{"_id":"573ae2ae4f1c1b644eac7add","slug":"unique-bike-made-by-four-students-gulzar-group-of-institute-petrol-battery-khanna","type":"story","status":"publish","title_hn":"4 छात्रों ने 15 हजार में बनाई अनोखी बाइक, बैटरी-पेट्रोल से चलेगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
4 छात्रों ने 15 हजार में बनाई अनोखी बाइक, बैटरी-पेट्रोल से चलेगी
ब्यूरो/अमर उजाला, खन्ना।
Updated Wed, 18 May 2016 10:04 AM IST
विज्ञापन
बिजली से चार्ज होने वाली बैटरी और पेट्रोल दोनों पर चलने वाली बाइक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुलजार ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट खन्ना के मैकेनिकल विभाग के छात्रों ने बिजली से चार्ज होने वाली बैटरी और पेट्रोल दोनों पर चलने वाली बाइक बनाई है। इसे बनाने पर कुल खर्च करीब 15 हजार रुपये आता है। इसे सनमप्रीत सिंह, मोहित कुमार, हरमनप्रीत सिंह और विशाल शर्मा ने बनाया है।
सनमप्रीत ने बताया कि इस बाइक के 70 फीसदी फीचर आम बाइक जैसे ही हैं। इसमें 35 सीसी का पेट्रोल इंजन और 12 वोल्ट/35 एम्पीयर की बैटरी लगाई गई है। एक बार चार्ज करने के बाद बाइक लगातार दो घंटे चल सकती है। बैटरी खत्म होने पर बाइक पेट्रोल पर चलने लगती है। इस दौरान बैटरी चार्ज भी होती है। बैटरी चार्ज होने पर बाइक को दोबारा बैटरी पर चलाया जा सकता है। अधिक लोड होने पर इस बाइक को बैटरी और पेट्रोल दोनों पर एक साथ चलाया जा सकता है।
संस्थान के कार्यकारी निदेशक इंजीनियर गुरकीरत सिंह ने बताया कि सिर्फ दो वर्ष में ही इस बाइक पर आने वाली लागत पूरी हो जाती है। यह बाइक अधिक चार्ज होने वाली बैटरी से चलने के कारण प्रदूषण मुक्त है। चेयरमैन गुरचरण सिंह ने इस बेहतरीन प्रयास के लिए चारों छात्रों और मैकेनिकल विभाग को बधाई दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सनमप्रीत ने बताया कि इस बाइक के 70 फीसदी फीचर आम बाइक जैसे ही हैं। इसमें 35 सीसी का पेट्रोल इंजन और 12 वोल्ट/35 एम्पीयर की बैटरी लगाई गई है। एक बार चार्ज करने के बाद बाइक लगातार दो घंटे चल सकती है। बैटरी खत्म होने पर बाइक पेट्रोल पर चलने लगती है। इस दौरान बैटरी चार्ज भी होती है। बैटरी चार्ज होने पर बाइक को दोबारा बैटरी पर चलाया जा सकता है। अधिक लोड होने पर इस बाइक को बैटरी और पेट्रोल दोनों पर एक साथ चलाया जा सकता है।
विज्ञापन
संस्थान के कार्यकारी निदेशक इंजीनियर गुरकीरत सिंह ने बताया कि सिर्फ दो वर्ष में ही इस बाइक पर आने वाली लागत पूरी हो जाती है। यह बाइक अधिक चार्ज होने वाली बैटरी से चलने के कारण प्रदूषण मुक्त है। चेयरमैन गुरचरण सिंह ने इस बेहतरीन प्रयास के लिए चारों छात्रों और मैकेनिकल विभाग को बधाई दी।
विज्ञापन