का अस्पताल बनाने, डॉक्टरों के लिए नए हॉस्टल बनाने की बात भी कही है।
पीजीआई में ट्रैफिक को कम करने के लिए ट्राली बस सिस्टम शुरू करने को कहा गया है। ध्यान रहे कि पीजीआई को विस्तार के लिए सारंगपुर में जमीन अलॉट की जा रही है।
नई होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी बनेगी
बोर्ड ऑफ इंक्वायरी ने अपनी रिपोर्ट में तीन नई गवर्नमेंट होम्योपैथिक डिस्पेंसरी बनाने को कहा है। यह डिस्पेंसरियां सेक्टर-41 (बड़हेड़ी), सेक्टर-52 और सेक्टर-30 में बनेगी।
साथ ही सेक्टर-34 की होम्योपैथिक डिस्पेंसरी को सुबह से रात तक खोले जाने की बात कही गई है। साथ ही नई गवर्नमेंट आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी बनाने की बात भी कही गई है। मनीमाजरा में ऐसी डिस्पेंसरी बनाने को कहा गया है जो कि आयुर्वेदिक के साथ-साथ होम्योपैथिक डिस्पेंसरी भी हो।