हरियाणा रोडवेज हड़तालः सामूहिक अवकाश पर रहे दो लाख कर्मचारी, कामकाज रहा ठप
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हरियाणा रोडवेज की हड़ताल के समर्थन में दो लाख कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। शुक्रवार को अधिकांश विभागों में कामकाज ठप रहा। नीतिगत निर्णय के कारण आवश्यक सेवाएं ही मुहैया कराई गईं। सबसे अधिक सामूहिक अवकाश शिक्षकों ने किया। कक्षाएं न लगने के कारण शिक्षा निदेशालय ने सभी बीईईओ, बीईओ, डीईईओ, डीईओ से सामूहिक अवकाश पर रहने वाले कर्मचारियों की पूरी जानकारी संख्या सहित मांगी है।
उधर, सर्व कर्मचारी संघ व महासंघ से जुड़े कर्मचारी जल्दी ही हड़ताल पर जाने का निर्णय भी ले सकते हैं। इसकी रणनीति अंदरखाने तैयार की जा रही है। सामूहिक अवकाश का आह्वान करने वाले कर्मचारी नेताओं धर्मबीर फोगाट, सुभाष लांबा, नरेश कुमार शास्त्री, दयानंद दलाल, शिव कुमार पराशर, तरूण सुहाग, गुरदेव सिंह, रमेश मलिक ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर जल्दी 700 प्राईवेट बसों को किराए पर लेने के निर्णय को रद्द नहीं किया तो एस्मा के तहत की गई कार्रवाई वापस नहीं ली तो कर्मचारी बड़ा निर्णय लेने पर मजबूर होंगे। जिसकी सारी जिम्मेवारी सरकार की होगी।
स्कूलों, अस्पतालों, बिजली निगमों, सफाई व्यवस्था पर सबसे अधिक प्रभाव
सामूहिक अवकाश के कारण हजारों स्कूलों में ताले लटके रहे। बिजली वितरण निगमों में 90 प्रतिशत कर्मचारियों के अवकाश पर चले जाने के कारण बिजली बिलों को ठीक करने का काम, शिकायतों का निपटारा, बिल जमा करने का कोई काम नहीं हो सका। अवकाश पर रहते हुए हालांकि बिजली कर्मचारियों ने ब्रेक डाउन ठीक किए।
नगर निगमों, पालिकाओं व परिषदों में पब्लिक डीलिंग, सफाई व्यवस्था व सीवरेज का काम बुरी तरह प्रभावित रहा। स्वास्थ्य विभाग की आशा वर्कर व एनएचएम व अन्य स्टाफ के हड़ताल में शामिल होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरा तरह प्रभावित रहीं। जन स्वास्थ्य, सिंचाई, बीएंडआर, पशुपालन, हुडा, वन, पंचायती राज, आईटीआई, शिक्षा बोर्ड भिवानी सहित लगभग सभी अन्य विभागों ,बोर्ड, निगमों, सहकारी समितियों के अधिकांश कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे।