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जो देशभर में बैन है, ये राज्य उसका 'फैन' है

Fri, 12 Dec 2014 12:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर Updated Fri, 12 Dec 2014 12:50 PM IST
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Uber Cab Rape Case, No Ban on Cab Service in Punjab

दिल्ली में टैक्सी में युवती के साथ दुराचार के बाद केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने देश भर में वेब कैब पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। इसके बावजूद पंजाब में वेब कैब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।

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मुंबई और दिल्ली में बने कॉल सेंटरों के जरिए पंजाब में कामकाज ऑपरेट किया जाता है। पंजाब में सिर्फ दो ही कैब होल्डर के पास लाइसेंस हैं। एक सिटी कैब और दूसरा मेगा कैब।
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सरकार का नियम है कि अगर सिटी कैब का लाइसेंस लेना है तो इसके लिए कम से कम 25 नई कारों को खरीदना होगा जिनकी डिग्गी हो। इन कारों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम की सुविधा भी हो ताकि कंपनी प्रबंधकों को पता चल सके कि उनकी कारें अभी किस एरिया में घूम रही हैं।
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स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने वर्ष 2008 और 2009 में लाइसेंस निकाले थे। चार साल से कंपनी सात हजार रुपये प्रति टैक्सी प्रतिवर्ष सरकार को अदा करती आ रही है।

सिटी कैब के प्रबंधक सोनू गुलाटी का कहना है कि पूरे नियमों का पालन कर सरकार को राजस्व दिया जा रहा है। उन्होंने वेब टैक्सी की लिखित शिकायत जिला और रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी को कर दी है।

ये कहना है मंत्रियों और अधिकारियों का

Uber Cab Rape Case, No Ban on Cab Service in Punjab

देश में वेब कैब बंद करने के केंद्रीय गृहमंत्री के आदेश हमें नहीं मिले हैं। उनके आदेश मिलने के बाद ही हम अगले चरण के बारे में सोच सकते हैं। उनके आदेशों का इंतजार है।
- अजीत सिंह कोहाड़, परिवहन मंत्री

वेब कैब पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में अब तक प्रदेश सरकार की तरफ से कोई नोटिस या आदेश नहीं जारी हुआ है। सरकार की तरफ से आदेश मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
- अश्वनी कुमार, स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर

वेब कैब पर अभी तो प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। इस पर कार्रवाई करना डीटीओ के अधिकार क्षेत्र में है। वे जिला परिवहन अधिकारी से मिलकर वेब कैब का सारा ब्योरा तैयार करवाएंगे और उनकी स्क्रीनिंग करवाई जाएगी।
- नवीन सिंगला, डिप्टी पुलिस कमिश्नर

वेब टैक्सी पर प्रतिबंध से पहले दोनों कंपनियों के बारे में पूरी रिपोर्ट एसएसपी स्तर के अधिकारियों से हासिल की जाएगी।
- लोकनाथ आंगरा, आईजी जोनल

यूटी प्रशासन ने सस्पेंड की वेब कैब सर्विसेज

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दिल्ली में कैब में महिला के साथ हुए रेप की घटना के बाद चंडीगढ़ में वेब बेस्ड कैब सर्विसेज को बंद कर दिया गया है। केंद्र सरकार के आदेशों के बाद यूटी प्रशासन ने भी वीरवार को कंपनियों की सर्विसेज बंद कर उन्हें नोटिस जारी कर दिया।

एसटीए ने वीरवार को दो कंपनियों मेरू और टैक्सी फॉर श्योर को नोटिस जारी कर उन्हें सर्विसेज बंद करने के लिए कहा है। मेरू कैब का ऑफिस जीरकपुर में, जबकि टैक्सी फॉर श्योर का इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में है।

इसके अलावा एक अन्य कंपनी उबर को शुक्रवार को नोटिस भेजा जाएगा। उबर कैब शहर के एक होटल से ऑपरेट हो रही है। एसटीए की टीम अब आज होटल में जाकर उबर कैब के अधिकारियों को नोटिस देगी।

एसटीए ने कंपनियों को सात दिन में रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए कहा है। एसटीए ने ये भी कहा कि उन्हें शहर में सर्विसेज चलाने की अनुमति तभी मिलेगी, जब वे अपनी कैब को वेब बेस्ड की बजाय रेडियो टैक्सी में कनवर्ट करवाएंगे।

