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प्रशासक बदनौर का दावा- चंडीगढ़ किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार, 3000 बेड की व्यवस्था
Sat, 30 May 2020 11:55 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 30 May 2020 11:55 AM IST
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VP Singh Badnore
पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शुक्रवार को ट्राइसिटी के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रशासक ने शहर के तीन प्रमुख अस्पतालों जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16 और पीजीआई में चलाए जा रहे टेली-मेडिसिन की कार्यप्रणाली को लेकर संतुष्टि जताई। उन्होंने बताया कि टेलीमेडिसिन के जरिए रोजाना करीब 900 केसों को देखा जा रहा है। प्रशासक ने डॉक्टरों को नॉन कोविड मरीजों पर भी खास तौर पर ध्यान रखने के निर्देश दिए।
प्रशासक ने कहा कि शहर में मानसून का प्रवेश होने वाला है। ऐसे में अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए भी अधिकारियों को काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीबी, डेंगू आदि बीमारियों को दूर रहने के लिए चलाए जाने वाले अभियानों में किसी तरह की ढील नहीं बरती जानी चाहिए। ब्लड बैंक में खून की कमी न हो, इसके लिए रोजाना ब्लड डोनेशन कैंप भी लगाए जाने चाहिए। एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
शहर में कोरोना के गंभीर व कम गंभीर मरीजों को रखने के लिए 3000 बेड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा शहर में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन, पीपीई किट की कोई कमी नहीं है। दवाइयों का स्टॉक भी भरपूर है। इसके अलावा केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार रोजाना टेस्टिंग की जा रही है। डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि सेक्टर-38 और सेक्टर-52 से कंटेनमेंट जोन को हटा लिया गया है। अब तक 3,15,398 लोगों ने आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड किया है और शुक्रवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में जरूरतमंदों को 50900 खाने के पैकेट बांटे गए हैं।
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प्रशासक ने कहा कि शहर में मानसून का प्रवेश होने वाला है। ऐसे में अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए भी अधिकारियों को काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीबी, डेंगू आदि बीमारियों को दूर रहने के लिए चलाए जाने वाले अभियानों में किसी तरह की ढील नहीं बरती जानी चाहिए। ब्लड बैंक में खून की कमी न हो, इसके लिए रोजाना ब्लड डोनेशन कैंप भी लगाए जाने चाहिए। एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
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शहर में कोरोना के गंभीर व कम गंभीर मरीजों को रखने के लिए 3000 बेड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा शहर में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन, पीपीई किट की कोई कमी नहीं है। दवाइयों का स्टॉक भी भरपूर है। इसके अलावा केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार रोजाना टेस्टिंग की जा रही है। डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि सेक्टर-38 और सेक्टर-52 से कंटेनमेंट जोन को हटा लिया गया है। अब तक 3,15,398 लोगों ने आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड किया है और शुक्रवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में जरूरतमंदों को 50900 खाने के पैकेट बांटे गए हैं।
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अब तक 40 हजार मजदूरों को घर भेजा गया: वित्त सचिव
स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि शहर में अब तक 116 एनआरआई आए हैं। सभी को 7 दिन के लिए शहर के होटलों में रखा गया। इनमें से 29 की जांच की गई, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आने पर घर भेज दिया गया है। इसके अलावा 281 यात्री घरेलू विमानों से शहर पहुंचे हैं, जिन्हें केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार घर भेज दिया गया है। उन्हें सेल्फ-मॉनीटरिंग के लिए कहा गया है।
वित्त सचिव एके सिन्हा ने बताया कि प्रवासी मजदूरों पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए आदेशों का चंडीगढ़ में पहले से ही पालन किया जा रहा है। कहा कि, चंडीगढ़ प्रशासन सभी प्रवासी मजदूरों को फ्री टिकट, खाना, पानी और उनके स्वास्थ्य की जांच भी कर रहा है। इसके बाद ही उन्हें ट्रेन में बिठाया जाता है। उन्होंने बताया कि अब तक 40,000 प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजा जा चुका है।
वित्त सचिव एके सिन्हा ने बताया कि प्रवासी मजदूरों पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए आदेशों का चंडीगढ़ में पहले से ही पालन किया जा रहा है। कहा कि, चंडीगढ़ प्रशासन सभी प्रवासी मजदूरों को फ्री टिकट, खाना, पानी और उनके स्वास्थ्य की जांच भी कर रहा है। इसके बाद ही उन्हें ट्रेन में बिठाया जाता है। उन्होंने बताया कि अब तक 40,000 प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजा जा चुका है।