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यूपीएससी परीक्षा में छाईं चंडीगढ़ की बेटियां, दूसरे प्रयास में रिद्धिमा ने हासिल की 74वीं रैंक

Wed, 05 Aug 2020 01:08 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 05 Aug 2020 01:08 AM IST
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UPSC Civil Services Result: Chandigarh's Riddhima Ranked 74th In UPSC Exam
रिद्धिमा श्रीवास्तव, सृष्टि, मुस्कान जिंदल

देश की सबसे प्रतिष्ठित व चुनौतीपूर्ण मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा के नतीजे मंगलवार दोपहर घोषित किए गए इस परीक्षा को पास करना सबसे मुश्किल माना जाता है। कहा जाता है कि आईएएस की परीक्षा वही पास कर पाता है, जिसके अंदर धैर्य, लगन, तपस्या, विपरीत परिस्थितियों से जूझना और निरंतर लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रयास करना शामिल होता है। ट्राइसिटी के भी कई ऐसे युवा हैं, जिन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया और सिविल सर्विसेज परीक्षा को पास कर कामयाबी हासिल की। परीक्षा में चंडीगढ़ की रिद्धिमा ने 74वीं रैंक हासिल की है। 

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दूसरे प्रयास में बन गई आईएएस
सेक्टर-24 की रहने वाली रिद्धिमा श्रीवास्तव ने आईएएस की परीक्षा में 74वीं रैंक हासिल की है। रिद्धिमा ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से वर्ष 2017 में इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है। उसके बाद वह सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी में जुट गई थी। रिद्धिमा के मुताबिक साल 2018 में भी परीक्षा दी लेकिन प्रारंभिक परीक्षा पास नहीं कर सकी। निराश होने के बजाय उन्होंने फिर से तैयारी की और सफलता प्राप्त की। दूसरे प्रयास से पहले उन्होंने छोटी-छोटी गलतियों को सुधारा और उस पर काम किया।
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रिद्धिमा की शुरुआती पढ़ाई पंजाब के मानसा से हुई है। इसके बाद की पढ़ाई उन्होंने चंडीगढ़ में ही की है। परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने करेंट अफेयर्स के लिए राष्ट्रीय अखबारों को पढ़ा। परीक्षा के दिनों में रोजाना 10 से 12 घंटे पढ़ाई की। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा में आने के बाद वह ऐसा काम करना चाहती है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ हो। रिद्धिमा ने कहा कि सर्विस कौन सी मिलेगी, इसका फैसला बाद में होगा, हालांकि उन्होंने इंडियन फॉरेन सर्विस (आईएफएस) के लिए आवेदन किया था। उनके पिता राजी श्रीवास्तव रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं, जबकि मां राजी पी श्रीवास्तव भी आईएएस हैं, जो पंजाब के सोशल डिपार्टमेंट में सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं।
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परीक्षा की तैयारी की टिप्स

  • टॉपर्स के ब्लॉग व वीडियो देखें
  • ज्यादातर पढ़ने का मैटीरियल इंटरनेट से मिल जाता है।
  • जो भी पढ़ें, पूरे ध्यान से व मन लगाकर पढ़ें।
  • प्रारंभिक परीक्षा को गंभीरता से लें।
  • छोटे-छोटे टारगेट बनाकर पढ़ाई करें।

पहली बार में 87वीं रैंक लेने वाली मुस्कान हिमाचल में देना चाहती हैं सेवाएं

UPSC Civil Services Result: Chandigarh's Riddhima Ranked 74th In UPSC Exam
रिद्धिमा श्रीवास्तव

सेक्टर-32 एसडी कालेज से बीकॉम पासआउट मुस्कान जिंदल ने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की है। 87वीं रैंक लाने वाली मुस्कान का कहना है कि उनके पिता का सपना था कि उनकी बेटी आईएएस बने। स्कूल टाइम से ही अपना उद्देश्य निर्धारित कर लिया था और उसी दिशा में काम किया। मूलरूप से बद्दी की रहने वाली मुस्कान के पिता पवन बंसल व्यवसायी और माता ज्योति बंसल गृहणी हैं।

