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चंडीगढ़ः पीसीए और पुलिस के बीच चल रहा विवाद खत्म करेंगे एडवाइजर, जानिए क्या है मामला
Thu, 30 Jan 2020 10:49 AM IST
खुशबू गोयल
रिशु राज सिंह, अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 30 Jan 2020 10:49 AM IST
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यूटी एडवाइजर मनोज परिदा
- फोटो : फाइल फोटो
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पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी (पीसीए) और चंडीगढ़ पुलिस विभाग के बीच एक मामले में कागज दिखाने को लेकर चल रहे विवाद को खत्म करने की जिम्मेदारी एडवाइजर मनोज परिदा को दी गई है। यूटी के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने एडवाइजर मनोज परिदा को कहा है कि वह दोनों के बीच चल रहे विवाद को खत्म करें। साथ ही यह भी पुख्ता करें कि पीसीए के काम में कोई अड़चन ना आए।
एडवाइजर ने भी इसकी पुष्टि की है। सीबीआई के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना, चंडीगढ़ पुलिस के पूर्व डीजीपी तेजिंदर सिंह लूथरा समेत आठ लोगों की ओर से सेक्टर-21 के डॉ. मोहित धवन से धोखाधड़ी के मामले में पीसीए ने चंडीगढ़ पुलिस से केस के कागजात मांगे थे, लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने देने से इनकार कर दिया था।
बुधवार को यूटी सचिवालय में हुई बैठक के दौरान प्रशासन ने इस बारे में एडवाइजर से बात की और उन्हें निर्देश दिए। 21 जनवरी को इस मामले में पीसीए ने चंडीगढ़ पुलिस विभाग को काफी फटकार लगाई थी। आदेशों की अवहेलना करने पर पीसीए ने नाराज होकर चंडीगढ़ के प्रशासक को भी पत्र लिखकर शिकायत की थी।
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फिलहाल, पीसीए में इस केस की अगली सुनवाई 11 फरवरी को होनी है, लेकिन इससे पहले अब एडवाइजर मनोज परिदा इस विवाद को खत्म करने की पहल करेंगे।
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एडवाइजर ने भी इसकी पुष्टि की है। सीबीआई के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना, चंडीगढ़ पुलिस के पूर्व डीजीपी तेजिंदर सिंह लूथरा समेत आठ लोगों की ओर से सेक्टर-21 के डॉ. मोहित धवन से धोखाधड़ी के मामले में पीसीए ने चंडीगढ़ पुलिस से केस के कागजात मांगे थे, लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने देने से इनकार कर दिया था।
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बुधवार को यूटी सचिवालय में हुई बैठक के दौरान प्रशासन ने इस बारे में एडवाइजर से बात की और उन्हें निर्देश दिए। 21 जनवरी को इस मामले में पीसीए ने चंडीगढ़ पुलिस विभाग को काफी फटकार लगाई थी। आदेशों की अवहेलना करने पर पीसीए ने नाराज होकर चंडीगढ़ के प्रशासक को भी पत्र लिखकर शिकायत की थी।
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फिलहाल, पीसीए में इस केस की अगली सुनवाई 11 फरवरी को होनी है, लेकिन इससे पहले अब एडवाइजर मनोज परिदा इस विवाद को खत्म करने की पहल करेंगे।
पीसीए को पुलिस ने कहा- कागजात देने या नहीं
21 जनवरी को इस केस में सुनवाई हुई थी। चंडीगढ़ पुलिस विभाग की ओर से इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह पीसीए में पेश हुए। जब उनसे केस से संबंधित कागजात मांगे गए तो उन्होंने इनकार कर दिया। सूत्रों के अनुसार पीसीए में कहा गया कि आला अधिकारी इस केस के संबंध में कागजात देते हैं या नहीं, इस पर विचार नहीं किया गया है। जिस पर पीसीए ने चंडीगढ़ पुलिस को फटकार लगाते हुए प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी।
यह है पूरा मामला
डॉ. धवन का आरोप है कि सीबीआई के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के इशारे पर तत्कालीन डीजीपी लूथरा ने उनसे 50 लाख रुपये उनकी विदेशी पेशेंट को जबरन दिलवाना चाहा। इसके लिए डीएसपी सतीश कुमार और तत्कालीन एसएचओ अश्वनी कुमार ने हर संभव प्रयास कर उन्हें परेशान किया।
आरोप है कि इन लोगों ने कभी घर पर पुलिस भेजी तो कभी हेडक्वार्टर ले जाकर डीजीपी के कमरे में धमकाया। इस संबंध में डॉ. धवन ने सीबीआई डायरेक्टर को शिकायत दी थी। इसके बाद सीबीआई ने अब इस मामले में चंडीगढ़ एडवाइजर को रिपोर्ट भेजकर अफसरों के खिलाफ विजिलेंस इंक्वायरी शुरू करवाई है। इसके अलावा केस की पीसीए में भी शिकायत की गई थी।
यह है पूरा मामला
डॉ. धवन का आरोप है कि सीबीआई के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के इशारे पर तत्कालीन डीजीपी लूथरा ने उनसे 50 लाख रुपये उनकी विदेशी पेशेंट को जबरन दिलवाना चाहा। इसके लिए डीएसपी सतीश कुमार और तत्कालीन एसएचओ अश्वनी कुमार ने हर संभव प्रयास कर उन्हें परेशान किया।
आरोप है कि इन लोगों ने कभी घर पर पुलिस भेजी तो कभी हेडक्वार्टर ले जाकर डीजीपी के कमरे में धमकाया। इस संबंध में डॉ. धवन ने सीबीआई डायरेक्टर को शिकायत दी थी। इसके बाद सीबीआई ने अब इस मामले में चंडीगढ़ एडवाइजर को रिपोर्ट भेजकर अफसरों के खिलाफ विजिलेंस इंक्वायरी शुरू करवाई है। इसके अलावा केस की पीसीए में भी शिकायत की गई थी।