दो भाइयों ने इस ढंग से की शादी, चारों तरफ हो रही वाहवाही, आंखें भी दान की
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले के गांव भगड़ाना में दो नौजवानों ने सिख मर्यादा में सादा विवाह कर एक अनूठी मिसाल दी है। पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में धर्म अध्ययन विषय पर पीएचडी कर रहे रिसर्च स्कॉलर जगजीत सिंह निवासी पंजोली और सेना में नौकरी कर रहे श्रीनगर में तैनात चचेरे भाई परमिंदर सिंह ने रविवार को गांव भगड़ाना के गुरुद्वारा साहिब में सिख मर्यादा अनुसार सादा विवाह किया।
यह विवाह बिना किसी खर्च एवं दिखावे से रहित रहा, जिसमें न लड़की वालों ने कोई खर्च किया और न ही लड़के वालों ने। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन हजूरी में लावां लेने के बाद पंगत में बैठकर सभी ने लंगर छका और वाहेगुरु का शुक्राना किया।
इससे पहले दोनों जोड़ों की परिवार मिलनी में कोई शगुन आदि का आदान-प्रदान नहीं हुआ। सिरोपे भेंटकर सभी रिश्तेदारों व बारातियों का स्वागत किया गया। नवविवाहितों ने आनंद कारज के बाद मरणोपरांत आंखें दान करने का फार्म भी भरा। जगजीत सिंह पंजोली ने बताया कि परमिंदर सिंह मेरे चाचा का बेटा है और इस विवाह में हमारी दोनों की पत्नियों ने भी अपने घरवालों को सादा विवाह करने के लिए राजी किया था और अपनी आंखें दान करके सभी ने युवाओं के लिए एक मिसाल कायम की है।
जगजीत सिंह ने बताया कि वह पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में धर्म अध्ययन विभाग के रिसर्च स्कॉलर हैं और इसी विषय पर पीएचडी भी कर रहे हैं। भाई परमिंदर सिंह श्रीनगर स्थित भारतीय फौज में देश की सेवा कर रहे हैं। कहा कि हम युवा पीढ़ी को यह संदेश देना चाहते हैं कि बिना किसी फालतू खर्च के सादे ढंग से विवाह किए जाएं।
दोनों की पत्नियों ने ऐसे दिया सहयोग
नवविवाहित दविंदर कौर और परविंदर कौर ने बताया कि हम अपने घर वालों से पहले ही यह फैसला किया था। हम अपना विवाह गुरु मर्यादा के अनुसार सादे ढंग से करेंगे ताकि दोनों परिवार पर अधिक खर्च का बोझ ना पड़ें। हमने आज अपने विवाह की खुशी में आंखें भी दान की हैं।
सवा रुपये में शादी करवाना गुरु साहिब का आदेश
शादी समारोह में दोनों जोड़ों को आशीर्वाद देने पहुंचे शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य करनैल सिंह पंजोली ने कहा कि हमारे गुरु साहिबानों का आदेश है कि अपना विवाह सवा रुपये में करें। इसका मतलब गुरु घर जाकर देग प्रसाद लेकर अरदास कर सादे तरीके बिना दान दहेज के साथ विवाह करें। जगजीत सिंह पंजोली और परविन्दर सिंह दोनों ने सादे विवाह करवाकर सादे ढंग से विवाह करने की मिसाल पैदा की हैं और इन दोनों जोड़ों ने अपनी आंखें भी दान की हैं, जो बहुत बड़ा संदेश है।