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Ludhiana: पंजाब की व्यावसायिक राजधानी में अब तक शिअद-कांग्रेस का रहा मुकाबला, आप के आने से बदले समीकरण
Wed, 13 Mar 2024 04:05 PM IST
निवेदिता वर्मा
राजीव शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
राजीव शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 13 Mar 2024 04:05 PM IST
सार
पंजाब की आर्थिक राजधानी लुधियाना की संसदीय सीट में विधानसभा के नौ हलके आते हैं। इनमें छह हलके शहर के जिनमें लुधियाना पूर्वी, पश्चिम, उत्तरी, दक्षिण, सेंट्रल एवं आत्मनगर शामिल हैं। इसके अलावा तीन देहाती हलके गिल, दाखा एवं जगराओं शामिल है। यह सीट जनरल है और इसमें गिल एवं जगराओं विधानसभा हलका आरक्षित है।
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रवनीत सिंह बिट्टू
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
परंपरागत तौर पर कांग्रेस के प्रभाव वाली लुधियाना सीट पर मुख्य मुकाबला हमेशा कांग्रेस और शिअद के बीच ही होता रहा है। 2014 में आम आदमी पार्टी की एंट्री के कारण यह मुकाबला त्रिकोणीय हो गया था।
कांग्रेस के रवनीत बिट्टू ने आप के एचएस फूलका को हराया था। शिअद के मनप्रीत सिंह अयाली तीसरे स्थान पर रहे थे। आम आदमी पार्टी की एंट्री से इस सीट के समीकरण काफी बदल गए थे। हालांकि, आप अभी तक इस सीट को जीत नहीं पाई है। 2019 में भी बिट्टू यह सीट निकालने में कामयाब रहे। अब वे लुधियाना से हैट्रिक लगाने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। इससे पहले वह एक बार आनंदपुर साहिब सीट से भी सांसद रह चुके हैं।
1952 में बनी लुधियाना लोकसभा सीट ने अब तक 18 सांसद चुन कर संसद में भेजे हैं। इनमें से 11 बार मतदाताओं ने कांग्रेस पर भरोसा जताया। शिरोमणि अकाली दल को छह बार और स्वतंत्र पार्टी का एक बार मौका मिला। कांग्रेस के दविंदर सिंह गरचा तीन बार सांसद बने हैं। कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू, गुरचरण सिंह गालिब एवं बहादुर सिंह दो-दो बार सांसद बने हैं।
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मनीष तिवारी भी रह चुके हैं सांसद
2009 में कांग्रेस के मनीष तिवारी भी इस सीट से जीत दर्ज कर चुके हैं। उन्हें 449,264 वोट मिले थे, जो कुल पोल हुए वोटों का 53.08 प्रतिशत है। उन्होंने शिअद के गुरचरण सिंह गालिब को हराया था। उन्हें 3,35,558 यानी 39.65 प्रतिशत वोट हासिल हुए थे। इस सीट पर सत्तर फीसद इलाके शहरी एवं बाकी ग्रामीण हैं।
इस सीट पर वर्ष 1952 एवं 1957 में हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के बहादुर सिंह विजयी रहे। इसके बाद फिर 1957 में हुए चुनावों में स्वतंत्र पार्टी के अजीत सिंह सरहदी विजयी रहे। 1962 में हुए चुनावों में स्वतंत्र पार्टी के ही कपूर सिंह विजयी रहे। 1967 में कांग्रेस के दविंदर सिंह गरचा, 1971 में कांग्रेस के दविंदर सिंह गरचा, 1977 में शिअद के जगदेव सिंह तलवंडी, 1980 में कांग्रेस के दविंदर सिंह गरचा, 1984 में शिअद के मेवा सिंह गिल, 1989 में शिअद की राजिंदर कौर बुलारा, 1992 में कांग्रेस के गुरचरण सिंह गालिब, 1996 एवं 1998 में शिअद के अमरीक सिंह आलीवाल, 1999 में कांग्रेस के गुरचरण सिंह गालिब, 2004 में शिअद के शरणजीत सिंह ढिल्लों सांसद चुने गए।
वर्ष 2019 के चुनाव में स्थिति
उम्मीदवार वोट प्रतिशत
रवनीत सिंह बिट्टू कांग्रेस 3,83,795 36.36
सिमरजीत सिंह बैंस, पीडीए 3,06,786 29.36
महेशइंद्र गरेवाल, शिअद 2,99,435 28.6
