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Punjab: जांच का दायरा बढ़ा तो आशु के खिलाफ कसता गया घेरा, सांसद बिट्टू विजिलेंस अधिकारियों से उलझे

Mon, 22 Aug 2022 10:14 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/जालंधर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/जालंधर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Mon, 22 Aug 2022 10:14 PM IST
सार

भारत भूषण आशु की गिरफ्तारी का कांग्रेस सांसद रवनीत बिट्टू ने कड़ा विरोध किया। बिट्टू और विजिलेंस अधिकारियों के बीच काफी देर तक बहस भी हुई। बहस के बाद रवनीत बिट्टू इस बात पर अड़ गए कि आशु अपनी गाड़ी में ही विजिलेंस के दफ्तर जाएंगे लेकिन विजिलेंस के अधिकारी नहीं माने।

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Punjab vigilance bureau arrests former minister Bharat Bhushan Ashu
भारत भूषण आशु को विजिलेंस ने गिरफ्तार किया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

जांच का दायरा बढ़ते ही विजिलेंस ब्यूरो का घेरा पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु पर कसता गया। आशु पर दो हजार करोड़ के टेंडर घोटाले का आरोप है। आशु जब खाद्य आपूर्ति मंत्री थे तो छोटे ठेकेदारों को नजरअंदाज कर 20-25 लोगों को फायदा पहुंचाया गया। उनके खिलाफ दो हजार करोड़ रुपये के टेंडरों में कथित घोटाले का आरोप है और ठेकेदार यूनियन के आरोप के बाद राज्य विजिलेंस ने इसकी जांच एसएसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी थी। तभी से आशु विजिलेंस के रडार पर थे और धीरे-धीरे वह समय आ गया, जब विजिलेंस के हाथ उन तक पहुंच गए।

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भारत भूषण आशु के कार्यकाल के दौरान पंजाब की करीब 2500 मंडियों में लेबर और ट्रांसपोर्टेशन उपलब्ध करवाने के लिए विभाग ने करीब 700 टेंडरों के रेट डबल कर दिए थे। विजिलेंस को यह बात खटक गई कि छोटे ठेकेदारों को बाहर क्यों किया गया और चंद ठेकेदारों को फायदा क्यों पहुंचाया गया। फिर टेंडर के रेट दोगुने क्यों किये गए ? इस दौरान अधिकारियों के द्वारा पैसे के लेनदेन की प्रबल संभावना जताई जा रही थी।
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जांच का दायरा बढ़ा तो लुधियाना विजिलेंस के कान खड़े हो गए क्योंकि खाद्य आपूर्ति विभाग में गाड़ियों पर फर्जी नंबर लगाकर ट्रांसपोर्ट का ठेका लिया गया था। आशु के नजदीकी ठेकेदार तेलूराम को गिरफ्तार किया गया था। तेलूराम ने पुलिस रिमांड में कई अहम खुलासे किए। ट्रांसपोर्ट टेंडर में कुछ लोगों ने कंपनियों के नाम बदलकर कई-कई जगह ठेके लिए थे, जैसे कि मुल्लांपुर, पायल, रायकोट मंडियों में एक ही ग्रुप के ठेके रहे हैं और कंपनियों के नाम अलग-अलग थे।
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तेलूराम के साथ ही आशु के पीए मीनू पंकज मल्होत्रा पर केस दर्ज हुआ लेकिन वह फरार हो गया। तेलूराम से मीनू पंकज मल्होत्रा के अच्छे संबंध रहे हैं। मीनू विजिलेंस को नहीं मिला तो जांच का दायरा बढ़ाया गया, जिससे आशु पर घेरा कसता गया।

विजिलेंस अफसरों से उलझे बिट्टू
भारत भूषण आशु की गिरफ्तारी का कांग्रेस सांसद रवनीत बिट्टू ने कड़ा विरोध किया। बिट्टू और विजिलेंस अधिकारियों के बीच काफी देर तक बहस भी हुई। बहस के बाद रवनीत बिट्टू इस बात पर अड़ गए कि आशु अपनी गाड़ी में ही विजिलेंस के दफ्तर जाएंगे लेकिन विजिलेंस के अधिकारी नहीं माने।

 
इसके बाद बिट्टू ने अपनी गाड़ी में आशु को ले जाने की पेशकश की लेकिन विजिलेंस के अधिकारी इस पर भी नहीं माने। आखिरकार विजिलेंस की टीम आशू को अपनी गाड़ी में लेकर रवाना हुई, जिसका वीडियो बनाकर रवनीत बिट्टू ने अपने फेसबुक पेज पर अपलोड कर दी। इसमें आशु विजिलेंस अफसरों के घेरे में दिखाई दे रहे हैं।

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