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Chandigarh: अपने दौरे में अमित शाह ने चंडीगढ़ को दिया इशारा... वर्तमान में लड़नी होगी भविष्य के सुधार की जंग
Sat, 23 Dec 2023 02:33 PM IST
निवेदिता वर्मा
शशिभूषण पुरोहित, अमर उजाला, चंडीगढ़
शशिभूषण पुरोहित, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 23 Dec 2023 02:33 PM IST
सार
चंडीगढ़ पुलिस के बीट सिस्टम को भी शाह से सराहना मिली। उन्होंने कहा कि वह चार साल पहले चंडीगढ़ आए थे तो शहर की पुलिस ने बीट के कांसेप्ट को पुनर्जीवित करने की मेरी बात को बहुत अच्छे तरीके से जमीन पर उतारा और आज देश की कई राज्यों की पुलिस इसी तर्ज पर काम कर रही है। उन्होंने दोहराया कि मुझे इस बात की खुशी है कि इसकी शुरुआत चंडीगढ़ से हुई थी।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का चंडीगढ़ दौरा सिटी ब्यूटीफुल के लिए तारीफ और नसीहतों वाला रहा। देश के पहले आधुनिक शहर के रूप में पहचाने जाने वाले चंडीगढ़ शहर के लिए शाह ने सीधा इशारा किया कि आधुनिक शहरों की प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए चंडीगढ़ को खुद को साबित करना होगा।
बकौल शाह-जब हम सब छोटे थे तो सुनते थे कि चंडीगढ़ अपनेआप में एक कंपलीट शहर है और आधुनिक शहर की कल्पना के साथ इसे बसाया गया है। लेकिन अब नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद ढेर सारे शहर आगे बढ़ रहे हैं। चंडीगढ़ को भी इस स्पर्धा में रहना पड़ेगा और अपनेआप को साबित करना पड़ेगा। इतना ही नहीं खुद को पहले नंबर में बनाए रखने के लिए ढेर सारा काम करना पड़ेगा। आधुनिक शहरों की भीड़ में इतिहास बचाना है तो वर्तमान में भविष्य के सुधार की जंग लड़नी होगी।
यह भी पढ़ें: चंडीगढ़ में कुत्तों का आतंक: अब बच्ची के सिर में गड़ाए दांत, तीन टांके लगे... नगर निगम की कोशिशें नाकाफी
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उन्होंने खुशी जताई कि आज लगभग 400 करोड़ रुपये की योजनाओं से स्वच्छता, शिक्षा, सुरक्षा, आवासीय सुविधा और उच्च शिक्षा की परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। शाह ने चंडीगढ़ पुलिस में शामिल नए 744 युवा पुलिस कर्मियों से भावनात्मक लगाव जताते हुए उन्हें अभिवादन किया तो सभागार में मौजूद नवनियुक्त पुलिस कर्मियों ने इसका जवाब तालियों की गड़गड़ाहट से दिया।
चंडीगढ़ पुलिस के बीट सिस्टम की सराहना
चंडीगढ़ पुलिस के बीट सिस्टम को भी शाह से सराहना मिली। उन्होंने कहा कि वह चार साल पहले चंडीगढ़ आए थे तो शहर की पुलिस ने बीट के कांसेप्ट को पुनर्जीवित करने की मेरी बात को बहुत अच्छे तरीके से जमीन पर उतारा और आज देश की कई राज्यों की पुलिस इसी तर्ज पर काम कर रही है। उन्होंने दोहराया कि मुझे इस बात की खुशी है कि इसकी शुरुआत चंडीगढ़ से हुई थी। उन्होंने कहा कि पुलिस के सामने अलग प्रकार की चुनौतियों हैं, विशेषकर टेक्नोलॉजी से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए हैकाथॉन के माध्यम से युवाओं को जोड़ा गया। उन्होंने इसमें पहले, दूसरे और तीसरे स्थान की टीमों को पुरस्कृत किया गया है। इसके माध्यम से देशभर के युवाओं को अपने ज्ञान का उपयोग देश की समस्याओं का निवारण करने के लिए प्रेरणा मिलेगी।
बिल पेश करने के बाद शाह ने की आपराधिक कानूनों की समीक्षा
