पंजाब में सद्भावना बस रोकने का प्रयास, शिवसेना ने कहा नहीं चलने देंगे, तीर्थ यात्रा भी रद्द
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शिव सेना शेरे-पंजाब के सदस्यों ने दिल्ली-लाहौर के बीच चलने वाली सद्भावना बस को अटारी-खासा बाईपास के नजदीक रोकने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल ने शिव सैनिकों को घेर लिया। जिस कारण शिव सैनिक बस तक नहीं पहुंच सके। बस कड़ी सुरक्षा के बीच अटारी रवाना हो गई। शिव सेना के प्रधान विवेक सागर सग्गू ने कहा कि केंद्र सरकार पाकिस्तान के साथ सभी व्यापारिक और कूटनीतिज्ञ संबंध तोड़ दे।
केंद्र सरकार ने बड़ी देर के बाद पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस लिया है। पाकिस्तान भारतीय पदार्थों को बेच कमाई करता है, फिर उसी पैसे से कश्मीर में आतंकवाद फैला रहा है। पंजाब के मंत्रियों के काफिले के साथ जैमर लगाए जाते हैं, सेना की गाड़ियों के आगे जैमर क्यों नहीं लगाए जाते।
नहीं चलने देंगे सदा-ए-सरहद बस : शिव सेना
जालंधर में शिव सेना बाल ठाकरे के पंजाब प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता सुभाष गोरिया ने कहा कि पाकिस्तान अपनी गंदी नीतियों से बाज नहीं आ रहा है। हमारे बहादुर जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। शिवसेना बाल ठाकरे ईंट का जवाब पत्थर से देगी।
पंजाब की धरती पर लाहौर से दिल्ली आने वाली सदा-ए-सरहद बस को चलने नहीं देंगे। बस पंजाब की सर-जमीन पर आई तो शिवसेना उसका कड़ा विरोध कर उसे चलने नहीं देगी। मौके पर जिला प्रभारी दीपक शर्मा, जिला प्रधान भारतीय कामगर सेना बलबीर गोरिया, सिटी प्रधान मुकेश सियाल, उप प्रधान अमित जट्ट मौजूद थे।
आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की तीर्थ यात्रा रद्द
वहीं अबोहर में पुलवामा आतंकवादी हमले के रोष स्वरूप श्री रामायण प्रचारणी सभा ने महाशिवरात्रि पर्व पाक अधिकृत पंजाब में मनाने का निर्णय रद्द कर दिया है। भारत-पाक समझौते के अंतर्गत प्रति वर्ष 200 भारतीयों को पश्चिमी पंजाब के चकवाल जिले की चौआ सैदनशाह तहसील में स्थित प्राचीन तीर्थ स्थल श्री कटासराज धाम में महाशिवरात्रि और शरद पूर्णिमा मनाने की अनुमति प्राप्त है।
इस बार भी इस तीर्थ यात्रा के लिए मार्च के प्रथम सप्ताह में रवानगी का कार्यक्रम तय किया गया था लेकिन अब यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। शुक्रवार को सरहद सोशल वेलफेयर सोसाइटी के कार्यालय में आयोजित बैठक में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इस घटना की कडे़ शब्दों में निंदा की गई। सभा के महासचिव राकेश नागपाल ने कहा कि हमले के रोष स्वरूप संस्था ने प्राचीन अमरकुंड में स्नान करने का निर्णय रद्द कर दिया।