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शातिर ठगः खुद को बैंक मैनेजर बता फोन किया, बोला- गिफ्ट करनी है तुरंत स्मार्ट एलईडी भेज दो
Wed, 26 Aug 2020 11:43 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मनीमाजरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मनीमाजरा
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2020 11:43 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
बैंक मैनेजर बनकर एक इलेक्ट्रानिक व्यापारी से दो एलईडी ठगी का मामला मनीमाजरा पुलिस के सामने आया है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मंगलवार को शिकायत मिलने के बाद बैंक की सीसीटीवी फुटेज खंगाली, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
मोरी गेट में आरए टीवी सेंटर के मालिक राशिद अहमद ने बताया कि वे तीन भाई दुकान पर बैठते हैं। सोमवार को उनके भाई सलीम को गुरप्रीत नाम के आदमी का फोन आया कि वह मनीमाजरा की एचडीएफसी ब्रांच से मैनेजर बोल रहा है। उसने कहा कि आपकी दुकान का खाता हमारे बैंक में है।
हमारे एक मैनेजर आज रिटायर्ड हो रहे है। उनको बैंक की ओर से दो सोनी कंपनी की 48 इंच स्मार्ट एलईडी देनी है। आप अभी हमारी ब्रांच में दो एलईडी भेज दो। वहीं पेमेंट मिल जाएगी। भाई सलीम ने दो युवकों को दो एलईडी के साथ एचडीएफसी बैंक भेज दिया।
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जैसे ही दोनों युवक बैंक के पास पहुंचे तो गुरप्रीत ने दोबारा सलीम को फोन कर दोनों युवकों का फोन नंबर लिया। इसके बाद उसने युवक को फोन कर कहा कि वह मीटिंग में है। आप सामने खड़ी कार में एलईडी रख दो। पेमेंट दुकान के अकाउंट में ट्रांसफर कर दी है। युवक ने दोनों एलईडी कार में रख दी और वापस आ गए।
दो घंटे तक जब उनके खाते में पेमेंट नहीं आई तो सलीम एचडीएफसी बैंक गए। वहां उन्हें पता चला कि न तो गुरप्रीत नाम का कोई व्यक्ति बैंक में काम करता है और न ही किसी स्टाफ मेंबर का यह मोबाइल नंबर है। सलीम और राशिद ने इसकी सूचना मनीमाजरा थाना पुलिस को दी।
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मोरी गेट में आरए टीवी सेंटर के मालिक राशिद अहमद ने बताया कि वे तीन भाई दुकान पर बैठते हैं। सोमवार को उनके भाई सलीम को गुरप्रीत नाम के आदमी का फोन आया कि वह मनीमाजरा की एचडीएफसी ब्रांच से मैनेजर बोल रहा है। उसने कहा कि आपकी दुकान का खाता हमारे बैंक में है।
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हमारे एक मैनेजर आज रिटायर्ड हो रहे है। उनको बैंक की ओर से दो सोनी कंपनी की 48 इंच स्मार्ट एलईडी देनी है। आप अभी हमारी ब्रांच में दो एलईडी भेज दो। वहीं पेमेंट मिल जाएगी। भाई सलीम ने दो युवकों को दो एलईडी के साथ एचडीएफसी बैंक भेज दिया।
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जैसे ही दोनों युवक बैंक के पास पहुंचे तो गुरप्रीत ने दोबारा सलीम को फोन कर दोनों युवकों का फोन नंबर लिया। इसके बाद उसने युवक को फोन कर कहा कि वह मीटिंग में है। आप सामने खड़ी कार में एलईडी रख दो। पेमेंट दुकान के अकाउंट में ट्रांसफर कर दी है। युवक ने दोनों एलईडी कार में रख दी और वापस आ गए।
दो घंटे तक जब उनके खाते में पेमेंट नहीं आई तो सलीम एचडीएफसी बैंक गए। वहां उन्हें पता चला कि न तो गुरप्रीत नाम का कोई व्यक्ति बैंक में काम करता है और न ही किसी स्टाफ मेंबर का यह मोबाइल नंबर है। सलीम और राशिद ने इसकी सूचना मनीमाजरा थाना पुलिस को दी।