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आधार कार्ड बनवाया पर नहीं मिला तो यहां आएं
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 14 Jan 2014 12:39 PM IST
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यूनीक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया का डाटा अब चंडीगढ़ के लिए रेजीडेंट्स का हब बन गया है। जी हां, चंडीगढ़ के आईटी विभाग ने आधार इश्यू किए जाने वाले डाटा का उपयोग करते हुए स्टेट रेजीडेंट्स डाटा हब तैयार कर लिया है।
एसआरडीएच द्वारा तैयार किए गए डाटा में आपको पूरी जानकारी मिल सकेगी। चंडीगढ़ प्रशासन ने इससे पहले ही आधार को कई आवश्यक कार्र्यों के लिए आईडेंटिटी की मान्यता दी है।
आईटी सेकेट्री प्रेरणा पुरी ने कहा कि चंडीगढ़ के 97 फीसदी लोगों का इनरोलमेंट किया जा चुका है। इसमें से 86 फीसदी लोगों को आधार नंबर दिए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि एसआरडीएच का उपयोग कई सरकारी स्कीमों को लागू करने के लिए किया जाएगा। यह स्कीम सोशल सिक्योरिटी पेंशन स्कीम होंगी। इसमें स्लम रिहैबिटेशन स्कीम, स्कालरशिप स्कीम और पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम स्कीम शामिल हैं।
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एनआईसी का सर्वर होगा इसमें
स्टेट रेजीडेंट्स डाटा हब की होस्टिंग एसआरडीएच करेगा। इसको चंडीगढ़ की एनआईसी यूनिट सर्वर देगा। एसआरडीएच यूआईडीएआई डाटा का दूसरा रूप होगा। इसमें डेमोग्राफिक डाटा होगा।
स्टेट लेवल पर बायोमीट्रिक डिटेल मसलन आंखों की पुतलियों और फिंगरप्रिंट को स्टोर नहीं किया जाएगा। यह सिर्फ यूआईडीएआई सीआईडीआर में उपलब्ध होगा। इससे डाटा की प्राइवेसी भी संरक्षित रहेगी।
यूआईडीएआई की डिप्टी डायरेक्टर जनरल केशनी आनंद अरोड़ा ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा किया जा रहा यह प्रयास बेहतरीन है।
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एसआरडीएच द्वारा तैयार किए गए डाटा में आपको पूरी जानकारी मिल सकेगी। चंडीगढ़ प्रशासन ने इससे पहले ही आधार को कई आवश्यक कार्र्यों के लिए आईडेंटिटी की मान्यता दी है।
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आईटी सेकेट्री प्रेरणा पुरी ने कहा कि चंडीगढ़ के 97 फीसदी लोगों का इनरोलमेंट किया जा चुका है। इसमें से 86 फीसदी लोगों को आधार नंबर दिए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि एसआरडीएच का उपयोग कई सरकारी स्कीमों को लागू करने के लिए किया जाएगा। यह स्कीम सोशल सिक्योरिटी पेंशन स्कीम होंगी। इसमें स्लम रिहैबिटेशन स्कीम, स्कालरशिप स्कीम और पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम स्कीम शामिल हैं।
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एनआईसी का सर्वर होगा इसमें
स्टेट रेजीडेंट्स डाटा हब की होस्टिंग एसआरडीएच करेगा। इसको चंडीगढ़ की एनआईसी यूनिट सर्वर देगा। एसआरडीएच यूआईडीएआई डाटा का दूसरा रूप होगा। इसमें डेमोग्राफिक डाटा होगा।
स्टेट लेवल पर बायोमीट्रिक डिटेल मसलन आंखों की पुतलियों और फिंगरप्रिंट को स्टोर नहीं किया जाएगा। यह सिर्फ यूआईडीएआई सीआईडीआर में उपलब्ध होगा। इससे डाटा की प्राइवेसी भी संरक्षित रहेगी।
यूआईडीएआई की डिप्टी डायरेक्टर जनरल केशनी आनंद अरोड़ा ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा किया जा रहा यह प्रयास बेहतरीन है।