मोहाली में बड़ा हादसा: दो लेंटर की शटरिंग खोले बिना डाला जा रहा था तीसरा लेंटर, एकाएक धंसा, दो मजदूर दबे
बताया जा रहा है कि यहां शॉपिग कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। इमारत के बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर की छत पड़ चुकी थी, मगर शटरिंग अभी नहीं निकाली गई है। इस बीच ऊपरी मंजिल में छत डालने की तैयारी चल रही थी। अचानक छत ढह गई और चार मजदूर मलबे में दब गए। घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
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विस्तार
छज्जूमाजरा रोड पर एक निर्माणाधीन शोरूम की शाम करीब पांच बजे दूसरी मंजिल की छत डालने के दौरान एक लेंटर गिर गया। हादसे के वक्त वहां पर 11 मजदूर काम कर रहे थे। जैसे ही छत गिरी तो मजदूर भागकर बाहर की ओर आए लेकिन एकाएक हुए हादसे के कारण पहली मंजिल की छत और बेसमेंट की छत भी गिर गई। वहीं दो मजदूर इसमें दब गए। दोनों की हालत गंभीर है। उन्हें फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल ले जाया गया है। गनीमत रही कि हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। हादसे के बाद छज्जूमाजरा रोड पर जाम लग गया और लोग कई घंटे जाम में फंसे रहे।
घटना के बाद मौके पर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने मजूदरों के साथ मिलकर दबे हुए मजदूरों को बचाने का काम शुरू कर दिया। वहीं, घटना के कुछ देर बाद सूचना मिलने पर एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई। मौके पर शोरूम बना रहे मजदूर मनोज ने बताया कि घटना के वक्त दूसरी मंजिल की छत डाली जा रही थी कि एकाएक बीच में से लेंटर धंस गया। इस कारण नीचे के दो लेंटर भी धंस गए।
लेंटर गिरने का पता चलते ही काम कर रहे 11 मजदूर बाहर की ओर भागे लेकिन ठेकेदार आजाद और मजदूर नीतिश बीच में फंस गए। उन्होंने कहा कि पहले के दो लेंटर की शटरिंग खोले बिना तीसरे लेंटर डाले जाने के कारण हादसा हुआ है। पहली मंजिल का लेंटर डाले अभी 15 दिन ही हुए थे।
तीनों लेंटर के सरिए आपस में मिलने से बचाव कार्य में हुई देरी
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी रूपिंदर कौर सोही, एसएचओ सिटी हरजिंदर सिंह टीम के साथ पहुंचे और उन्होंने बचाव कार्य शुरू करवाया। मौके पर छह जेसीबी, तीन एंबुलेंस और दो फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गईं। वहीं घटना का पता चलते ही एसपी (ग्रामीण) नवरीत सिंह विर्क भी मौके पर पहुंचे। तीन लेंटर के सरिए आपस में मिल जाने से बचाव कार्य में देरी हुई। शाम करीब शाढ़े सात बजे मजूदर नीतिश को बाहर निकाला गया। घटना में उसकी बाजू और टांग टूट गई है। इसके बाद शाम करीब आठ बजे ठेकेदार आजाद को भी निकाल लिया गया। घटना में उसके घुटने और कंधे पर चोट आई है।
लेंटर गिरने के बारे में क्या कहते हैं विशेषज्ञ
आर्किटेक्टर राजन ने कहा कि गर्मी के मौसम में 14 दिन के बाद लेंटर खोला जा सकता है। वहीं सर्दी के मौसम में लेंटर की शटरिंग करीब एक महीने बाद खोलनी चाहिए क्योंकि मौसम में नमी के कारण इसे सूखने में समय लग जाता है। इसके अलावा एक लेंटर की शटरिंग खोलने के बाद ही दूसरा लेंटर डालना चाहिए।
घटना के बाद मौके पर नहीं पहुंचा शोरूम मालिक
पुलिस प्रशासन लेंटर गिरने के कारणों की भी जांच कर रहा है। प्राथमिक जांच में देर रात तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई थी कि उक्त शोरूम का मालिक कौन है। हादसा हो जाने के बाद शोरूम से संबंधित मालिक व कोई भी अन्य व्यक्ति घटनास्थल पर नहीं पहुंचा था।
- नवरीत सिंह विर्क एसपी, ग्रामीण
दो मजदूर दबे होने की सूचना मिली थी। उन्हें निकाल लिया गया है।अभी भी एनडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर मौजूद है। सभी प्रकार की जांच-पड़ताल की जाएगी और शोरूम बनाने वाले मालिक पर मामला दर्ज किया जाएगा।
- रविंदर सिंह, एसडीएम खरड़