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दूल्हा-दुल्हन दोनों MBA, न बैंड बाजा न बारात, 15 मिनट में की अनोखी शादी
ब्यूरो/अमर उजाला, कुराली(मोहाली)
Updated Thu, 14 Dec 2017 02:24 PM IST
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एमबीए पास की अनोखी शादी
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एमबीए पास दूल्हा-दुल्हन ने 15 मिनट में अनोखे ढंग से शादी कर ली। न दहेज, न बैंडबाजा, न शहनाई बजी। दूल्हा आया, रस्में निभाई और दुल्हन को ले गया। मोहाली के कुराली में समाज सुधारो और दिखावा खत्म करने के उद्देश्य को लेकर अस्तित्व में आई समाजसेवी संस्था ‘नई सोच नई पुलांघ’ का प्रभाव गांवों में देखने को मिल रहा है।
संस्था की इस लहर में शामिल होते हुए गांव घटोर के परिवार ने एमबीए पास जोडे़ का विवाह घर में ही बिलकुल सादे ढंग से करके एक नया संदेश दिया है। क्षेत्र में इस सादे विवाह की प्रशंसा की जा रही है। जानकारी के अनुसार, विवाह के बंधन में बंधे लड़का और लड़की दोनों एमबीए पास हैं।
दोनों अंतरराष्ट्रीय कंपनी में लाखों रुपये के पैकेज पर काम करते हैं। दोनों परिवार के अनुसार तय प्रोग्राम में लड़का केवल सात व्यक्तियों को लेकर लड़की के घर पहुंचा और घर में ही विवाह की सभी रस्में गुरमति अनुसार निभाई गई।
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नई सोच नई पुलांघ के प्रबंधकों ने कहा कि समाज को कर्ज से निकालने के लिए सामाजिक प्रोग्रामों में किए जाने वाले दिखावों और इस पर किए जाने वाले फिजूल खर्चों पर नकेल कसनी जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि सभी माता-पिता इस प्रकार की सोच धारण कर ले तो किसानों और मजदूरों को आत्महत्याएं करने की जरूरत नही पडे़गी। उन्होंने लोगों से इस मुहिम का हिस्सा बनने की अपील की।
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संस्था की इस लहर में शामिल होते हुए गांव घटोर के परिवार ने एमबीए पास जोडे़ का विवाह घर में ही बिलकुल सादे ढंग से करके एक नया संदेश दिया है। क्षेत्र में इस सादे विवाह की प्रशंसा की जा रही है। जानकारी के अनुसार, विवाह के बंधन में बंधे लड़का और लड़की दोनों एमबीए पास हैं।
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दोनों अंतरराष्ट्रीय कंपनी में लाखों रुपये के पैकेज पर काम करते हैं। दोनों परिवार के अनुसार तय प्रोग्राम में लड़का केवल सात व्यक्तियों को लेकर लड़की के घर पहुंचा और घर में ही विवाह की सभी रस्में गुरमति अनुसार निभाई गई।
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नई सोच नई पुलांघ के प्रबंधकों ने कहा कि समाज को कर्ज से निकालने के लिए सामाजिक प्रोग्रामों में किए जाने वाले दिखावों और इस पर किए जाने वाले फिजूल खर्चों पर नकेल कसनी जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि सभी माता-पिता इस प्रकार की सोच धारण कर ले तो किसानों और मजदूरों को आत्महत्याएं करने की जरूरत नही पडे़गी। उन्होंने लोगों से इस मुहिम का हिस्सा बनने की अपील की।
ये है समाजसेवी संस्था का लक्ष्य
एमबीए पास की अनोखी शादी
समाजसेवी संस्था नई सोच नई पुलांघ के मेंबर सुखविंद्र सिंह शाहपुर ने बताया कि गांव घटोर के गुरशरण सिंह बाठ का परिवार कुछ समय पहले संस्था से जुड़ा है और संस्था द्वारा शुरू की गई समाज सुधार लहर को सहयोग भी दे रहा है।
उन्होंने बताया कि इस परिवार ने अपनी लड़की जसवीर कौर का विवाह विवेक सिंह के साथ बहुत कम खर्च में और घर में ही साधारण तरीके से किया है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब लोग मैरिज पैलेसों, आतिशबाजी और अन्य कई प्रकार के दिखावों की चमक-दमक पर लाखों रुपये खर्च कर देते हैं।
ऐसे समय में इस ढंग के साथ साधारण विवाह करना समाज के लिए मार्गदर्शन करने वाली बात है। उन्होंने बताया कि दोनों परिवारों और लड़का-लड़की को संस्था नई सोच नई पुलांघ की समाज सुधार लहर और बे-जरूरी रस्मों को बंद करने संबंधी किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी गई।
संस्था की दलीलों के साथ सहमत होते हुए ही दोनों परिवारों ने साधारण तरीके से विवाह करवाकर संस्था को सहयोग देने के साथ-साथ संस्था और क्षेत्र का सम्मान बढ़ाया है।
उन्होंने बताया कि इस परिवार ने अपनी लड़की जसवीर कौर का विवाह विवेक सिंह के साथ बहुत कम खर्च में और घर में ही साधारण तरीके से किया है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब लोग मैरिज पैलेसों, आतिशबाजी और अन्य कई प्रकार के दिखावों की चमक-दमक पर लाखों रुपये खर्च कर देते हैं।
ऐसे समय में इस ढंग के साथ साधारण विवाह करना समाज के लिए मार्गदर्शन करने वाली बात है। उन्होंने बताया कि दोनों परिवारों और लड़का-लड़की को संस्था नई सोच नई पुलांघ की समाज सुधार लहर और बे-जरूरी रस्मों को बंद करने संबंधी किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी गई।
संस्था की दलीलों के साथ सहमत होते हुए ही दोनों परिवारों ने साधारण तरीके से विवाह करवाकर संस्था को सहयोग देने के साथ-साथ संस्था और क्षेत्र का सम्मान बढ़ाया है।