Military Literature Festival: रूस की मिसाइलों से भी ज्यादा खतरनाक हथियार साबित हुआ यूक्रेन का सूचना तंत्र
कर्नल अश्वनी शर्मा ने कहा कि अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल आज हर देश की जरूरत बन गया है। इतिहास गवाह रहा है कि जिस देश ने तकनीक का प्रयोग समय के साथ किया है वह विजयी रहा है। अगर शक्ति के नजरिये से देखें तो यूक्रेन रूस के सामने कहीं नहीं ठहरता और रूस ने सबसे पहले यूक्रेन के सूचना तंत्र पर ही वार किया था।
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सूचना तंत्र आज सबसे बड़ा हथियार बन गया है। यूक्रेन युद्ध बहुत पहले हार चुका होता अगर उसे पश्चिमी देशों से कम्युनिकेशन (संचार) सिस्टम की सहायता न मिलती। रूस की मिसाइलों से ज्यादा खतरनाक हथियार इस युद्ध में सूचना तंत्र रहा। भविष्य के युद्ध के लिए यह युद्ध एक सबक रहेगा। कर्नल अश्वनी शर्मा ने कहा कि भारत को भी भविष्य के लिए खुद को तैयार करना जरूरी है।
सुखना लेक में आयोजित मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल में शनिवार को रूस-यूक्रेन युद्ध में प्रौद्योगिकी को लेकर कर्नल अश्वनी शर्मा ने कहा कि अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल आज हर देश की जरूरत बन गया है। इतिहास गवाह रहा है कि जिस देश ने तकनीक का प्रयोग समय के साथ किया है वह विजयी रहा है। अगर शक्ति के नजरिये से देखें तो यूक्रेन रूस के सामने कहीं नहीं ठहरता और रूस ने सबसे पहले यूक्रेन के सूचना तंत्र पर ही वार किया था।
यूक्रेन ने सूझबूझ दिखाते हुए पश्चिमी देशों की मदद से अपने कम्युनिकेशन सिस्टम को ठप नहीं पड़ने दिया। इसी का नतीजा रहा कि 24 फरवरी को कुछ ही दिन में युद्ध खत्म करने की सोच के साथ रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया। यह कम्युनिकेशन सिस्टम ही था जिसके चलते करीब 300 दिन बीत जाने के बावजूद रूस कामयाब नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए भी यह युद्ध एक सबक होगा और हमें भी इससे सीख लेनी चाहिए। भविष्य की कोई भी जंग इंटेलिजेंस और सूचना तंत्र के बगैर नहीं जीती जा सकेगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि यूक्रेन में अभी कड़ाके की ठंड है और वहां के गैस, कोयला व अन्य संसाधन समाप्त हो रहे हैं। यूक्रेन अंधेरे में है और ऐसे में फरवरी तक उनके टिक पाने पर निर्भर करेगा कि इस जंग का परिणाम क्या होगा।
सीमा पर ड्रोन तस्करी की बढ़ी घटनाएं, तस्करों को मुंहतोड़ जवाब देंगे: एनके खंडूरी
सरहद पर ड्रोन से नशा व हथियारों की बढ़ती तस्करी पर पश्चिमी कमांड के कमांडर इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल नव कुमार खंडूरी ने कहा कि तस्करों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। कई ड्रोन बीएसएफ ने गिराए हैं और रात के समय धुंध में ड्रोन गिराने के लिए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल में पश्चिमी कमान के कमांडर इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल नव कुमार खंडूरी ने कहा कि बीते कुछ समय में पंजाब और जम्मू कश्मीर की सीमा के पास सीमा पार से आने वाले ड्रोन के मामले बढ़े हैं। बीएसएफ ने कई ड्रोन गिराए हैं और दुश्मन को मुंह तोड़ जवाब दिया है। दुश्मन नई तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है और ऐसे में इसका जवाब देने के लिए बीएसएफ के जवानों को ट्रेनिंग भी दी जा रही है।
रात के खराब मौसम में जब विजिबिलिटी कम होती है तो बीएसएफ जवानों के लिए ड्रोन को देख पाना मुश्किल होता है। यह धुंध का मौसम अपने आप में एक चुनौती है और इससे निपटने के लिए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे रात के अंधेरे में भी दुश्मन के ड्रोन को गिराया जा सके। उन्होंने कहा कि दुश्मन नई तकनीक का सहारा लेगा तो हम भी उसका तोड़ निकाल कर उनके मंसूबे पर पानी फेर देंगे।