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मोगाः हेड कांस्टेबल ने एके47 से गोलियां बरसाकर की चार हत्याएं, जांच में दो चौंकाने वाले खुलासे

Mon, 17 Feb 2020 10:48 AM IST
खुशबू गोयल रोहित शर्मा, मोगा(पंजाब)
रोहित शर्मा, मोगा(पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 17 Feb 2020 10:48 AM IST
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Truth Revealed in Inquiry of Four Murder Case by Head Constable at Moga
हेड कांस्टेबल ने किया चार लोगों का कत्ल - फोटो : अमर उजाला
हेड कांस्टेबल ने एके 47 से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर पत्नी समेत चार लोगों की हत्या कर दी। मामले की जांच में अब कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पंजाब के मोगा में इस हत्याकांड को अंजाम देने वाला आरोपी हेड कांस्टेबल शातिर दिमाग का निकला। आरोपी कुलविंदर सिंह ने एसटीएफ के साथ रेड पर जाने का बहाना बनाकर पुलिस लाइन से एके-47 राइफल ली थी। पुलिस लाइन के मुंशी ने भी उच्चाधिकारियों और एसटीएफ से बात किए बिना उसे असलहा इश्यू कर दिया था।
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शनिवार की रात जब थाना धर्मकोट से एएसआई बलविंदर सिंह की टीम उसे लेने उसकी ससुराल पहुंची। जब टीम उसे लेकर लौट रही थी तो आरोपी कुलविंदर ने रास्ते में ही पुलिस टीम को भरोसा दिला दिया कि वह अब अपनी पत्नी व ससुराल परिवार के साथ झगड़ा नहीं करेगा। अब उसे इतना नशा भी नहीं है। पुलिस विभाग में कार्यरत होने के चलते एएसआई बलविंदर सिंह ने उस पर भरोसा किया और उसे रात करीब साढे़ 12 बजे ही थाने से जाने दिया। इसके बाद आरोपी वापस मोगा आ गया और सुबह करीब साढे़ पांच बजे पुलिस लाइन पहुंच गया।
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वहां जाकर आरोपी ने पुलिस लाइन के मुंशी व असलहा कंट्रोल मुलाजिम से कहा कि उसने एसटीएफ टीम के साथ गुप्त रेड पर जाना है और उच्चधिकारियों के निर्देश हैं कि वह जल्द ही एके-47 लेकर एसएसपी दफ्तर के पास पहुंच जाए। पुलिस लाइन के मुलाजिम ने बिना एसटीएफ पुलिस अधिकारियों या फिर पुलिस के आला अधिकारियों से बातचीत किए आरोपी कुलविंदर सिंह पर यकीन किया और उसे एके-47 दे दी। इसके बाद आरोपी वहां से निकला और सोची समझी साजिश के तहत गांव सैदपुरा जलाल में जाकर उसने अपनी ससुराल वालों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
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आरोपी को असलहा न देने के थे आदेश

पुलिस सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, जब वर्ष 2014 में आरोपी ने अपनी घर की छत पर एके-47 से हवाई फायरिंग की थी तो परिवार की गुजारिश व आरोपी के कारनामों को मद्देनजर रखते हुए मोगा के तत्कालीन एसएसपी ने आदेश जारी किए गए थे कि आरोपी कुलविंदर सिंह को किसी भी प्रकार का असलहा नहीं दिया जाएगा। बिना असलहे के ही आरोपी से पुलिस विभाग में ड्यूटी करवाई जाएगी।

तत्कालीन एसएसपी के तबादले के साथ उक्त आदेश भी उनके साथ ही चले गए। एसपी डी हरिंदरपाल सिंह परमार से जब उक्त आदेशों संबंधी बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसे किसी आदेश के बारे में उन्हें जानकारी नहीं मिली है। वहीं मामले की जांच दौरान जो भी पुलिस मुलाजिम या अधिकारी जिम्मेदार पाया गया, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पैसे के लिए दिया वारदात को अंजाम
एसएसपी मोगा हरमनबीर सिंह का कहना है कि आरोपी हवलदार कुलविंदर सिंह का अपने ससुराल परिवार के साथ पैसे व जमीन को लेकर कुछ विवाद चल रहा था। इसको लेकर उसने तैश में आकर अपनी पत्नी समेत ससुराल परिवार के चार लोगों की जान ले ली। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान जो भी खुलासे होंगे उसी के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

नशा तस्करी समेत कई मामलों में नामजद है आरोपी
आरोपी कुलविंदर सिंह के खिलाफ मानसा में अवैध हथियार रखने और हथियारों की मरम्मत करने का मामला दर्ज है। इसके अलावा आरोपी पर जगरांव के थाने में नशा तस्करी का केस दर्ज है। 2014 में दिवाली के दिन आरोपी ने मोगा में अपने घर की छत पर रात को एके-47 से हवाई फायरिंग कर दी थी।

इस पर थाना सिटी में केस दर्ज कर उसे सस्पेंड कर दिया गया था। तब आरोपी को इस मामले में बहाल करते समय पुलिस के उच्च अधिकारियों ने फैसला लिया था कि आरोपी को कोई भी असलाह नहीं दिया जाएगा। बावजूद इसके अफसर बदलने पर आरोपी को असलाह दिया जाने लगा।

छह साल से शराब छोड़ गुरुसिख बन गया था आरोपी

कुलविंदर सिंह ने छह साल पहले शराब छोड़ दी थी। अमृत छकने के बाद वह गुरुसिख बन गया था लेकिन शनिवार की रात को उसने फिर शराब पी ली। पहले उसने पत्नी और ससुराल परिवार से झगड़ा किया उसके बाद रविवार सुबह हत्याकांड को अंजाम दे डाला। जानकारी के मुताबिक आरोपी कुलविंदर सिंह शराब के साथ-साथ ड्रग्स लेने का भी आदी था।

कुलविंदर सिंह निवासी शहीद भगत सिंह नगर मोगा पंजाब पुलिस में बतौर हेड कांस्टेबल नौकरी करता है। इस समय कुलविंदर सिंह की ड्यूटी धर्मकोट की टियर गैस टीम में लगाई गई है। कुलविंदर सिंह ने हलका धर्मकोट के गांव सैदपुरा जलाल में अपनी ससुराल परिवार की जमीन पर पिग फार्म बनाया हुआ है। काफी समय से वह अपनी पत्नी राजविंदर कौर पर दबाव बना रहा है कि वह मायके की जायदाद में हिस्सा ले। राजविंदर कौर के ऐसा न करने पर वह उससे अक्सर झगड़ा करता रहता है।

मायके से जायदाद में हिस्सा नहीं लिया तो कुलविंदर सिंह ने पत्नी और उसके परिजनों पर अपनी सरकारी राइफल से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। फायरिंग में हवलदार की पत्नी, सास, साले और साले की पत्नी की मौत हो गई। वहीं साले की 10 वर्षीय बेटी गोली के छर्रे लगने से गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे मोगा के सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया। आरोपी के ससुर, छोटे साले और आरोपी के बेटे ने घर से बाहर भागकर जान बचाई। हत्यारोपी ने थाना धर्मकोट में एके-47 राइफल समेत पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया।
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