{"_id":"5f0013ac8ebc3e42eb434341","slug":"travel-agent-fraud-cases-inquiry-by-haryana-police","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा में कबूतरबाजी का विशाल नेटवर्क, पुलिस ने 200 पुरानी एफआईआर खोली...होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा में कबूतरबाजी का विशाल नेटवर्क, पुलिस ने 200 पुरानी एफआईआर खोली...होगी कार्रवाई
Sat, 04 Jul 2020 11:07 AM IST
खुशबू गोयल
प्रवीण पाण्डेय, चंडीगढ़
प्रवीण पाण्डेय, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 04 Jul 2020 11:07 AM IST
सार
- मुकदमा दर्ज होने के बाद थानों के रजिस्टर में धूल फांक रहीं थीं
- न्याय के इंतजार में थानों के धक्के खा रहे थे शिकायतकर्ता
- अब शिकायतकर्ता से शपथपत्र लेगी पुलिस, मुकरने पर होगी कार्रवाई
विज्ञापन
कबूतरबाजी का नेटवर्क
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
हरियाणा में कबूतरबाजी का नेटवर्क इतना बड़ा है कि मामले की जांच करने में लगे पुलिस अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया है। विदेश से डिपोर्ट किए गए हरियाणा निवासियों से पूछताछ में पुलिस ने पाया कि गिरफ्तारियां तो अब शुरू हुई हैं। पुराने सैकड़ों मामले तफ्तीश के इंतजार में ही धूल फांक रहे हैं।
करनाल रेंज की आईजी भारती अरोड़ा ने इस मामले में पुरानी दर्ज की गई करीब 200 एफआईआर खोल दी हैं, जिनमें बड़े कबूतरबाजों के नाम शामिल हैं। इन मामलों के शिकायतकर्ता पुलिस थानों के चक्कर काट रहे थे। लेकिन पुलिस के पास इन मामलों के लिए तफ्तीश का समय ही नहीं था। अब भारती अरोड़ा के नेतृत्व में गठित एसआईटी पुराने मामलों की भी परतें उधेड़ेगी।
राम रहीम को सजा सुनाने वाले जगदीप सिंह ने लौटाई सरकारी बुलेट प्रूफ गाड़ी, खुद बताई वजह
विज्ञापन
पुलिस ने निर्णय लिया है कि अब जो भी शिकायतकर्ता थाने में कबूतरबाजी से संबंधित शिकायत देने आएगा, पुलिस पहले उसके 161 के तहत बयान लेगी। शिकायतकर्ता से न मुकरने के संदर्भ में शपथ पत्र लिया जाएगाए जिसके बाद मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई शुरू की जाएगी। ऐसा इसलिए किया गया है कि शिकायतकर्ता ऐेसे मामले में समझौता करके मुकर न जाए। पुलिस ऐसे मामलों में मानव तस्करी के तहत अपराध की श्रेणी में लाकर मुकदमा दर्ज करेगी।
विज्ञापन
करनाल रेंज की आईजी भारती अरोड़ा ने इस मामले में पुरानी दर्ज की गई करीब 200 एफआईआर खोल दी हैं, जिनमें बड़े कबूतरबाजों के नाम शामिल हैं। इन मामलों के शिकायतकर्ता पुलिस थानों के चक्कर काट रहे थे। लेकिन पुलिस के पास इन मामलों के लिए तफ्तीश का समय ही नहीं था। अब भारती अरोड़ा के नेतृत्व में गठित एसआईटी पुराने मामलों की भी परतें उधेड़ेगी।
विज्ञापन
राम रहीम को सजा सुनाने वाले जगदीप सिंह ने लौटाई सरकारी बुलेट प्रूफ गाड़ी, खुद बताई वजह
विज्ञापन
पुलिस ने निर्णय लिया है कि अब जो भी शिकायतकर्ता थाने में कबूतरबाजी से संबंधित शिकायत देने आएगा, पुलिस पहले उसके 161 के तहत बयान लेगी। शिकायतकर्ता से न मुकरने के संदर्भ में शपथ पत्र लिया जाएगाए जिसके बाद मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई शुरू की जाएगी। ऐसा इसलिए किया गया है कि शिकायतकर्ता ऐेसे मामले में समझौता करके मुकर न जाए। पुलिस ऐसे मामलों में मानव तस्करी के तहत अपराध की श्रेणी में लाकर मुकदमा दर्ज करेगी।
Trending Videos
यह है मामला
लॉकडाउन के दौरान हरियाणा से गए 76 लोगों को अमेरिका में बॉर्डर क्रास करते हुए पकड़ा गया, जिसके बाद इन लोगों को डिपोर्ट कर दिया गया। विशेष विमान के माध्यम से इन लोगों को वापस भेजा गया, जिन्हें सरकार ने पंचकूला और आस-पास क्वारंटीन करवाया। बाद में इनके बयान पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।
मानव तस्करी के तहत जमानत नहीं होगी
नई दर्ज होने वाली एफआईआर के तहत पुलिस मानव तस्करी की धाराओं को भी जोड़ेगी, जिससे कबूतरबाजों की जमानत मुश्किल हो जाएगी। पूर्व में लोग थाने के बाहर ऐसे मामलों में समझौता करने का प्रयास करते थे, जो अब संभव नहीं होगा।
हरियाणा के जल जीवन मिशन की सराहना, केंद्रीय जल मंत्री बोले- सभी राज्य यह तरीका अपनाएं
आईजी भारती अरोड़ा ने मुझे बताया था, जिसके बाद मैने पुरानी एफआईआर खुलवाई हैं। इनकी संख्या करीब 200 है। यह वे एफआईआर हैं, जिन पर तफ्तीश ही शुरू नहीं हुई थी। अब इन लोगों को भी न्याय मिलने की उम्मीद जग गई है।
- अनिल विज, गृह मंत्री, हरियाणा
मानव तस्करी के तहत जमानत नहीं होगी
नई दर्ज होने वाली एफआईआर के तहत पुलिस मानव तस्करी की धाराओं को भी जोड़ेगी, जिससे कबूतरबाजों की जमानत मुश्किल हो जाएगी। पूर्व में लोग थाने के बाहर ऐसे मामलों में समझौता करने का प्रयास करते थे, जो अब संभव नहीं होगा।
हरियाणा के जल जीवन मिशन की सराहना, केंद्रीय जल मंत्री बोले- सभी राज्य यह तरीका अपनाएं
आईजी भारती अरोड़ा ने मुझे बताया था, जिसके बाद मैने पुरानी एफआईआर खुलवाई हैं। इनकी संख्या करीब 200 है। यह वे एफआईआर हैं, जिन पर तफ्तीश ही शुरू नहीं हुई थी। अब इन लोगों को भी न्याय मिलने की उम्मीद जग गई है।
- अनिल विज, गृह मंत्री, हरियाणा