आपराधिक कानूनों से संबंधित तीनों विधेयकों के संसद में पारित होने के अगले दिन ही गृहमंत्री ने चंडीगढ़ में साइबर ऑपरेशन और सुरक्षा केंद्र (सेनकॉप्स) में इन कानूनों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। शाह ने इस केंद्र का उद्घाटन भी किया। सभा को संबोधित करने के बाद शाह सीधे सेक्टर- 18 स्थित गवर्नमेंट प्रिटिंग प्रेस भवन परिसर में स्थापित सेनकॉप्स में गए और चंडीगढ़ के डीजीपी प्रवीर रंजन सहित, आईजी राजकुमार सिंह और एसएसपी कंवरदीप कौर के साथ समीक्षा बैठक की। इससे पूर्व शाह ने कहा कि 31 जनवरी से पहले सभी यूटी में इसे लेकर बैठकों का आयोजन होगा और 22 दिसंबर 2024 से पहले इन विधेयकों को यूटी में लागू कर दिया जाएगा।
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बकौल शाह-जब हम सब छोटे थे तो सुनते थे कि चंडीगढ़ अपनेआप में एक कंपलीट शहर है और आधुनिक शहर की कल्पना के साथ इसे बसाया गया है। लेकिन अब नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद ढेर सारे शहर आगे बढ़ रहे हैं। चंडीगढ़ को भी इस स्पर्धा में रहना पड़ेगा और अपनेआप को साबित करना पड़ेगा। इतना ही नहीं खुद को पहले नंबर में बनाए रखने के लिए ढेर सारा काम करना पड़ेगा। आधुनिक शहरों की भीड़ में इतिहास बचाना है तो वर्तमान में भविष्य के सुधार की जंग लड़नी होगी।
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उन्होंने खुशी जताई कि आज लगभग 400 करोड़ रुपये की योजनाओं से स्वच्छता, शिक्षा, सुरक्षा, आवासीय सुविधा और उच्च शिक्षा की परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। शाह ने चंडीगढ़ पुलिस में शामिल नए 744 युवा पुलिस कर्मियों से भावनात्मक लगाव जताते हुए उन्हें अभिवादन किया तो सभागार में मौजूद नवनियुक्त पुलिस कर्मियों ने इसका जवाब तालियों की गड़गड़ाहट से दिया।
चंडीगढ़ पुलिस के बीट सिस्टम की सराहना
चंडीगढ़ पुलिस के बीट सिस्टम को भी शाह से सराहना मिली। उन्होंने कहा कि वह चार साल पहले चंडीगढ़ आए थे तो शहर की पुलिस ने बीट के कांसेप्ट को पुनर्जीवित करने की मेरी बात को बहुत अच्छे तरीके से जमीन पर उतारा और आज देश की कई राज्यों की पुलिस इसी तर्ज पर काम कर रही है। उन्होंने दोहराया कि मुझे इस बात की खुशी है कि इसकी शुरुआत चंडीगढ़ से हुई थी। उन्होंने कहा कि पुलिस के सामने अलग प्रकार की चुनौतियों हैं, विशेषकर टेक्नोलॉजी से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए हैकाथॉन के माध्यम से युवाओं को जोड़ा गया। उन्होंने इसमें पहले, दूसरे और तीसरे स्थान की टीमों को पुरस्कृत किया गया है। इसके माध्यम से देशभर के युवाओं को अपने ज्ञान का उपयोग देश की समस्याओं का निवारण करने के लिए प्रेरणा मिलेगी।
बिल पेश करने के बाद शाह ने की आपराधिक कानूनों की समीक्षा
आपराधिक कानूनों से संबंधित तीनों विधेयकों के संसद में पारित होने के अगले दिन ही गृहमंत्री ने चंडीगढ़ में साइबर ऑपरेशन और सुरक्षा केंद्र (सेनकॉप्स) में इन कानूनों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। शाह ने इस केंद्र का उद्घाटन भी किया। सभा को संबोधित करने के बाद शाह सीधे सेक्टर- 18 स्थित गवर्नमेंट प्रिटिंग प्रेस भवन परिसर में स्थापित सेनकॉप्स में गए और चंडीगढ़ के डीजीपी प्रवीर रंजन सहित, आईजी राजकुमार सिंह और एसएसपी कंवरदीप कौर के साथ समीक्षा बैठक की। इससे पूर्व शाह ने कहा कि 31 जनवरी से पहले सभी यूटी में इसे लेकर बैठकों का आयोजन होगा और 22 दिसंबर 2024 से पहले इन विधेयकों को यूटी में लागू कर दिया जाएगा।