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पेरीफेरी में बढ़ा अवैध निर्माण, सबूत के तौर पर सौंपा गया गूगल मैप, कार्रवाई के लिए लिखा पत्र
Fri, 13 Dec 2019 11:20 AM IST
खुशबू गोयल
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 13 Dec 2019 11:20 AM IST
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प्रतीकात्मक फोटो
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यूटी प्रशासन के अर्बन प्लानिंग विभाग ने पेरीफेरी में धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण पर चिंता जताई है। इसको लेकर विभाग ने नगर निगम के कमिश्नर, डीसी और एसडीएम को तत्काल कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है। विभाग ने गूगल मैप के जरिए किशनगढ़, मनीमाजरा, मलोया, बापूधाम के कुछ हिस्से, खुड्डा अलीशेर, कैंबवाला, रायपुर, दड़वा में हुए अवैध निर्माण को भी दिखाया है।
यूटी अर्बन प्लानिंग विभाग ने कहा है कि शहर के पेरीफेरी एरिया में तेजी से चंडीगढ़ मास्टर प्लान-2031 के विपरीत निर्माण किया जा रहा है। इन निर्माणों को रोका नहीं गया तो मास्टर प्लान के अनुसार, इन इलाकों को विकसित करने के लिए जगह ही नहीं बचेगी। पत्र में कहा गया है कि बीते कुछ सालों में निर्माण की गति में तेजी आई है। इससे शहर की सूरत बदल रही है।
विभाग की तरफ से अवैध निर्माण को दिखाने के लिए कई रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गईं हैं। ज्यादातर निर्माण गांव और अर्द्धशहरी इलाके जिनमें किशनगढ़, मनीमाजरा, मलोया, बापूधाम के कुछ हिस्से, खुड्डा अलीशेर, कैंबवाला, रायपुर, दड़वा आदि का क्षेत्रफल बढ़ गया है। भूमाफिया यहां तेजी से अवैध निर्माण कर रहे हैं।
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यूटी अर्बन प्लानिंग विभाग ने कहा है कि शहर के पेरीफेरी एरिया में तेजी से चंडीगढ़ मास्टर प्लान-2031 के विपरीत निर्माण किया जा रहा है। इन निर्माणों को रोका नहीं गया तो मास्टर प्लान के अनुसार, इन इलाकों को विकसित करने के लिए जगह ही नहीं बचेगी। पत्र में कहा गया है कि बीते कुछ सालों में निर्माण की गति में तेजी आई है। इससे शहर की सूरत बदल रही है।
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विभाग की तरफ से अवैध निर्माण को दिखाने के लिए कई रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गईं हैं। ज्यादातर निर्माण गांव और अर्द्धशहरी इलाके जिनमें किशनगढ़, मनीमाजरा, मलोया, बापूधाम के कुछ हिस्से, खुड्डा अलीशेर, कैंबवाला, रायपुर, दड़वा आदि का क्षेत्रफल बढ़ गया है। भूमाफिया यहां तेजी से अवैध निर्माण कर रहे हैं।
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गांवों के नगर निगम में शामिल होने के बाद से आई अवैध निर्माण में तेजी
नाम न छापने की शर्त पर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 13 गांवों के नगर निगम में शामिल होने के बाद से अवैध निर्माण में तेजी आई है। उन्होंने बताया कि इन इलाकों में ज्यादातर निर्माण किराये पर देने के लिए छोटे-छोटे फ्लैट्स के रूप में किया जा रहा है। यह छोटे फ्लैट्स सुरक्षा के मानकों को भी पूरा नहीं करते। कुछ इलाकों में छोटे-छोटे प्लॉट भी काटकर बेचे जा रहे हैं।
लाभ कमाने के लिए खेती की जमीनों पर निर्माण कर रिहायशी मकान के रूप में बदला जा रहा है। शहर में किराए पर रहने वाले लोगों की संख्या काफी ज्यादा है। मुख्य सेक्टरों में किराया काफी ज्यादा है। गांवों में आसानी से और सस्ते दामों पर मकान किराये पर मिल जाते हैं इसलिए ही भूमाफिया ज्यादा सक्रिय हैं। गौरतलब है कि 13 गांवों के नगर निगम में शामिल होने के बाद से यहां की जमीनों की कीमत कई गुणा बढ़ गई है।
सूरत बिगाड़ने में नेता, जमींदार समेत कई जिम्मेदार
नाम न छापने की शर्त पर प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि इन इलाकों में अवैध निर्माण के लिए कई लोग जिम्मेदार है, जिनमें स्थानीय नेता, जमींदार, किरायेदार और घर खरीदार शामिल हैं। हालांकि कहीं न कहीं वह अधिकारी भी इसके लिए जिम्मेदार हैं, जिन्होंने समय रहते कार्रवाई नहीं की और अवैध निर्माण काफी ज्यादा हो गया है। यूटी अर्बन प्लानिंग विभाग विभाग ने अब तत्काल कार्रवाई के लिए कहा है ताकि मास्टर प्लान में सुझाए गए तरीके से ही पेरीफेरी का विकास किया जा सके।
नगर निगम के क्षेत्र में आने वाले सभी निर्माण कार्यों पर सख्ती बरती जा रही है। समय-समय पर अधिकारी चेकिंग भी करते हैं। जहां शिकायत मिलती है, दस्तावेजों के आधार पर अवैध निर्माण गिराया जाता है।
- केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम चंडीगढ़
लाभ कमाने के लिए खेती की जमीनों पर निर्माण कर रिहायशी मकान के रूप में बदला जा रहा है। शहर में किराए पर रहने वाले लोगों की संख्या काफी ज्यादा है। मुख्य सेक्टरों में किराया काफी ज्यादा है। गांवों में आसानी से और सस्ते दामों पर मकान किराये पर मिल जाते हैं इसलिए ही भूमाफिया ज्यादा सक्रिय हैं। गौरतलब है कि 13 गांवों के नगर निगम में शामिल होने के बाद से यहां की जमीनों की कीमत कई गुणा बढ़ गई है।
सूरत बिगाड़ने में नेता, जमींदार समेत कई जिम्मेदार
नाम न छापने की शर्त पर प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि इन इलाकों में अवैध निर्माण के लिए कई लोग जिम्मेदार है, जिनमें स्थानीय नेता, जमींदार, किरायेदार और घर खरीदार शामिल हैं। हालांकि कहीं न कहीं वह अधिकारी भी इसके लिए जिम्मेदार हैं, जिन्होंने समय रहते कार्रवाई नहीं की और अवैध निर्माण काफी ज्यादा हो गया है। यूटी अर्बन प्लानिंग विभाग विभाग ने अब तत्काल कार्रवाई के लिए कहा है ताकि मास्टर प्लान में सुझाए गए तरीके से ही पेरीफेरी का विकास किया जा सके।
नगर निगम के क्षेत्र में आने वाले सभी निर्माण कार्यों पर सख्ती बरती जा रही है। समय-समय पर अधिकारी चेकिंग भी करते हैं। जहां शिकायत मिलती है, दस्तावेजों के आधार पर अवैध निर्माण गिराया जाता है।
- केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम चंडीगढ़