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अनोखा डिवाइस: एक्सीडेंट होते ही पुलिस, एंबुलेंस को सूचना
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Fri, 06 May 2016 01:20 PM IST
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हिसार के स्टूडेंट्स ने बनाया अनोखा डिवाइस
- फोटो : amar ujala
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यदि आपकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया और आप गंभीर रूप से घायल या बेहोश हो गए हैं तो आपको फौरन मदद मिलेगी। एक्सीडेंट होने के तुरंत बाद इसकी सूचना ऑटोमैटिक ही पुलिस, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड के साथ आपके परिवार तक पहुंच जाएगी। यही नहीं पुलिस तुरंत आपकी गाड़ी की लोकेशन पता कर लेगी।
जीजेयू के तीन विद्यार्थियों ने ऑटोमैटिक व्हीकल एक्सीडेंट डिटेक्शन सिस्टम नामक यह डिवाइस तैयार की है। इससे गाड़ी का एक्सीडेंट होने पर तुरंत सहायता मिल सकेगी।विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन विभाग के छात्र रजत सैनी, पुनीत यादव और नवीन ढाका ने मिलकर यह डिवाइस तैयार की है। प्रोजेक्ट कोर्डिनेटर विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर विजयपाल सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में छह महीने का समय लगा।
ऐसे काम करेगा यह सिस्टम
प्रोजेक्ट बनाने वाले ईसीई डिपार्टमेंट के छात्रों ने बताया कि इस ऑटोमैटिक व्हीकल एक्सीडेंट डिटेक्शन सिस्टम में एक पिजो इलेक्ट्रो सेंसर का इस्तेमाल किया गया है, जिसे गाड़ी के आगे लगाया जा सकता है। गाड़ी एक्सीडेंट होने पर ये सेंसर, कंट्रोल बोर्ड को सिग्नल भेजेगा। सिग्नल मिलने पर कंट्रोल बोर्ड पर लगा अलार्म बजने लगेगा। 10 सेकेंड में अलार्म बंद नहीं किया तो पुलिस, एंबुलेंस आदि के पास ऑटोमैटिक मैसेज चला जाएगा।
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कंट्रोल बोर्ड पर लगी सिम भेजेगी मैसेज
असिस्टेंट प्रोफेसर विजयपाल सिंह ने बताया कि कंट्रोल बोर्ड पर दो मुख्य डिवाइस लगाई गई हैं, जिनमें से एक है जीएसएम मॉड्यूल और दूसरा है माइक्रो कंट्रोलर चिप। सेंसर से इसी कंट्रोल बोर्ड को सिग्नल मिलते हैं। सिग्नल मिलने के बाद ही जीएसएम में लगी सिम अपना मैसेज भेजने का काम करती है। इसके लिए सिम में नेटवर्क और बैलेंस होना जरूरी है।
अपने हिसाब से फीड करें समय और नंबर
प्रोजेक्ट के गाइड असिस्टेंट प्रोफेसर अजय कुमार ने बताया कि यदि एक्सीडेंट में ज्यादा चोट वगैरह नहीं आई है और सवारी ठीक है तो 10 सेकेंड से पहले ही अलार्म बंद करना होगा। 10 सेकेंड में अलार्म बंद नहीं किया गया तो मैसेज चला जाएगा। यदि चाहें तो इसके समय को बढ़ा भी सकते हैं। इसके साथ ही सिम में हम उन सभी नंबरों को पहले ही फीड कर सकते हैं, जिनको हम मैसेज भेजना चाहते हैं।
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जीजेयू के तीन विद्यार्थियों ने ऑटोमैटिक व्हीकल एक्सीडेंट डिटेक्शन सिस्टम नामक यह डिवाइस तैयार की है। इससे गाड़ी का एक्सीडेंट होने पर तुरंत सहायता मिल सकेगी।विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन विभाग के छात्र रजत सैनी, पुनीत यादव और नवीन ढाका ने मिलकर यह डिवाइस तैयार की है। प्रोजेक्ट कोर्डिनेटर विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर विजयपाल सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में छह महीने का समय लगा।
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ऐसे काम करेगा यह सिस्टम
प्रोजेक्ट बनाने वाले ईसीई डिपार्टमेंट के छात्रों ने बताया कि इस ऑटोमैटिक व्हीकल एक्सीडेंट डिटेक्शन सिस्टम में एक पिजो इलेक्ट्रो सेंसर का इस्तेमाल किया गया है, जिसे गाड़ी के आगे लगाया जा सकता है। गाड़ी एक्सीडेंट होने पर ये सेंसर, कंट्रोल बोर्ड को सिग्नल भेजेगा। सिग्नल मिलने पर कंट्रोल बोर्ड पर लगा अलार्म बजने लगेगा। 10 सेकेंड में अलार्म बंद नहीं किया तो पुलिस, एंबुलेंस आदि के पास ऑटोमैटिक मैसेज चला जाएगा।
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कंट्रोल बोर्ड पर लगी सिम भेजेगी मैसेज
असिस्टेंट प्रोफेसर विजयपाल सिंह ने बताया कि कंट्रोल बोर्ड पर दो मुख्य डिवाइस लगाई गई हैं, जिनमें से एक है जीएसएम मॉड्यूल और दूसरा है माइक्रो कंट्रोलर चिप। सेंसर से इसी कंट्रोल बोर्ड को सिग्नल मिलते हैं। सिग्नल मिलने के बाद ही जीएसएम में लगी सिम अपना मैसेज भेजने का काम करती है। इसके लिए सिम में नेटवर्क और बैलेंस होना जरूरी है।
अपने हिसाब से फीड करें समय और नंबर
प्रोजेक्ट के गाइड असिस्टेंट प्रोफेसर अजय कुमार ने बताया कि यदि एक्सीडेंट में ज्यादा चोट वगैरह नहीं आई है और सवारी ठीक है तो 10 सेकेंड से पहले ही अलार्म बंद करना होगा। 10 सेकेंड में अलार्म बंद नहीं किया गया तो मैसेज चला जाएगा। यदि चाहें तो इसके समय को बढ़ा भी सकते हैं। इसके साथ ही सिम में हम उन सभी नंबरों को पहले ही फीड कर सकते हैं, जिनको हम मैसेज भेजना चाहते हैं।