होशियारपुर पहुंचे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह: कहा- भारत अगले साल छोड़ेगा मानव रहित अंतरिक्ष यान, कोविड के कारण देरी हुई
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश में स्टार्टअप ईको सिस्टम को बल मिला है, जिसके कारण देश में 70 हजार से अधिक स्टार्टअप हैं, जिसमें युवा पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाते हुए देश को विश्व में नई पहचान दिलाई है।
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केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने कहा कि गगनयान प्रोजेक्ट पहला मानव रहित यान अगले वर्ष छोड़ा जाएगा। इसके तहत तीन अंतरिक्ष यान छोड़े जाएंगे, जिनमें से इसके बाद दूसरे अंतरिक्ष यान में एक वायु मित्र महिला रोबो को भेजा जाएगा, ताकि तीसरे यान में मानव अंतरिक्ष यात्री भेजे जाने से पहले सभी खतरों व परिस्थितियों का आकलन किया जा सके।
सिंह आज डीएवी कॉलेज होशियारपुर में आयोजित दीक्षांत समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि दिसंबर 2018 में कहा गया था कि 40 माह में पहला अंतरिक्ष यान छोड़ा जाएगा, जबकि पहले ही इससे ज्यादा समय बीत चुका है। इस पर उनका कहना है कि प्रोजेक्ट में चाहे कोविड के कारण देरी हुई है लेकिन भारत अपने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस दौरान उनके साथ ऑल इंडिया रेडक्रास सोसायटी के वाइस चेयरमैन अविनाश राय खन्ना व डीएवी कॉलेज मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अनूप कुमार भी मौजूद रहे।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने 4000 करोड़ की लागत से रक्षा मंत्रालय की ओर से मंजूर स्ट्रैटजिक सर्विलांस सेटेलाइट के बारे में पूछे सवाल के जवाब में कहा कि इसका कार्य तेजी से चल रहा है। चीन की एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अनाधिकृत दखल पर नजर रखने के लिए प्रस्तावित आई इन द स्काई योजना में भारत की भूमिका से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में भारत अहम भूमिका निभाएगा। हालांकि पहले भी भारत सक्षम है और अंतरिक्ष में अपने उपग्रहों के जरिये नजर बनाए हैं।
दीक्षांत भाषण में उन्होंने कहा कि देश की नई शिक्षा नीति के तहत भारत की शिक्षा प्रणाली को नई दिशा दी गई है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में युवाओं की प्रवृतियों को ध्यान में रखते हुए देश व राष्ट्र निर्माण में उनका कैसे प्रयोग किया जाए, इस पर ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे नौजवानों को विदेश जाने से रोकने के लिए केंद्र सरकार अपनी विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत देश में ही रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान कर रही है।
पंजाब की धरती ने देश का हमेशा मान बढ़ाया है और इसलिए प्रदेश के युवाओं की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे देश के गौरव को बनाए रखने के लिए हमेशा तत्पर रहें। इससे पहले आत्मनिर्भर भारत में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका पर आयोजित परिचर्चा में डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की दिशा में प्रगति की है और देश के युवा इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गर्वनेंस में भी तकनीक का प्रयोग किया गया है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश में स्टार्टअप ईको सिस्टम को बल मिला है, जिसके कारण देश में 70 हजार से अधिक स्टार्टअप हैं, जिसमें युवा पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाते हुए देश को विश्व में नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर भारत विज्ञान व प्रौद्योगिकी में पूरे विश्व में अग्रणी भूमिका में नजर आ रहा है। इस दौरान उन्होंने परिचर्चा में शामिल प्रबुद्धजनों के सवालों का जवाब भी दिया।