प्रो तेजपाल गिल, आप 15,945 1.52
नोटा 10,538 1.1
कांग्रेस के रवनीत बिट्टू 76732 मतों से विजयी रहे
कुल मतदान: 62.14 प्रतिशत
वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव
उम्मीदवार वोट प्रतिशत
रवनीत बिट्टू, कांग्रेस 300459 27.27
हरविंदर फुलका, आप 280750 25.48
मनप्रीत अयाली, शिअद 256590 23.28
सिमरजीत बैंस, लिप 210917 19.14
कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू 19709 मतों से विजयी रहे
कुल मतदान : 70.58 प्रतिशत
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कांग्रेस के रवनीत बिट्टू ने आप के एचएस फूलका को हराया था। शिअद के मनप्रीत सिंह अयाली तीसरे स्थान पर रहे थे। आम आदमी पार्टी की एंट्री से इस सीट के समीकरण काफी बदल गए थे। हालांकि, आप अभी तक इस सीट को जीत नहीं पाई है। 2019 में भी बिट्टू यह सीट निकालने में कामयाब रहे। अब वे लुधियाना से हैट्रिक लगाने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। इससे पहले वह एक बार आनंदपुर साहिब सीट से भी सांसद रह चुके हैं।
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1952 में बनी लुधियाना लोकसभा सीट ने अब तक 18 सांसद चुन कर संसद में भेजे हैं। इनमें से 11 बार मतदाताओं ने कांग्रेस पर भरोसा जताया। शिरोमणि अकाली दल को छह बार और स्वतंत्र पार्टी का एक बार मौका मिला। कांग्रेस के दविंदर सिंह गरचा तीन बार सांसद बने हैं। कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू, गुरचरण सिंह गालिब एवं बहादुर सिंह दो-दो बार सांसद बने हैं।
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मनीष तिवारी भी रह चुके हैं सांसद
2009 में कांग्रेस के मनीष तिवारी भी इस सीट से जीत दर्ज कर चुके हैं। उन्हें 449,264 वोट मिले थे, जो कुल पोल हुए वोटों का 53.08 प्रतिशत है। उन्होंने शिअद के गुरचरण सिंह गालिब को हराया था। उन्हें 3,35,558 यानी 39.65 प्रतिशत वोट हासिल हुए थे। इस सीट पर सत्तर फीसद इलाके शहरी एवं बाकी ग्रामीण हैं।
इस सीट पर वर्ष 1952 एवं 1957 में हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के बहादुर सिंह विजयी रहे। इसके बाद फिर 1957 में हुए चुनावों में स्वतंत्र पार्टी के अजीत सिंह सरहदी विजयी रहे। 1962 में हुए चुनावों में स्वतंत्र पार्टी के ही कपूर सिंह विजयी रहे। 1967 में कांग्रेस के दविंदर सिंह गरचा, 1971 में कांग्रेस के दविंदर सिंह गरचा, 1977 में शिअद के जगदेव सिंह तलवंडी, 1980 में कांग्रेस के दविंदर सिंह गरचा, 1984 में शिअद के मेवा सिंह गिल, 1989 में शिअद की राजिंदर कौर बुलारा, 1992 में कांग्रेस के गुरचरण सिंह गालिब, 1996 एवं 1998 में शिअद के अमरीक सिंह आलीवाल, 1999 में कांग्रेस के गुरचरण सिंह गालिब, 2004 में शिअद के शरणजीत सिंह ढिल्लों सांसद चुने गए।
वर्ष 2019 के चुनाव में स्थिति
उम्मीदवार वोट प्रतिशत
रवनीत सिंह बिट्टू कांग्रेस 3,83,795 36.36
सिमरजीत सिंह बैंस, पीडीए 3,06,786 29.36
महेशइंद्र गरेवाल, शिअद 2,99,435 28.6
प्रो तेजपाल गिल, आप 15,945 1.52
नोटा 10,538 1.1
कांग्रेस के रवनीत बिट्टू 76732 मतों से विजयी रहे
कुल मतदान: 62.14 प्रतिशत
वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव
उम्मीदवार वोट प्रतिशत
रवनीत बिट्टू, कांग्रेस 300459 27.27
हरविंदर फुलका, आप 280750 25.48
मनप्रीत अयाली, शिअद 256590 23.28
सिमरजीत बैंस, लिप 210917 19.14
कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू 19709 मतों से विजयी रहे
कुल मतदान : 70.58 प्रतिशत