अरबों का चूना लगा विदेश जा बैठा चंडीगढ़ का 'विजय माल्या', एक और सच
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बैंकों और फाइनेंस कंपनियों को 3200 करोड़ का चूना लगाकर विदेश जाकर बस गया चंडीगढ़ का 'विजय माल्या'। दरअसल बैंकों और फाइनेंस कंपनियों को 3200 करोड़ का चूना लगाकर सूर्या फार्मास्यूटिकल लिमिटेड के मालिक और चंडीगढ़ के उद्यमी राजीव गोयल कैंसर का इलाज कराने के बहाने देश से भागने में कामयाब रहा।
उसके बाद से वह कभी भारत नहीं लौटा। उनके साथ उनकी पत्नी भी हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने यूएसए में ही एक फार्मास्यिुटिकल कंपनी खरीद ली है और वहीं पर बैठकर कारोबार कर रहे हैं। चंडीगढ़ में उन्होंने वीवा के फेंचाइजी के नाम से केमिस्ट शॉप खोले थे। उनके सेक्टर 16, मनीमाजरा और अन्य कई इलाकों में केमिस्ट शॉप थे। बाद में वे बंद हो गए।
उन्होंने हैदराबाद की एक फार्मा कंपनी भी खरीदी थी। उसके बाद बद्दी में कारोबार शुरू किया। साल 2011 में उनके खिलाफ आत्महत्या को उकसाने के लिए मामला भी दर्ज हुआ था। उसके बाद से उनके बुरे दिन शुरू हो गए। बाद में उनके खिलाफ धोखाधड़ी के केस नोट किए गए। राजीव गोयल चंडीगढ़ के सेक्टर 18 में रहते हैं। धोखाधड़ी के मामले में उनके पासपोर्ट जमा करने के आदेश भी जारी हुए थे, लेकिन वे इलाज का बहाना बनाकर भारत से भागने में कामयाब रहे।
एसबीआई ने जब्त किया 100 करोड़ की औद्योगिक संपत्ति
एसबीआई ने हिमाचल प्रशासन की मदद से विजय माल्या की तरह भारत में बैंकों और फाइनेंस कंपनियों को 3200 करोड़ का चूना लगाकर विदेश जाकर बैठे चंडीगढ़ के उद्यमी राजीव गोयल की औद्योगिक शहर बददी में स्थापित सूर्या फार्मास्यूटिकल लिमिटेड की करीब एक सौ करोड़ की औद्योगिक संपत्ति को अपने कब्जे में लिया है। यह कार्रवाई सरफासी एक्ट 14 के तहत उद्यमी द्वारा बैंक लोन की राशि को न लौटाने के चलते अमल में लाया गया है।
उद्यमी देश के टॉप टेन बैंक डिफाल्टरों में भी शामिल है। राजीव गोयल एवं उसकी पत्नी अलका गोयल की संपत्ति को पहली दफा जब्त किया गया है। इस उद्यमी परिवार के चंडीगढ़, पंजाब, जम्मू-कश्मीर में स्थित कारोबार को जब्त करने में बैंकों को अब भी कानूनी रूप से इंतजार करने को मजबूर होना पड़ रहा है। मंगलवार देर रात तक कार्रवाई करते हुए तहसीलदार बद्दी नारायण चौहान के नेतृत्व में बैंक अधिकारियों ने चार औद्योगिक प्लाटों जिसमें झाड़माजरी स्थित प्लाट नंबर 49, 50, 50 और बददी के प्लॉट नंबर 85 के भवन और मशीनरी पर ताला लगाया है। प्रशासन कानूनी अड़चन के चलते बददी के प्लॉट नंबर 87 पर बैंक को कब्जा नहीं दिला सका है।
बैंक और फाइनेंस कंपनियों से लिया 3200 करोड़ का लोन दंपति ने एसबीआई सहित करीब 12 बैंकों से 2610 करोड़ का बैंक लोन लिया है। जबकि 590 करोड़ के लोन को फाइनेंस कंपनियों से लिया है। दोनों डिफाल्टर दंपति पिछले काफी समय से भारत से बाहर कनाडा में छुपे हुए हैं। किसी गंभीर बीमारी की बात कहकर वह विदेश में पनाह लिए हुए हैं।
बैंक अधिकारियों से मिली जानकारी के तहत डिफाल्टर उद्यमी राजीव गोयल गलत दस्तावेज के साथ बैंक से लोन लेकर इन पैसों को देश से बाहर ले गया। इस संबंध में एसबीआई बैंक की ओर से सीबीआई में भी मामले की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। अपुष्ट सूचना है कि उद्यमी को रेड कार्नर नोटिस भी जारी हो चुका है।
डॉ. राकेश कंवर, उपायुक्त सोलन ने बताया कि डिफाल्टर सूर्या फार्मास्यूटिकल लिमिटेड कंपनी पर बैंकों के कर्ज की राशि न लौटाने के चलते सरफासी (एसएआरएफएईएसआई) एक्ट की धारा 14 के तहत बद्दी और झाड़माजरी के चार उद्योगों की करीब 25 बीघा जमीन, प्लांट तथा मशीनरी की फिजिकल पोजिशन को एसबीआई को कानूनी रूप से सौंप दिया गया है। इस संपत्ति की कीमत करीब एक सौ करोड़ से अधिक है।