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हरियाणा के कई जिलों में बारिश के साथ भीषण ओलावृष्टि, फसलों को भारी नुकसान
Wed, 04 Mar 2020 05:47 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 04 Mar 2020 05:47 PM IST
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ओले पड़ने से फसल हुई बर्बाद।
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बुधवार शाम को अचानक हरियाणा में मौसम का मिजाज फिर से बदल गया। बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से फसलों में भारी नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है। हालांकि इससे पहले दिन में तेज धूप निकलने से लोगों को गर्मी का अहसास हुआ था। बारिश व ओलावृष्टि की वजह से तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। गेहूं, सरसों, सब्जी की फसल में ओलावृष्टि से नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार शनिवार तक पश्चिमी विक्षोभ का असर बरकरार रह सकता है।
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दो दिनों से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो रही थी। दिन का अधिकतम तापमान बढ़कर 25 डिग्री तक पहुंच गया था, वहीं न्यूनतम तापमान भी 14 डिग्री के आसपास बना हुआ था। ऐसे में लोगों ने गर्म कपड़े पहनने भी छोड़ दिए थे, परंतु बुधवार शाम को मौसम का मिजाज एक बार फिर से बदल गया और बरसात के साथ ओलावृष्टि हुई।
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काफी देर तक हल्की बूंदाबांदी के बीच ओलावृष्टि होती रही। राई क्षेत्र में दो बार ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। फरवरी माह के बाद मार्च माह में भी लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, जिसकी वजह से बरसात के साथ ओलावृष्टि भी हो रही है। जिसका प्रतिकूल असर गेहूं की अगेती फसलों पर पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त सरसों की फसल पर भी बरसात और ओलावृष्टि से प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
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दिन के समय हो गया अंधेरा
बुधवार शाम को आसमान में काले बादल छाने के साथ ही अंधेरा छा गया था। जिससे लोगों को शाम के पांच बजे ही वाहनों की लाइट जलाकर चलना पड़ रहा था। जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आगे ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने पांच मार्च को फिर तेज बारिश और ओले पड़ने की आशंका जताई है। इस दौरान 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी भी चल सकती है। मौसम का यही रुख रहा तो सरसों और गेहूं की पकी फसलें फिर तबाह हो सकती हैं। 5 और 6 मार्च को हवाओं व गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना रहेगी।