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बाबा रामदेव, बालकृष्ण को ट्रिब्यूनल से नोटिस, ये है मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 05 Oct 2016 01:33 AM IST
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बाबा रामदेव
- फोटो : File Photo
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पतंजलि योग पीठ हरिद्वार के संस्थापक बाबा रामदेव, उनके सहयोगी बालकृष्ण समेत सात लोगों को डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल (डीआरटी) चंडीगढ़ ने नोटिस जारी किया है। ट्रिब्यूनल ने रामदेव के अलावा स्टेट बैंक ऑफ पटियाला वजीरपुर नई दिल्ली, पंजाब नेशनल बैंक पालिका ब्रांच, नई दिल्ली, पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड पुष्पांजलि नई दिल्ली के डायरेक्टर, इंटरनेशनल ट्रेडर नई दिल्ली और साकेत अग्रवाल पीतमपुरा दिल्ली को 6 अक्तूबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
मामले में शिकायतकर्ता सोनीपत की आरएच एग्रो राइस मिल है। ट्रिब्यूनल में दायर शिकायत में कहा गया है कि राइस मिल के लिए कंपनी ने एसबीआई, एसबीओपी और पीएनबी से लोन लिया था। लोन न चुका पाने पर मेन बैंक एसबीआई ने उनकी प्रापर्टी पर कब्जा (पजेशन) लिया था। इस पर बैंक और राइस मिल में प्रापर्टी की बिक्री कर लोन चुकाने पर सहमति बनी थी। बैंक ने कंपनी को ही इसके लिए कस्टमर तलाशने की बात मंजूर की थी।
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मामले में शिकायतकर्ता सोनीपत की आरएच एग्रो राइस मिल है। ट्रिब्यूनल में दायर शिकायत में कहा गया है कि राइस मिल के लिए कंपनी ने एसबीआई, एसबीओपी और पीएनबी से लोन लिया था। लोन न चुका पाने पर मेन बैंक एसबीआई ने उनकी प्रापर्टी पर कब्जा (पजेशन) लिया था। इस पर बैंक और राइस मिल में प्रापर्टी की बिक्री कर लोन चुकाने पर सहमति बनी थी। बैंक ने कंपनी को ही इसके लिए कस्टमर तलाशने की बात मंजूर की थी।
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सोनीपत स्थित राइस मिल ने डीआरटी में दायर की याचिका
baba ramdev
- फोटो : Demo Pic
आरएच एग्रो की ओर से इसके लिए पतंजलि से बात की गई। पतंजलि के अधिकारियों की ओर से राइस मिल का मौका मुआयना करने के बाद 101 करोड़ रुपये में बातचीत तय हुई। कंपनी ने इसकी वैल्यूएशन कराई तो इसकी कीमत 119 करोड़ रुपये आंकी गई।
ट्रिब्यूनल में दायर याचिका के अनुसार आरएच एग्रो ने कहा कि कंपनी और पतंजलि में सौदे को लेकर बातचीत तय हो चुकी थी। लेकिन साकेत अग्रवाल ने मीडिएटर बनकर पतंजलि की बैंक से सीधी बातचीत करवा दी। इसके बाद हुई ऑक्शन में बाबा रामदेव की कंपनी ने 69 करोड़ रुपये की बोली लगाकर कंपनी को बहुत कम दाम में खरीद लिया। याचिकाकर्ता के अनुसार बैंक ने पतंजलि के साथ मिलकर उनसे धोखाधड़ी की है और उन्हें नुकसान पहुंचाया है। कंपनी की सरकारी वैल्यूएशन 119 करोड़ रुपये आंकी गई थी। इस तरह बैंक और पतंजलि ने अन्य के साथ मिलकर उन्हें करीब 50 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है।
ट्रिब्यूनल में दायर याचिका के अनुसार आरएच एग्रो ने कहा कि कंपनी और पतंजलि में सौदे को लेकर बातचीत तय हो चुकी थी। लेकिन साकेत अग्रवाल ने मीडिएटर बनकर पतंजलि की बैंक से सीधी बातचीत करवा दी। इसके बाद हुई ऑक्शन में बाबा रामदेव की कंपनी ने 69 करोड़ रुपये की बोली लगाकर कंपनी को बहुत कम दाम में खरीद लिया। याचिकाकर्ता के अनुसार बैंक ने पतंजलि के साथ मिलकर उनसे धोखाधड़ी की है और उन्हें नुकसान पहुंचाया है। कंपनी की सरकारी वैल्यूएशन 119 करोड़ रुपये आंकी गई थी। इस तरह बैंक और पतंजलि ने अन्य के साथ मिलकर उन्हें करीब 50 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है।