आम बजटः हरियाणा में फंड की कमी से अधर में रेल प्रोजेक्ट, पीपीपी मोड से मिलेगी रफ्तार
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हरियाणा में रेलवे से जुड़े कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं ऐसी है, जो फंड की कमी की वजह से प्रभावित हो रही हैं। कुछ परियोजनाओं पर कई सालों से काम चल रहा है, तो कई परियोजनाएं अभी ऐसी है जिन पर पर्याप्त फंड न होने की वजह से काम ही शुरू नहीं हो पाया है।
बजट की कमी की वजह से सालों से ये परियोजनाएं धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रही है, जबकि कई परियोजनाएं तो डीपीआर के बाद से ही अटकी पड़ी है। लेकिन अब इस आम बजट में केंद्र सरकार ने इन परियोजनाओं को गति देने के लिए रेलवे में पीपीपी मोड को बढ़ावा देने का इरादा दिखाया है।
जाहिर है अगर सरकार के प्रयास कामयाब रहे तो हरियाणा की इन रेल परियोजनाओं को न केवल गति मिलेगी, बल्कि जल्द इन्हें पूरा भी किया जा सकेगा। जिससे सूबे की जनता को बड़ा फायदा होगा।
यूपीए सरकार में हुई थी घोषणाएं
हरियाणा में कई रेलवे प्रोजेक्ट तो ऐसे है, जो पिछली यूपीए सरकार के हैं और उसी कार्यकाल के दौरान उनकी घोषणाएं रेल बजट में हुई थीं। उस वक्त इन परियोजनाओं की घोषणाएं तो कर दी गई, मगर इन परियोजनाओं के लिए भारी भरकम बजट की व्यवस्था कैसे होगी, इस बारे में कोई ठोस विजन नहीं था।
इसी वजह से ये परियोजनाएं आगे से आगे सरकती गई। वर्ष 2014 के बाद एनडीए सरकार के कार्यकाल में इन परियोजनाओं को सिरे चढ़ाने के लिए नए सिरे से प्रयास शुरू किए गए।
इस आम बजट में सरकार ने अब इन परियोजनाओं को पीपीपी मोड से पूरा करवाने की तैयारी की है। केंद्र सरकार का दावा है कि वर्ष 2018 से वर्ष 2030 तक रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 50 लाख करोड़ के निवेश की आवश्यकता है।
प्रोजेक्ट को रफ्तार देने में कई साल लग जाएंगे, लिहाजा तीव्र विकास, पटरियां बिछाने, रैलिंग स्टॉक मैन्युफैक्चरिंग व यात्री मालभाड़ा सेवाएं में पीपीपी मोड यानी सरकारी निजी भागेदारी जरूरी है। जाहिर है इसका फायदा हरियाणा की रेलवे परियेाजनाओं को भी मिलेगा।
उधर, हरियाणा सरकार ने भी इन रेल परियोजनाओं को केंद्र सरकार की मदद से जल्द सिरे चढ़ाने और प्रदेश की रेलवे परियोजनाओं की निगरानी के लिए हरियाणा रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड का गठन किया हुआ है। जिसके जरिए हरियाणा सरकार भी प्रदेश की रेल परियोजनाओं को जल्द सिरे चढ़ाने की कोशिशों में लगी है।
अभी यह है हरियाणा की रेल परियोजनाओं का स्टेट्स
- रेवाड़ी-रोहतक (81.26 किमी) नई रेलवे लाइन, कुल लागत 3.56 अरब रुपये (काम चल रहा है, 4 करोड़ रुपये अतिरिक्त मांग।
- जींद-सोनीपत नई रेलवे लाइन(88.9 किमी), कुल लागत 3.46 अरब रुपये, अतिरिक्त मांग 10 लाख रुपये।
