अब जान ले रही बारिश: पिंजौर में पहाड़ का मलबा गिरने से मकान ढहा, मामा-भांजे की मौत, पांच साल की बच्ची की तलाश
पिंजौर निवासी 19 वर्षीय आकाश उसकी छोटी बहन पांच वर्षीय प्रिया और सात वर्षीय भांजा कार्तिक घर में खाना खा रहे थे। उनके साथ एक महिला धनवंती भी बैठी थी। उनका घर पहाड़ की तलहटी में बना है। सुबह करीब 9:30 बजे भारी बारिश के कारण पहाड़ का काफी मलबा खिसक गया और वो उनके मकान पर आ गिरा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारी बारिश के कारण पंचकूला के पिंजौर में पहाड़ का मलबा गिरने से तलहटी में बना मकान ढह गया और एक युवक व उसके भांजे की मौत हो गई। वहीं एक छोटी बच्ची अभी मलबे में दबी हुई है। तीनों अपने मकान में बैठकर खाना खा रहे थे। स्थानीय लोगों ने मलबे को हटाना शुरू किया और सूचना पुलिस व फायर ब्रिगेड को दी गई। रेस्क्यू के नाम पर फायर ब्रिगेड के तीन और पुलिस के दो कर्मचारी पहुंचे।
पिंजौर निवासी 19 वर्षीय आकाश उसकी छोटी बहन पांच वर्षीय प्रिया और सात वर्षीय भांजा कार्तिक घर में खाना खा रहे थे। उनके साथ एक महिला धनवंती भी बैठी थी। उनका घर पहाड़ की तलहटी में बना है। सुबह करीब 9:30 बजे भारी बारिश के कारण पहाड़ का काफी मलबा खिसक गया और वो उनके मकान पर आ गिरा।
धनवंती किसी तरह दौड़कर बाहर निकल गई, मगर आकाश, कार्तिक और प्रिया मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही आस-पास के लोगों ने दौड़ लगाई और मलबे को हटाना शुरू किया। समाचार लिखे जाने तक आकाश और कार्ति का शव मलबे से निकाला जा चुका था। प्रिया को ढूंढ़ने में लोग जुटे हैं।
प्रशासन की ढिलाई से धीमा रहा राहत अभियान
हादसे की सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी गई। राहत और बचाव कार्य के लिए रेस्क्यू टीम के नाम पर फायर ब्रिगेड के तीन और पुलिस के दो कर्मचारी पहुंचे। उनके पास भी ऐसा कोई खास उपकरण नहीं था, जिससे राहत कार्य में तेजी लाई जा सके। स्थानीय निवासी हवा सिंह, अंकुर, शीला और कुलदीप ने बाकी लोगों के साथ मिलकर मलबे को हटाया। हादसे के छह घंटे बाद भी एनडीआरएफ की टीम नहीं पहुंची सकी।