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बजट 2019: रेलवे के विकास पर खर्च होंगे 50 लाख करोड़, और बदल जाएगा चंडीगढ़ स्टेशन का ढांचा
Sat, 06 Jul 2019 12:32 PM IST
खुशबू गोयल
दीपक शाही, अमर उजाला, जीरकपुर
दीपक शाही, अमर उजाला, जीरकपुर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 06 Jul 2019 12:32 PM IST
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चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को संसद में बजट पेश किया। इस बजट में रेलवे की अगर बात करें तो रेलवे के ढांचे पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए 2018 से 2030 के बीच 50 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे।
वहीं चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन बनाने को लेकर भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम (आईआरएसडीसी) के सिविल जीएम (दिल्ली) वीबी सूद से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वर्ल्ड रेलवे स्टेशन के ढांचे को लेकर इंडियन रेलवे फाइनेंस कारपोरेशन से लोन मिलने का इंतजार।
इसके मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। वहीं उन्होंने वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन के कामर्शियल सेक्टर डेवलपमेंट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सात कंपनियां सामने आई हैं। इसे पीपीपी के तहत डेवलप किया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। आरएससी की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद सेकेंड फेज पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
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चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के ढांचे में क्या होगा बदलाव
60 गुना 40 का स्टेशन ब्लॉक बनेगा। यह चंडीगढ़ साइड से पंचकूला साइड को जोड़ेगा। इसके नीचे 6 प्लेटफार्म होंगे। यहां पर हाई एयर कॉनकोर्स बनेगा, जिसमें यात्रियों के मनोरंजन और शॉपिंग मॉल आदि सुविधाएं होंगी। यह रेलवे स्टेशन के पंचकूला से चंडीगढ़ की बिल्डिंग को जोड़ने के लिए बनाया जाएगा।
यहां पर पैसेंजर ट्रेन का इंतजार करेंगे। यहीं ट्रेन पकड़ने के लिए एस्केलेटर की मदद से नीचे आ सकेंगे। इसके स्टेशन से बाहर जाने के लिए सब वे बनाए जाएंगे। ट्रेन से उतरने के बाद सब वे से पैसेंजर बाहर निकल जाएंगे। वर्ल्ड क्लास वेटिंग एरिया, डोरमेट्री के साथ ही पूरी बिल्डिंग एसी होगी। लोगों के मनोरंजन के लिए ऑडियो इंफॉर्मेशन सिस्टम लगेंगे।
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वहीं चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन बनाने को लेकर भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम (आईआरएसडीसी) के सिविल जीएम (दिल्ली) वीबी सूद से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वर्ल्ड रेलवे स्टेशन के ढांचे को लेकर इंडियन रेलवे फाइनेंस कारपोरेशन से लोन मिलने का इंतजार।
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इसके मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। वहीं उन्होंने वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन के कामर्शियल सेक्टर डेवलपमेंट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सात कंपनियां सामने आई हैं। इसे पीपीपी के तहत डेवलप किया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। आरएससी की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद सेकेंड फेज पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
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चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के ढांचे में क्या होगा बदलाव