कैब चलाने के लिए फोलो करने होंगे नियम

Uber Cab Rape Case, No Ban on Cab Service in Punjab

एसटीए ने इन कंपनियों को अपनी सर्विसेज बंद करने के लिए कहा है। एसटीए ने नोटिस में कंपनियों से कहा कि यदि वे अपनी सर्विस चलाना चाहती हैं तो उन्हें वेब बेस्ड सर्विस बंद कर रेडियो टैक्सी के नियमों के मुताबिक काम करना होगा। एसटीए ने कंपनियों को सात दिन में रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए कहा है।

दो कैब जब्त, 20 के चालान
एसटीए ने वीरवार को अलग-अलग जगहों पर नाके लगाकर दो कैब जब्त कर लीं। इनमें एक कैब मेरू, जबकि दूसरी उबर की थी। इनके अलावा 20 से ज्यादा टैक्सियों के चालान भी काटे गए हैं। एसटीए ने रेलवे स्टेशन के पास नाका लगाया। यहां रजिस्टर्ड कंपनियों की भी टैक्सियां रोककर जांच की गई। कई टैक्सियों के ड्राइवरों ने वर्दी नहीं पहनी थी, जबकि कई ने नेम प्लेट नहीं लगाई थीं।

कैब सर्विस बंद करने के लिए मेरू और टैक्सी फॉर श्योर को हमने वीरवार को नोटिस भेज दिए हैं। उबर कैब के अधिकारी एक होटल में रह रहे हैं। इनका एड्रेस मिल गया है। शुक्रवार को इन्हें भी नोटिस भेज दिया जाएगा।
राजीव तिवारी, एडिशनल सेक्रेट्री, स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी

हरियाणा में वेब कैब सेवा तुरंत बंद करने के आदेश

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दिल्ली में हुई वारदात के बाद हरियाणा का परिवहन विभाग भी सक्रिय हो गया है। परिवहन आयुक्त ने प्रदेश के सभी रीजनल आरटीए सचिवों को निर्देश जारी कर कहा है कि अवैध रूप में से चल रहीं वैब बेस्ड कैब को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया जाए।

इस समय प्रदेश में गुड़गांव, फरीदाबाद और पंचकूला में वेब बेस्ड कैब सुविधा उपलब्ध है। कई अन्य स्थानों पर ऐसी टैक्सियां चल रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से इन्हें कोई लाइसेंस जारी किया गया है।

आरटीए सचिवों को जारी निर्देश में कहा गया है कि उन लोगों को भी जागरूक किया जाए जो वैब बेस्ड कैब की सुविधाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।

परिवहन आयुक्त की ओर से यह निर्देश एमएचए द्वारा सभी राज्यों को अवैध रूप से चल रही वैब बेस्ड टैक्सियों पर पाबंदी लगाने के निर्देश के बाद जारी किए गए।

सिर्फ गुड़गांव में ही रेडियो कैब की मंजूरी

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हरियाणा सरकार की ओर से वर्ष 2007 में रेडियो कैब स्कीम को सिर्फ गुडगांव, फरीदाबाद और पंचकूला जिले के लिए मंजूरी दी गई थी। गुड़गांव में संबंधित कंपनियों को लाइसेंस भी जारी किए गए लेकिन फरीदाबाद और पंचकूला में किसी भी कंपनी को लाइसेंस नहीं दिया गया था।

इस मंजूरी के तहत जिले में 50 किमी की सीमा तक यात्री को ले जाने की मंजूरी है। ट्रासपोर्ट विभाग के अनुसार इस मंजूरी के तहत सिर्फ गुड़गांव जिला में 7 कंपनियों को कैब चलाने के परमिट दिए गए थे, जिनमें से तीन कंपनियों ने अपने लाइसेंस रिन्यू नहीं करवाए। ऐसे में इस समय गुड़गांव में सिर्फ 4 कंपनियों को 275 कैब की मंजूरी के परमिट जारी है।

इनका लाइसेंस 2016 से 2018 तक वैध है। ट्रासपोर्ट विभाग के अनुसार, जिला फरीदाबाद और पंचकूला में इस समय किसी भी कैब को कोई परमिट जारी नहीं किया गया है। दिए गए निर्देश में आरटीए के सचिवों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि कैब को चलाने वाले चालकों की हरियाणा पुलिस की ओर से पूरी तरह से वेरिफिकेशन होनी चाहिए।

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