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Hindi News ›   Chandigarh ›   UT Administrator VP Singh Badnore Orders Regarding Care of Pregnant Ladies, Childrens and Senior Citizens

प्रशासक का फरमान- गर्भवती महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों की सेहत का ख्याल रखेंगी स्वास्थ्य टीमें

Tue, 30 Jun 2020 11:04 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 30 Jun 2020 11:04 AM IST
सार

  • प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग को दिया आदेश
  • शहरवासियों से अपील- किसी में कोरोना के लक्षण दिखे तो तुरंत दें सूचना

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UT Administrator VP Singh Badnore Orders Regarding Care of Pregnant Ladies, Childrens and Senior Citizens
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

कोरोना वायरस ज्यादातर बुजुर्ग और गंभीर रोगों से ग्रस्त लोगों को संक्रमित करता है। ऐसे में अब विशेष स्वास्थ्य टीमें शहर में गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के स्वास्थ्य का खास ख्याल रखेंगी। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग को इसके आदेश दिए।
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समीक्षा बैठक में प्रशासक ने शहर वासियों से अपील की है कि अगर उनके पड़ोस में किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण नजर आते हैं तो उसकी जानकारी वह तुरंत स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाइन पर दें ताकि जल्द से जल्द संक्रमित व्यक्ति की पहचान कर उसका इलाज शुरू किया जा सके।
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बैठक में पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर जगतराम ने बताया कि उनके यहां बीते दिनों लिए गए 486 कोरोना के सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 16 सैंपल पॉजिटिव मिले। इसमें चंडीगढ़ का कोई भी मरीज नहीं है। वहीं, जीएमसीएच-32 के डायरेक्टर प्रिंसिपल ने बताया कि उनके यहां बीते दिनों लिए गए 194 सैंपल में से सिर्फ 12 ही कोरोना पाजिटिव निकले। इसमें से तीन चंडीगढ़ से संबंध रखते हैं।
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पीजीआई में जल्द शुरू होगा सेरो एंटीजन रैपिड टेस्ट

प्रशासक के साथ हुई बैठक में अधिकारियों ने यह जानकारी दी कि पीजीआई को आईसीएमआर से सेरो एंटीजन रैपिड टेस्ट के लिए मंजूरी मिल गई है। उन्होंने कहा कि इसके सत्यापन के बाद इसे चंडीगढ़ में आजमाया जाएगा। इस नई तकनीक से टेस्टिंग की प्रक्रिया तेज होगी, इससे मरीजों का पता जल्दी चलेगा।

आमतौर पर कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट 1-2 दिन में आती है जबकि इस तकनीक में 15 से 30 मिनट के अंदर नतीजे आ जाते हैं। इस नई टेस्टिंग तकनीक के तहत अगर किसी शख्स की रिपोर्ट निगेटिव आती है तो उसकी पुष्टि आरटीपीसी टेस्ट से की जाती है। अगर कोई शख्स पॉजिटिव आता है तो उसे पॉजिटिव मान लिया जाता है।

डब्ल्यूएचओ ने भी माना, बुजुर्गों को कोविड से ज्यादा खतरा

कोरोना वायरस का सबसे अधिक असर बुजुर्गों पर होता है, इसका सबसे बड़ा कारण बुजुर्गों का इम्यून सिस्टम बेहद कमजोर होना है। इसकी तस्दीक विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट भी करती है। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, कोविड-19 से 73 प्रतिशत उन लोगों की मौत होती है, जिन्हें पहले से किसी न किसी तरह की अन्य बीमारी रही है।

बुजुर्गों में शुगर, बीपी या क्रोनिक किडनी या फेफड़ों की बीमारी अधिक होती है। इन बीमारियों की वजह से इस उम्र के लोगों पर कोरोना वायरस काफी खतरनाक असर दिखा रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन ने अनलॉक 1.0 में भी बुजुर्गों को घर में रहने की सलाह दी है। साथ ही हाथों को बार-बार हैंडवॉश और मास्क का इस्तेमाल करने के लिए भी कहा है।
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