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अनोखा आदेश- टीचर्स मेले में पुजारी बनकर पूजा पाठ करें, जानिए फिर क्या हुआ?
गुरदीप सिंह सोढी/अमर उजाला, यमुनानगर(हरियाणा)
Updated Thu, 02 Nov 2017 11:11 AM IST
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एक अनोखा सरकारी आदेश जारी हुआ कि कपालमोचन मेले में टीचर्स पूजा पाठ करेंगे और प्रसाद बांटेंगे। यह सुनकर अध्यापक भड़क गए और कड़ी निंदा की। मामला हरियाणा के यमुनानगर का है। जिला प्रशासन की ओर से शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर अध्यापकों को पुजारी की डयूटी की ट्रेनिंग में भेजने को कहा गया है। जिसके तहत गुरुजी मेले में पुजारी के रूप में नजर आएंगे। इसके लिए अध्यापकों को बाकायदा पूजा-पाठ करने व पुजारी के क्रिया-कलापों की ट्रेनिंग दी जाएगी।
वहीं इस अनोखे आदेश का अध्यापक संघों ने कड़ा विरोध किया है। कपालमोचन मेले में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। ये श्रद्धालु कपालमोचन, ऋणमोचन व सूरजकुंड में बने मंदिरों में माथा टेकते हैं। ये मंदिर श्राइन बोर्ड के अधीन आते हैं। मंदिरों में लाखों का चढ़ावा चढ़ाया जाता है। मंदिरों में नियुक्त पुजारियों को बोर्ड की ओर से बाकायदा वेतन दिया जाता है।
कपालमोचन मेला प्रशासक की ओर से जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को इस संबंध में लैटर लिखकर अध्यापकों को कपालमोचन के मंदिरों में पुजारी की डयूटी के लिए लगने वाले प्रशिक्षण शिविर में भेजने को कहा गया था। यह शिविर 29 अक्टूबर को लगाया गया था, लेकिन इस शिविर में अधिकतर अध्यापक नहीं पहुंचे। इस पर मेला प्रशासक की ओर से जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को पुन: लैटर लिखकर अध्यापकों को दोबारा प्रशिक्षण शिविर में भेजने व प्रशिक्षण शिविर में न आने वाले अध्यापकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा गया है।
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वहीं इस अनोखे आदेश का अध्यापक संघों ने कड़ा विरोध किया है। कपालमोचन मेले में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। ये श्रद्धालु कपालमोचन, ऋणमोचन व सूरजकुंड में बने मंदिरों में माथा टेकते हैं। ये मंदिर श्राइन बोर्ड के अधीन आते हैं। मंदिरों में लाखों का चढ़ावा चढ़ाया जाता है। मंदिरों में नियुक्त पुजारियों को बोर्ड की ओर से बाकायदा वेतन दिया जाता है।
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कपालमोचन मेला प्रशासक की ओर से जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को इस संबंध में लैटर लिखकर अध्यापकों को कपालमोचन के मंदिरों में पुजारी की डयूटी के लिए लगने वाले प्रशिक्षण शिविर में भेजने को कहा गया था। यह शिविर 29 अक्टूबर को लगाया गया था, लेकिन इस शिविर में अधिकतर अध्यापक नहीं पहुंचे। इस पर मेला प्रशासक की ओर से जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को पुन: लैटर लिखकर अध्यापकों को दोबारा प्रशिक्षण शिविर में भेजने व प्रशिक्षण शिविर में न आने वाले अध्यापकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा गया है।
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अध्यापक संघ ने किया विरोध
protest
- फोटो : demo pic
अध्यापकों को कपालमोचन मेले में पुजारी की डयूटी के लिए बुलाने का अध्यापकों ने कड़ा विरोध किया है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान राकेश धनखड़ व सचिव जगपाल सिंह ने कहा कि अध्यापकों से पहले ही गैर शिक्षण कार्य करवाए जाते रहे हैं। अब अध्यापकों को पुजारी बनने को कहा जा रहा है, जो कि सरासर गलत है। पुजारी की ट्रेनिंग के लिए लगाए गए प्रशिक्षण शिविर में कई अध्यापक नहीं पहुंचे। मेला प्रशासन की ओर से इन अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई करने का लैटर भी लिखा गया है। अध्यापक संघ इसकी कड़ी निंदा करता है।
मेला प्रशासक की ओर से हमें कपालमोचन मेले में पुजारी की डयूटी के लिए अध्यापकों की डयूटी लगाने का लैटर आया था। इन अध्यापकों को प्रशिक्षण शिविर में भेजने को कहा गया था। सभी बीईओ को यह लैटर भेज दिया गया था। कुछ अध्यापकों को प्रशिक्षिण शिविर में भेजा गया है, जबकि कुछ अध्यापक शिविर में नहीं गए हैं। इन अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- सुरेश कुमार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
सभी मंदिरो में श्राइन बोर्ड के पुजारी हैं। मेले में लाखों श्रद्धालु आते हैं, जिससे मंदिरों में काफी भीड़ हो जाती है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो, इस कारण अध्यापकों से पुजारी की डयूटी करवाई जा रही है।
- दिनेश कुमार, बीडीपीओ व मेला अधिकारी
मेला प्रशासक की ओर से हमें कपालमोचन मेले में पुजारी की डयूटी के लिए अध्यापकों की डयूटी लगाने का लैटर आया था। इन अध्यापकों को प्रशिक्षण शिविर में भेजने को कहा गया था। सभी बीईओ को यह लैटर भेज दिया गया था। कुछ अध्यापकों को प्रशिक्षिण शिविर में भेजा गया है, जबकि कुछ अध्यापक शिविर में नहीं गए हैं। इन अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- सुरेश कुमार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
सभी मंदिरो में श्राइन बोर्ड के पुजारी हैं। मेले में लाखों श्रद्धालु आते हैं, जिससे मंदिरों में काफी भीड़ हो जाती है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो, इस कारण अध्यापकों से पुजारी की डयूटी करवाई जा रही है।
- दिनेश कुमार, बीडीपीओ व मेला अधिकारी