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चंडीगढ़ में ट्रैफिक जाम से निपटने को बनाना पड़ेगा ट्रिब्यून फ्लाईओवर, पंजाब-हरियाणा भी सहमत
Sat, 21 Dec 2019 02:15 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Dec 2019 02:15 PM IST
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ट्रिब्यून चौक चंडीगढ़
- फोटो : अमर उजाला
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ट्रिब्यून फ्लाईओवर निर्माण योजना पर पंजाब और हरियाणा सरकार ने सहमति जता दी है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को निर्देश दिया था कि ट्रैफिक कंजेशन बढ़ाने के लिए जिम्मेदार पंजाब और हरियाणा के साथ मीटिंग कर फ्लाईओवर के अलावा अन्य विकल्पों पर विचार करे। ट्रिब्यून फ्लाईओवर को लेकर शुक्रवार को एडवाइजर मनोज परिदा की अध्यक्षता में पंजाब-हरियाणा के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें रजामंदी बनी कि ट्रिब्यून फ्लाईओवर ही सबसे सस्ता और बेहतर विकल्प है। अन्य विकल्पों पर अगर बात की गई तो न केवल यह समय ज्यादा लेंगे बल्कि इनके लिए तीनों जगह के प्रशासन को भी काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।
सूत्रों के अनुसार मीटिंग के दौरान रिंग रोड के विकल्प पर भी बातचीत हुई, लेकिन कहा गया कि इस विकल्प पर अगर काम भी करते हैं तो इसमें काफी समय लगने वाला है क्योंकि रिंग रोड के निर्माण के लिए तीनों राज्यों को जमीन अधिग्रहण का प्रोसेस चलाना पड़ेगा। उसके बाद उसका मुआवजा इत्यादि देना होगा। फिर यह प्रोजेक्ट केंद्र के पास भेजना होगा, जहां से पास होने के बाद ही इस पर कोई अगला कदम उठाया जा सकता है। इससे बेहतर विकल्प ट्रिब्यून फ्लाईओवर ही है, जिसके निर्माण की मंजूरी भी केंद्र से मिल चुकी है। बजट भी जारी हो चुका है। सिर्फ प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए हरी झंडी दिखानी है।
बता दें कि इस प्रोजेक्ट में सबसे बड़ी अड़चन इसके रास्ते में लगे हरे भरे पेड़ों को लेकर आ रही है। हाईकोर्ट नहीं चाहता कि हरे-भरे सैकड़ों पेड़ ट्रिब्यून फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान विकास की भेंट चढ़ जाएं। इसीलिए हाईकोर्ट की ओर से नए विकल्प तलाशने का निर्देश दिया गया था, लेकिन पंजाब हरियाणा के यूटी प्रशासन की ट्रिब्यून फ्लाईओवर के निर्माण की योजना में हां में हां मिलाए जाने से फिर सुई उधर ही घूम गई है।
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कल देंगे लोग अपने सुझाव
यूटी प्रशासन ने ट्रिब्यून फ्लाईओवर को लेकर लोगों से भी सुझाव मांगे हैं। आगामी 23 दिसंबर को इन सुझावों को एडवाइजर मनोज परिदा यूटी गेस्ट हाउस में सुनेंगे। जो सुझाव देगा, उसे लिखित में भी सुझाव देने को कहा गया है। यहां बता दें कि ट्रिब्यून फ्लाईओवर ट्रिब्यून के पास से शुरू होकर पहले रेलवे क्रॉसिंग के पास तक और इसके बाद दूसरी ओर वहां से लेकर हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट तक पहुंचेगा। पहले यह और भी आगे तक जाना था, लेकिन बाद में इसकी लंबाई कम कर दी गई।
फ्लाईओवर 472 पेड़ों की ले रहा बलि
