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साल 2013 में 'कुछ राहत - कुछ आफत'
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 30 Dec 2013 11:32 AM IST
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यूटी प्रशासन ने वर्ष 2013 में कई योजनाएं बनाईं। लेकिन, शहर के लोगों की उम्मीदों पर चंडीगढ़ प्रशासन बहुत ज्यादा खरा नहीं उतरा।
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इस साल की सबसे बड़ी उपलब्धि जहां धनास में पुनर्वास योजना के तहत बने फ्लैटों की अलॉटमेंट और शहर के सबसे बड़े स्लम कालोनी नंबर पांच को खाली कराना था।
वहीं, साल भर मेट्रो प्रोजेक्ट और मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को लेकर कई बैठकें हुईं। मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तो तैयार हो गया और इस पर शहर के लोगों के सुझाव और आपत्तियां भी मांगी गईं।
मेट्रो प्रोजेक्ट धीमी गति से साल भर आगे बढ़ा और प्रशासन इस प्रोजेक्ट को लेकर पंजाब और हरियाणा सरकार के साथ एमओयू पर भी हस्ताक्षर नहीं कर सका।
इसके साथ ही साल भर तक प्रशासन शहर के लिए नई बसें नहीं खरीद पाया। टेंडर तो कई बार आमंत्रित किए गए, लेकिन, फाइनल नहीं हो सका।
वर्ष 2013 में शहर के रिहायशी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जहां संपदा विभाग और सीएचबी ने वॉयलेशन को लेकर नोटिस जारी किए।
वहीं, व्यापारियों को भी संपदा विभाग ने नोटिस जारी किए। इससे व्यापारियों में हड़कंप मच रहा। प्रशासन के इस कदम का व्यापारियों ने विरोध भी किया।
चंडीगढ़ के उपायुक्त मोहम्मद शाइन का तत्कालीन एसडीएम (साउथ) अमनदीप कौर के साथ विवाद कई दिनों तक चर्चा में रहा। बाद में कौर के विभाग बदल दिए गए। वर्ष 2013 में चंडीगढ़ प्रशासन में कई नए अधिकारी भी आए।
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-चंडीगढ़ में डायरेक्ट कैश ट्रांसफर स्कीम लागू हुई और प्रशासन ने केंद्र सरकार की कई योजनाओं को लागू कर इसका सीधा लाभ लोगों को दिया
-शहर में नई स्पीड लिमिट को किया गया लागू
-आरएलए ने 1 अप्रैल से रोड टैक्स में बढ़ोतरी कर लोगों को बड़ा झटका दिया
-जेईआरसी ने प्रशासन के बिजली विभाग की ओर से रेट बढ़ाने की याचिका को खारिज कर दी। बिजली के रेट न बढ़ने से लोगों को राहत मिली
-जुलाई में प्रशासन ने सभी मल्टीप्लेक्स के रेट में समानता ला दी और टिकट में रेट में मामूली बढ़ोतरी कर दी
-शहर को दो नए ई संपर्क सेंटर केंद्र मिले
-ई संपर्क सेंटर में रेल आरक्षण की सुविधा शुरू हुई
-मनीमाजरा में नया अस्पताल और जीएमएसएच-16 में नई ओपीडी हुई शुरू
-यूटी प्रशासन ने आईटी और इलेक्ट्रानिक्स पॉलिसी को लांच किया
-कांट्रेक्ट महिला कर्मचारियों को तीन महीने के मातृत्व अवकाश (वेतन सहित) देने का फैसला लिया गया
-नई सलहाकार समिति का गठन किया गया
-वाहनों पर एचएसआरपी लगनी शुरू हुई
-जिला अदालत सेक्टर-43 की नई बिल्डिंग में ट्रांसफर हुआ
-चंडीगढ़ में कलेक्टर रेट में 50 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई
-नई एक्साइज पॉलिसी लागू होने के बाद शहर में सड़कों के किनारों से शराब के ठेके हट गए। कई ठेके खाली भी रह गए हैं।