{"_id":"5f6261948ebc3e6d7647dec3","slug":"uiet-cyber-security-won-three-lakh-rupees-winning-first-prize-chandigarh-news-pkl3881030162","type":"story","status":"publish","title_hn":"साइबर सुरक्षा में यूआईईटी के छात्र आगे, पहला पुरस्कार जीतने के साथ प्राप्त किए तीन लाख रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साइबर सुरक्षा में यूआईईटी के छात्र आगे, पहला पुरस्कार जीतने के साथ प्राप्त किए तीन लाख रुपये
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के यूआईईटी विभाग के तीन छात्रों ने साइबर सुरक्षा के मामले में बेहतर ज्ञान प्रस्तुत कर पहला पुरस्कार जीतकर तीन लाख रुपये प्राप्त किए हैं। अमेरिका की कंपनी डेलॉइट यूएसआई की ओर से यह प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इन विद्यार्थियों को प्री-प्लेसमेंट का ऑफर भी कंपनी की ओर से मिला है। इन विद्यार्थियों में रजत नैन, नमनप्रीत सिंह और सार्थक गुप्ता हैं।
प्रतियोगिता फरवरी से ही ऑनलाइन शुरू हो गई थी, लेकिन कोरोना के कारण कुछ दिन प्रभावित रही। इस प्रतियोगिता में दुनियाभर के 20 हजार विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। विषय साइबर सुरक्षा के सवालों के जवाब ढूंढने थे। उसके लिए तकनीक की आवश्यकता थी। इंजीनियरिंग विभाग के इन विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन किया और 145 टीमों में जगह बनाई। धीरे-धीरे यह टीम हर राउंड को पास करती गई और आखिरी में 13 टीमों में शामिल हो गई। भारत से भी 100 से अधिक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थानों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। साइबर सुरक्षा के आखिरी राउंड में सवाल थे। नौ घंटे में उन सवालों के जवाब ढूंढने थे। तकनीकी रूप से मजबूत विद्यार्थियों ने यह हल कर लिए और आखिर में उनका चयन पहले पुरस्कार के लिए हो गया। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रो.कृष्ण कुमार, सह-समन्वयक (आईटी), प्रो. सविता गुप्ता, निदेशक, यूआईईटी ने विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विज्ञापन
प्रतियोगिता फरवरी से ही ऑनलाइन शुरू हो गई थी, लेकिन कोरोना के कारण कुछ दिन प्रभावित रही। इस प्रतियोगिता में दुनियाभर के 20 हजार विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। विषय साइबर सुरक्षा के सवालों के जवाब ढूंढने थे। उसके लिए तकनीक की आवश्यकता थी। इंजीनियरिंग विभाग के इन विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन किया और 145 टीमों में जगह बनाई। धीरे-धीरे यह टीम हर राउंड को पास करती गई और आखिरी में 13 टीमों में शामिल हो गई। भारत से भी 100 से अधिक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थानों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। साइबर सुरक्षा के आखिरी राउंड में सवाल थे। नौ घंटे में उन सवालों के जवाब ढूंढने थे। तकनीकी रूप से मजबूत विद्यार्थियों ने यह हल कर लिए और आखिर में उनका चयन पहले पुरस्कार के लिए हो गया। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रो.कृष्ण कुमार, सह-समन्वयक (आईटी), प्रो. सविता गुप्ता, निदेशक, यूआईईटी ने विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विज्ञापन