60 गुना 40 का स्टेशन ब्लॉक बनेगा। यह चंडीगढ़ साइड से पंचकूला साइड को जोड़ेगा। इसके नीचे 6 प्लेटफार्म होंगे। यहां पर हाई एयर कॉनकोर्स बनेगा, जिसमें यात्रियों के मनोरंजन और शॉपिंग मॉल आदि सुविधाएं होंगी। यह रेलवे स्टेशन के पंचकूला से चंडीगढ़ की बिल्डिंग को जोड़ने के लिए बनाया जाएगा।
यहां पर पैसेंजर ट्रेन का इंतजार करेंगे। यहीं ट्रेन पकड़ने के लिए एस्केलेटर की मदद से नीचे आ सकेंगे। इसके स्टेशन से बाहर जाने के लिए सब वे बनाए जाएंगे। ट्रेन से उतरने के बाद सब वे से पैसेंजर बाहर निकल जाएंगे। वर्ल्ड क्लास वेटिंग एरिया, डोरमेट्री के साथ ही पूरी बिल्डिंग एसी होगी। लोगों के मनोरंजन के लिए ऑडियो इंफॉर्मेशन सिस्टम लगेंगे।
561 करोड़ की लागत से तैयार होंगे तीन रेलवे स्टेशनों के ढांचे
इंडियन रेलवे फाइनेंस कारपोरेशन से 561 करोड़ का लोन मिलते ही देश के तीन रेलवे स्टेशनों (चंडीगढ़, आनंद विहार, बिजवासन) के रेलवे स्टेशनों के ढांचे को वर्ल्ड क्लास का रूप देने के लिए काम शुरू करेगा। 591 करोड़ में से करीब 150 करोड़ रुपये चंडीगढ़ पर खर्च होंगे।
500 एकड़ में डेवलप होगा कामर्शियल सेक्टर
रेलवे स्टेशन परिसर के पास पांच सौ एकड़ में कामर्शियल सेक्टर डेवलप होने के बाद यात्रा की सुविधा के साथ साथ यात्री शॉपिंग और इलाज जैसी सुविधाओं का लाभ भी ले सकेंगे। रेलवे ने इस जमीन को 99 साल के लिए बिल्डर्स को लीज पर दिया है। अब बिल्डर इस जमीन पर शॉपिंग कांप्लेक्स, होटल, कन्वेंशन सेंटर, स्कूल, हॉस्पिटल और रेजिडेंशियल कम्युनिटी डेवलप करेंगे। शुरुआत में कुल जमीन का एक तिहाई एरिया डेवलप होगा।
वहीं अभी रेलवे स्टेशन पर रोजाना करीब तीस हजार यात्रियों की आवाजाही है। प्रोजेक्ट डेवलप होने के बाद यहां 1 लाख से अधिक लोगों के आने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट में इमारत की ऊंचाई 30 मीटर से ज्यादा नहीं होगी। रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक यह प्रोजेक्ट इसलिए शुरू नहीं हो पाया था, क्योंकि पहले यह जमीन 45 साल की लीज पर बिल्डर्स को दी जा रही थी। जिसे बिल्डर बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
आदर्श किराया कानून बनेगा
केंद्रीय वित्त मंत्री ने रेलवे किराए में सुधार के लिए आदर्श किराया कानून बनाने का भी प्रस्ताव पेश किया। इस कानून के जरिए रेल यात्रियों की जरूरत, सुविधाओं और विभागीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे किराया तय करेगी।
500 एकड़ में डेवलप होगा कामर्शियल सेक्टर
रेलवे स्टेशन परिसर के पास पांच सौ एकड़ में कामर्शियल सेक्टर डेवलप होने के बाद यात्रा की सुविधा के साथ साथ यात्री शॉपिंग और इलाज जैसी सुविधाओं का लाभ भी ले सकेंगे। रेलवे ने इस जमीन को 99 साल के लिए बिल्डर्स को लीज पर दिया है। अब बिल्डर इस जमीन पर शॉपिंग कांप्लेक्स, होटल, कन्वेंशन सेंटर, स्कूल, हॉस्पिटल और रेजिडेंशियल कम्युनिटी डेवलप करेंगे। शुरुआत में कुल जमीन का एक तिहाई एरिया डेवलप होगा।
वहीं अभी रेलवे स्टेशन पर रोजाना करीब तीस हजार यात्रियों की आवाजाही है। प्रोजेक्ट डेवलप होने के बाद यहां 1 लाख से अधिक लोगों के आने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट में इमारत की ऊंचाई 30 मीटर से ज्यादा नहीं होगी। रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक यह प्रोजेक्ट इसलिए शुरू नहीं हो पाया था, क्योंकि पहले यह जमीन 45 साल की लीज पर बिल्डर्स को दी जा रही थी। जिसे बिल्डर बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
आदर्श किराया कानून बनेगा
केंद्रीय वित्त मंत्री ने रेलवे किराए में सुधार के लिए आदर्श किराया कानून बनाने का भी प्रस्ताव पेश किया। इस कानून के जरिए रेल यात्रियों की जरूरत, सुविधाओं और विभागीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे किराया तय करेगी।