अच्छी खबर: अमृतसर में प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना का इलाज शुरू, जीएनडीएच को पहला डोनर मिला
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अमृतसर के छेहरटा निवासी 27 वर्षीय गुरविंदर पाल सिंह ने अपना प्लाज्मा डोनेट कर पहला प्लाज्मा डोनर होने का गौरव हासिल किया है। इस युवक ने पहले कोरोना को मात दी और अब दूसरों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। सरकारी मेडिकल कॉलेज श्री गुरुनानक देव जी अस्पताल की प्रिंसिपल डॉ. सुजाता शर्मा ने बताया कि दुबई से लौटे गुरविंदर पाल सिंह को 20 मई को कोरोना पॉजिटिव होने के बाद अस्पताल में दाखिल करवाया गया था।
दो सप्ताह के बाद यह कोरोना मुक्त हो गए। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने श्री गुरुनानक देव जी अस्पताल में प्लाज्मा थेरेपी को स्वीकृति प्रदान कर दी है तो हमने युवक से संपर्क साधा। युवक प्लाज्मा डोनेट करने को तैयार हो गया। ए निगेटिव ब्लड ग्रुप के इस युवक का प्लाज्मा इसी ग्रुप के मरीज को चढ़ाया जा सकता था लेकिन अस्पताल में ए निगेटिव ग्रुप का कोरोना मरीज नहीं था। ऐसे में युवक का प्लाज्मा लुधियाना भेजा गया और लुधियाना से बी पॉजिटिव ग्रुप का प्लाज्मा मंगवाकर दो अलग-अलग मरीजों को दिया गया।
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डॉ. सुजाता ने कहा कि आईसीएमआर द्वारा प्लाज्मा थेरेपी की अनुमति मिलने के बाद हम कोरोना मुक्त हो चुके लोगों से लगातार संपर्क कर प्लाज्मा डोनेट करने की अपील कर रहे हैं। अफसोस यह कि लोगों ने इंकार किया। कई लोगों ने तो हमारे नंबर ही ब्लॉक कर दिए। जब छेहरटा के इस युवक को फोन किया तो वह उसी वक्त तैयार हो गए। जो लोग सिम्टोमैटिक थे यानी खांसी, जुकाम अथवा बुखार से पीड़ित होने के बाद कोरोना पॉजिटिव हुए और इलाज के बाद ठीक होकर घर चले गए, वे 14 दिन बाद प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं। इससे कई लोगों की जिंदगी बच सकती है।
प्रिंसिपल ने गुरविंदर पाल सिंह की पीठ थपथपाई। कहा इस युवक ने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। लोगों से अपील की कि वे प्लाज्मा डोनेट करने के लिए आगे आएं। इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं हैं। इस अवसर पर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. रमन शर्मा, मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. शिवचरण, वाइस प्रिंसिपल डॉ. वीणा चतरथ, डॉ. नीरज शर्मा मौजूद रहे।
श्री गुरुनानक देव जी अस्पताल में बनाया गया प्लाज्मा बैंक
अस्पताल में प्लाज्मा बैंक बनाया गया है। यहां कोरोना मुक्त हुए लोगों का प्लाज्मा सुरक्षित रखा जाएगा। इसी तरह पंजाब में शुरू किए गए प्लाज्मा पूल सिस्टम का हिस्सा भी मेडिकल कॉलेज अमृतसर बन गया है। पूल सिस्टम से अभ्रिप्राय है कि यदि अस्पताल में किसी ब्लड ग्रुप का प्लाज्मा नहीं है तो वह पटियाला या फरीदकोट से मंगवा सकता है। इसी तरह पटियाला व फरीदकोट मेडिकल कॉलेज भी जरूरत पड़ने पर अमृतसर से प्लाज्मा ले सकते हैं।