दुबई में फंसे पंजाब के दो युवक, कैप्टन ने विदेश मंत्री से की मदद की अपील, हालत देख रो पड़ेंगे
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दुबई में फंसे पंजाब के दो युवकों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अब इसका संज्ञान पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लिया है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने टि्वटर पर वीडियो अपलोड कर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत से युवकों की वापसी के संबंध में तत्काल कदम उठाने की अपील की है।
गुरदासपुर के कादियां के गांव ठीकरीवाल दारोगा के गुरदीप सिंह गोराया और फगवाड़ा के गांव जगपालपुर के चरणजीत सिंह दुबई के अजमान-एल-जाहरा में बेहद बुरी जिंदगी बसर कर रहे हैं। पाकिस्तान के एक युवक ने उनका वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया। वायरल वीडियो से ही गांव ठीकरीवाल दारोगा के स्वर्ण सिंह को अपने इकलौते बेटे की हालत का पता चला।
कुर्सी में बैठी गुरदीप सिंह गोराया की मां और बिस्तर पर पिता।
I request the immediate intervention of @DrSJaishankar & India’s Ambassador to UAE @AmbKapoor in getting Charanjit & Gurdeep back to Punjab from Ajman Al Zahra, UAE. pic.twitter.com/jQUn7ib1SM
— Capt.Amarinder Singh (@capt_amarinder) September 8, 2020
गुरदीप सिंह गोराया (33) के पिता स्वर्ण सिंह बीमारी के कारण बिस्तर पर हैं। अविवाहित गुरदीप सिंह माता-पिता का इकलौता बेटा है। एक बहन की शादी हो चुकी है। परिवार का गुजर बसर ठेके पर दी गई जमीन के किराए से हो रहा है। मां लखविंदर कौर ने बताया कि गुरदीप अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए 2016 में दुबई गया था।
तीन साल बाद कुछ दिन के लिए गांव आया था और मार्च 2019 में वापस दुबई चला गया। उसके बाद से उसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली। गुरदीप अपने पिता की बीमारी को लेकर बेहद चिंतित रहता था। कुछ दिन पहले गांव के ही कुछ युवकों ने उन्हें यह वीडियो दिखाया, तब उन्हें पता चला कि बेटा वहां बुरी हालत में है।
अपने बेटे की हालत उनसे नहीं देखी जा रही। उसकी यह हालत कैसे हुई, उन्हें कुछ नहीं पता। बस एक बार फोन आया था कि एक हादसे में वह गंभीर चोटिल हो गया था और उसकी नौकरी चली गई। दोबारा उसने यह नहीं बताया कि नौकरी मिली या नहीं।
उन्होंने बताया कि फिलहाल गुरदीप सिंह को उसके गांव ठीकरीवाल के गुरविंदर सिंह, मनजोत सिंह ने सहारा देकर अपने घर रखा है। लेकिन उसके पास पासपोर्ट न होने के कारण वह अभी घर नहीं लौट सकता। उन्होंने पंजाब सरकार, केंद्र सरकार और यूएई सरकार से अपील की है कि कि गुरदीप सिंह को जल्द वापस भेजने का प्रबंध किया जाए। गुरदासपुर के डीसी मोहम्मद इश्फाक ने बताया कि उक्त मामला उनके ध्यान में आ चुका है।
वीडियो देख आंसू नहीं रोक पाए परिजन
फगवाड़ा के युवक चरणजीत सिंह के परिजनों ने जब वीडियो देखा तो वह आंसू रोक नहीं पाए। चरणजीत की पत्नी संदीप कौर ने बताया कि घर में तंगी के कारण चरणजीत-2018 में लेबर के काम के लिए दुबई गया था। उसकी अपने पति से अंतिम बार फरवरी-2020 में बात हुई थी। उसने बताया था कि कोरोना के चलते कई कंपनियां बंद हो गई हैं।
काम की तलाश में वह कई जगह घूम-घूम कर पता कर रहे हैं लेकिन कोई बात नहीं बनी। काम न मिलने की वजह के रहने की जगह भी छिन गई। चरणजीत और उसका साथी फुटपाथ पर रह रहे हैं। पाकिस्तानी युवक ही उनको खाना-पानी दे रहा है। परिजनों ने जब से वीडियो देखा है उनका रो-रोकर बुरा हाल है। संदीप कौर और उनके बच्चों ने केंद्र और प्रदेश सरकार से मांग की है कि चरणजीत की वापसी में उनकी सहायता की जाए।