ट्रिब्यून फ्लाईओवर को लेकर हो रही सुनवाई के दौरान पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि सिटी ब्यूटीफुल में ट्रैफिक की समस्या सिर्फ चंडीगढ़ की नहीं है बल्कि यह पंजाब और हरियाणा के लिए भी एक समस्या है। पंजाब और हरियाणा भी इसके लिए बराबर के जिम्मेदार हैं। सभी को मिलकर एक योजना पर काम करना चाहिए। हाईकोर्ट के आदेश पर ही 20 दिसंबर को यह बैठक बुलाई गई है। बैठक में ट्राइसिटी के ट्रैफिक को कंट्रोल करने के उपायों पर बातचीत की जाएगी। हाईकोर्ट ने ट्रिब्यून फ्लाईओवर के बनने के दौरान कटने वाले 472 पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी थी।
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सूत्रों के अनुसार मीटिंग के दौरान रिंग रोड के विकल्प पर भी बातचीत हुई, लेकिन कहा गया कि इस विकल्प पर अगर काम भी करते हैं तो इसमें काफी समय लगने वाला है क्योंकि रिंग रोड के निर्माण के लिए तीनों राज्यों को जमीन अधिग्रहण का प्रोसेस चलाना पड़ेगा। उसके बाद उसका मुआवजा इत्यादि देना होगा। फिर यह प्रोजेक्ट केंद्र के पास भेजना होगा, जहां से पास होने के बाद ही इस पर कोई अगला कदम उठाया जा सकता है। इससे बेहतर विकल्प ट्रिब्यून फ्लाईओवर ही है, जिसके निर्माण की मंजूरी भी केंद्र से मिल चुकी है। बजट भी जारी हो चुका है। सिर्फ प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए हरी झंडी दिखानी है।
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बता दें कि इस प्रोजेक्ट में सबसे बड़ी अड़चन इसके रास्ते में लगे हरे भरे पेड़ों को लेकर आ रही है। हाईकोर्ट नहीं चाहता कि हरे-भरे सैकड़ों पेड़ ट्रिब्यून फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान विकास की भेंट चढ़ जाएं। इसीलिए हाईकोर्ट की ओर से नए विकल्प तलाशने का निर्देश दिया गया था, लेकिन पंजाब हरियाणा के यूटी प्रशासन की ट्रिब्यून फ्लाईओवर के निर्माण की योजना में हां में हां मिलाए जाने से फिर सुई उधर ही घूम गई है।
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कल देंगे लोग अपने सुझाव
यूटी प्रशासन ने ट्रिब्यून फ्लाईओवर को लेकर लोगों से भी सुझाव मांगे हैं। आगामी 23 दिसंबर को इन सुझावों को एडवाइजर मनोज परिदा यूटी गेस्ट हाउस में सुनेंगे। जो सुझाव देगा, उसे लिखित में भी सुझाव देने को कहा गया है। यहां बता दें कि ट्रिब्यून फ्लाईओवर ट्रिब्यून के पास से शुरू होकर पहले रेलवे क्रॉसिंग के पास तक और इसके बाद दूसरी ओर वहां से लेकर हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट तक पहुंचेगा। पहले यह और भी आगे तक जाना था, लेकिन बाद में इसकी लंबाई कम कर दी गई।
फ्लाईओवर 472 पेड़ों की ले रहा बलि
ट्रिब्यून फ्लाईओवर को लेकर हो रही सुनवाई के दौरान पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि सिटी ब्यूटीफुल में ट्रैफिक की समस्या सिर्फ चंडीगढ़ की नहीं है बल्कि यह पंजाब और हरियाणा के लिए भी एक समस्या है। पंजाब और हरियाणा भी इसके लिए बराबर के जिम्मेदार हैं। सभी को मिलकर एक योजना पर काम करना चाहिए। हाईकोर्ट के आदेश पर ही 20 दिसंबर को यह बैठक बुलाई गई है। बैठक में ट्राइसिटी के ट्रैफिक को कंट्रोल करने के उपायों पर बातचीत की जाएगी। हाईकोर्ट ने ट्रिब्यून फ्लाईओवर के बनने के दौरान कटने वाले 472 पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी थी।