- चंडीगढ़-बददी नई रेलवे लाइन (33.23 किमी) कुल 1.54 अरब रुपये, अतिरिक्त मांग
24 करोड़ रुपये
- रोहतक-महम-हांसी (68.8 किमी) नई रेलवे लाइन, कुल लागत 1.4 अरब रुपये, अतिरिक्त मांग 50 लाख
- दिल्ली-सोहना-नूह-फिरोजपुर झिरका-अलवर नई रेलवे लाइन (104 किमी) कुल लागत 1.2 अरब रुपये, अतिरिक्त मांग 10 लाख रुपये
- यमुनानगर-चंडीगढ़ वाया सढौरा, नारायणगढ़ (91 किमी) नई रेलवे लाइन, कुल लागत 8.76 अरब अभी काम ही शुरू नहीं हुआ।
- हिसार-सिरसा वाया अग्रोहा-फतेहाबाद नई रेलवे लाइन (93 किमी), कुल लागत 4 अरब , अतिरिक्त मांग 10 लाख।
- मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन (104 किमी) कुल लागत 1.09 अरब रुपये, अतिरिक्त मांग 10 लाख।
- अंबाला कैंट-दप्पर (22.71) डबलिंग प्रोजेक्ट, कुल लागत 2.88 अरब।
- पानीपत-सब्जीमंडी (नई दिल्ली) आटोमैटिक सिगनलिंग प्रोजेक्ट, कुल लागत 38 करोड़ रुपये, अतिरिक्त मांग 3 करोड़ रुपये।
- फरीदाबाद डेवलपमेंट ऑफ फ्रेट टर्मिनल प्रोजेक्ट, कुल लागत 5.45 करोड़ रुपये, अतिरिक्त मांग
10 लाख रुपये।
- कालका -यार्ड रिमॉडलिंग फॉर एडिशनल ब्रॉडगेज प्लेटफार्म कुल लागत 6.53 करोड़ रुपये, अतिरिक्त मांग 3 करोड़ रुपये।
- बल्लभगढ़ रेल यार्ड एडिशन एंड अलट्रेशन प्रोजेक्ट, कुल लागत 4.81 करोड़ रुपये, अतिरिक्त मांग 1 करोड़ रुपये।
- फरीदाबाद स्टेशन यार्ड-रिमोवल ऑफ परमानेंट स्पीड रिसट्रिक्शन बाई शिफ्टिंग 280 मीटर, कुल लागत 3.10 करोड़ रुपये, अतिरिक्त मांग 3 करोड़ रुपये।
- जींद-पानीपत ट्रैक नवीनीकरण प्रोजेक्ट (18.5 किमी ) कुल लागत 21 करोड़, अतिरिक्त मांग 5.40 करोड़ रुपये। दूसरा चरण (3.15 किमी) लागत 3.16 करोड़ रुपये।
- नरवाना-कुरुक्षेत्र ट्रैक नवीनीकरण (5.4 किमी) कुल लागत 6.52 करोड़ रुपये, अतिरिक्त मांग 1.50 करोड़ रुपये। दूसरा चरण (27.67 किमी) लागत 36 करोड़ रुपये। तीसरा चरण (31.56 किमी) लागत 25 करोड़ रुपये।
- रेवाड़ी-दिल्ली ट्रैक नवीनीकरण प्रोजेक्ट (21 किमी) कुल लागत 18 करोड़ रुपये, अतिरिक्त मांग 3.7 करोड़ रुपये।
- रोहतक-पानीपत ट्रैक नवीनीकरण प्रोजेक्ट (10.70 किमी प्राथमिक) कुल लागत 63 करोड़ रुपये।
- जींद-पानीपत ट्रैक नवीनीकरण प्रोजेक्ट (5.70 किमी) कुल लागत 5.09 करोड़।
- अंबाला-दिल्ली ट्रैक नवीनीकरण प्रोजेक्ट (12 किमी) लागत 10 करोड़ रुपये, दूसरा चरण
(4.5 किमी) कुल लागत 7.17 करोड़, अतिरिक्त मांग 3.70 करोड़ रुपये। तीसरा चरण
(17.3 किमी) कुल लागत 15.72 करोड़ रुपये, अतिरिक्त मांग 18.50 करोड़ रुपये।
- दिल्ली-रेवाड़ी ट्रैक नवीनीकरण प्रोजेक्ट (4.72 किमी) कुल लागत 7.81 करोड़ रुपये।
दूसरा चरण (6 किमी) कुल लागत 7.32 करोड़ रुपये, अतिरिक्त मांग 1.50 करोड़ रुपये।
- अंबाला-कालका ट्रैक नवीनीकरण प्रोजेक्ट (3.95 किमी) कुल लागत 1 करोड़ रुपये। काम शुरू नहीं।