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हरियाणा: ड्रोन पायलटों के लिए स्थापित होगा प्रशिक्षण संस्थान, अलग निगम बनाने वाला पहला राज्य भी बना
Thu, 14 Apr 2022 09:54 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 14 Apr 2022 09:54 PM IST
सार
मुख्यमंत्री को विभिन्न श्रेणियों और सेंसरों के ड्रोन की खरीद से भी अवगत कराया गया। बैठक में बताया गया कि विदेश से ड्रोन के आयात पर लगे प्रतिबंध के कारण खरीद में देरी हुई है।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
- फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
हरियाणा में ड्रोन पायलटों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए ड्रोन इमेजिंग एंड इंफॉर्मेशन सर्विस ऑफ हरियाणा लिमिटेड (दृश्या) के तत्वावधान में एक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया जाएगा। यह संस्थान दृश्या और अन्य संगठनों के कर्मियों की विभिन्न प्रशिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगा।
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यह निर्णय मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में गुरुवार को यहां हुई दृश्या के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की दूसरी बैठक के दौरान लिया गया। हरियाणा यूएवी (मानव रहित हवाई वाहन) संचालित गवर्नेंस एप्लीकेशन को तीव्र गति प्रदान करने के लिए एक अलग निगम बनाने वाला पहला राज्य है।
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मनोहर लाल ने कहा कि दृश्या की स्थापना राज्य में एक अनूठी शुरुआत है, क्योंकि अब ड्रोन की मदद से क्षेत्र के विस्तार का पता लगाने के साथ-साथ अवैध अतिक्रमणों को भी नियंत्रित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को विभिन्न प्रकार के सर्वेक्षण और इमेजिंग कार्य का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा कि राजस्व विभाग के अलावा शहरी स्थानीय निकाय, बिजली, आपदा प्रबंधन, खनन, वन यातायात, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, कृषि जैसे अन्य विभागों में भी ड्रोन का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इससे शहरी क्षेत्रों में मानचित्रण, भूमि रिकॉर्ड, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं, विकास की योजनाओं में मदद मिलेगी।
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मुख्यमंत्री को विभिन्न श्रेणियों और सेंसरों के ड्रोन की खरीद से भी अवगत कराया गया। बैठक में बताया गया कि विदेश से ड्रोन के आयात पर लगे प्रतिबंध के कारण खरीद में देरी हुई है। मुख्य सचिव संजीव कौशल, विद्युत विभाग के एसीएस पीके दास, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी उमाशंकर, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक विकास गुप्ता, दृश्या के सीईओ टीएल सत्यप्रकाश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इनके अलावा, नागरिक उड्डयन विभाग के एसीएस सुधीर राजपाल वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।