मुस्कान ने बताया कि उन्होंने चंडीगढ़ के कई कोचिंग संस्थानों से कमजोर विषयों में गहनता हासिल करने के लिए कोचिंग ली। इसके बावजूद ज्यादा समय स्वयं की पढ़ाई में दिया। मुस्कान ने पहली बार में सिविल सर्विसेज को पास करने का श्रेय अपनी तैयारियों की रणनीति को दिया है। मुख्य परीक्षा से पहले 3-4 बार इसका सिलेबस पढ़ा। मुस्कान जिंदल हिमाचल प्रदेश में अपनी सेवाएं देना चाहती हैं।

परीक्षा तैयारी के टिप्स

  • उत्तर लिखने की ज्यादा तैयारी की।
  • एनसीईआरटी की किताबों को पढ़ना।
  • कोचिंग के अलावा स्वयं से सात घंटे पढ़ना।
  • जो पढ़ा है, उसका रिवीजन जरूर करें।
  • तैयारी के साथ आत्मविश्वास बनाए रखना।

UPSC Civil Services Result: Chandigarh's Riddhima Ranked 74th In UPSC Exam
मुस्कान जिंदल

पांच बार रही असफल, मेहनत करना नहीं छोड़ा, पाया मुकाम
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती... इस बात को सच कर दिखाया है, सेक्टर-45ए में रहने वाली जसरूप कौर ने। जसरूप ने पांच बार यूपीएससी सीएसई की परीक्षा दी, लेकिन हर बार वह असफल रहीं। उन्होंने हार नहीं मानी और परीक्षा की तैयारी में लगी रहीं। आखिरी प्रयास में उन्होंने 144 वां रैंक हासिल किया है। वह इंडियन ट्रेड सर्विस में नौकरी भी कर रही हैं। 

जसरूप कौर के पिता जसकरणजीत सिंह व्यापारी हैं, उनकी माता रूपिंदर कौर घर संभालती हैं। उन्होंने बताया कि असफल होने के बाद उन्होंने अपनी रणनीति बदली। प्रारंभिक परीक्षा को गंभीरता से लिया और रोजाना छह से सात घंटे की पढ़ाई की। नौकरी करने की वजह से उन्हें बाकियों के मुकाबले पढ़ने के लिए कम समय मिलता था। जसरूप ने कहा कि वह प्रशासनिक सेवा में आने के बाद से समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए काम करना चाहती हैं।

परीक्षा की तैयारी के लिए टिप्स

  • प्रारंभिक परीक्षा को फोकस करना।
  • हर टॉपिक के बेस को अच्छी तरह से समझना।
  • जितनी देर भी पढ़ें, एकाग्रता से पढ़ें।
  • नौकरी से प्रैक्टिकल ज्ञान मिलता है।
  • टॉपर्स के इंटरव्यू जरूर पढ़ें।

भारत-चीन सीमा पर तैनात पापा से मिली देश सेवा की प्रेरणा

UPSC Civil Services Result: Chandigarh's Riddhima Ranked 74th In UPSC Exam
सृष्टि

सिविल सर्विसेज की परीक्षा में 734वीं रैंक पाकर आईएएस बनीं सृष्टि देश की सेवा करना चाहती हैं। देश सेवा की प्रेरणा उन्हें आईटीबीपी में कमांडेंट के पद पर भारत-चीन सीमा पर तैनात पापा से मिली है। पंचकूला के आईटीबीपी कैंप में परिवार के साथ रह रहीं सृष्टि ने बताया कि पांचवें प्रयास में उन्हें यह सफलता मिल पाई है। 

वह प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं, यदि इस रैंक में यह संभव नहीं हो पाया तो वह सर्विस ज्वाइन कर फिर से प्रयास करेंगी। सृष्टि उत्तराखंड के जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर के साहिया गांव की रहने वाली हैं। सृष्टि के पिता दौलत सिंह आईटीबीपी में कमांडेंट के पद पर तैनात हैं। वे इन दिनों हिमाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर तैनात हैं। 12वीं तक पढ़ाई दिल्ली से की उसके बाद उत्तराखंड से बीटेक की डिग्री हासिल की।

परीक्षा की तैयारी के लिए टिप्स

  • जितना पढ़ो, मन लगाकर पढ़ो।
  • जब मन होता था, तभी पढ़ती थीं।
  • सोशल मीडिया से दूरी बनाएं।
  • धैर्य और अपने विश्वास बनाकर रखें।
  • लक्ष्य तय होना चाहिए, तभी सफलता मिलेगी।
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